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फिरोजाबाद वेब सीरीज घूसखोरी पंडित फिल्म को लेकर फिरोजाबाद श्रवण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार उपाध्याय ने सिटी माय स्टेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा
लक्ष्यसीमा पत्रिका (LSNNEWS)
फिरोजाबाद वेब सीरीज घूसखोरी पंडित फिल्म को लेकर फिरोजाबाद श्रवण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार उपाध्याय ने सिटी माय स्टेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा
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- लखनऊ में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम वॉकर ने मोईद खान रेप केस में बाइज़्ज़त बरी होने के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मोईद खान को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मुसलमान हैं, समाजवादी नेता हैं और अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद की टीम के कोर सदस्य हैं। असीम वॉकर ने आरोप लगाया कि ऐसे कई बेगुनाह मुसलमान आज भी जेलों में बंद हैं। उन्होंने अखिलेश यादव, अवधेश प्रसाद, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, इमरान प्रतापगढ़ी, सैयद नासिर हुसैन और संजय सिंह (AAP) से संसद में Criminal Accountability Law लाने की मांग उठाने की अपील की है।1
- #crime news #savdhan1
- महंगे सोने से परेशान फिरोजाबाद की जनता को मिल गया सस्ता और शानदार विकल्प, अब आर्टिफिशियल ज्वेलरी और चूड़ियां बनीं लोगों की पहली पसंद।1
- मोईद खान रेप केस में बाइज़्ज़त बरी, AIMIM प्रवक्ता असीम वॉकर ने Criminal Accountability Law की मांग1
- आकाशवाणी रोड शाहिद सीमेंट की बराबर वाली गली स्थिति बहुत खराब है काफी समय से नहीं नालियां है ना ही सड़क सही है जिला फिरोजाबाद तहसील फिरोजाबाद नगर निगम3
- नगर निगम फिरोजाबाद पर अवमानना के साए, नए नगर आयुक्त से कर्मचारियों ने लगाई न्याय की गुहार फिरोजाबाद। नगर निगम फिरोजाबाद में कार्यरत समस्त ट्यूबवेल/ऑपरेटर कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लेबर कोर्ट, हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय से लगातार कर्मचारियों के पक्ष में फैसले आने के बावजूद न तो अब तक नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं और न ही बकाया वेतन का भुगतान हुआ है। इस पूरे मामले ने नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- Post by लक्ष्यसीमा पत्रिका (LSNNEWS)1
- फिरोजाबाद में साढ़े पन्द्रह साल पुराने सनसनीखेज पुलिस सब-इंस्पेक्टर हत्याकांड का आखिरकार फैसला आ गया। गोली मारकर हत्या और सरकारी रिवाल्वर लूटने वाले आरोपियों पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई। तीन दोषियों को उम्रकैद और दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई। फैसला सुनते ही सभी दोषियों को जिला कारागार भेज दिया गया। यह फैसला अपराधियों के लिए साफ संदेश है—कानून से कोई नहीं बचेगा।1