उत्तर प्रदेश के अजीतमल में जल निगम विभाग के ठेकेदार की बड़ी लापरवाही के चलते नगर पंचायत क्षेत्र में पानी की सप्लाई लाइन फटी पड़ी है। अजीतमल ब्लॉक रोड पर स्थित सरकारी कॉलोनी में यह लीकेज लगातार पानी भर रहा है, जिससे रास्ते पर जलभराव हो रहा है और स्थानीय जनता को धूप में दौड़-दौड़कर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद, जल निगम विभाग के कर्मचारी 'आजकल' का बहाना बनाकर आराम फरमा रहे हैं, जबकि ठेकेदार के कर्मचारी भी पंखे में लेटे हुए हैं। यह आरोप लगाया गया है कि जल निगम विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों को नहीं मानता और प्रदेश के मुखिया के आदेशों को भी 'ताक पर' रख रहा है। शिकायतें दर्ज होने पर भी अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती और उन्हें 'ठन्डे वास्ते' में डाल दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर गौरव सिंह की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि आखिर कब इन समस्याओं की सुनवाई होगी और कब अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि यह पूरी योजना 'राम भरोसे' चल रही है।
उत्तर प्रदेश के अजीतमल में जल निगम विभाग के ठेकेदार की बड़ी लापरवाही के चलते नगर पंचायत क्षेत्र में पानी की सप्लाई लाइन फटी पड़ी है। अजीतमल ब्लॉक रोड पर स्थित सरकारी कॉलोनी में यह लीकेज लगातार पानी भर रहा है, जिससे रास्ते पर जलभराव हो रहा है और स्थानीय जनता को धूप में दौड़-दौड़कर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद, जल निगम विभाग के कर्मचारी 'आजकल' का बहाना बनाकर आराम फरमा रहे हैं, जबकि ठेकेदार के कर्मचारी भी पंखे में लेटे
हुए हैं। यह आरोप लगाया गया है कि जल निगम विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों को नहीं मानता और प्रदेश के मुखिया के आदेशों को भी 'ताक पर' रख रहा है। शिकायतें दर्ज होने पर भी अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती और उन्हें 'ठन्डे वास्ते' में डाल दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर गौरव सिंह की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि आखिर कब इन समस्याओं की सुनवाई होगी और कब अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि यह पूरी योजना 'राम भरोसे' चल रही है।
- उत्तर प्रदेश के अजीतमल में जल निगम विभाग के ठेकेदार की बड़ी लापरवाही के चलते नगर पंचायत क्षेत्र में पानी की सप्लाई लाइन फटी पड़ी है। अजीतमल ब्लॉक रोड पर स्थित सरकारी कॉलोनी में यह लीकेज लगातार पानी भर रहा है, जिससे रास्ते पर जलभराव हो रहा है और स्थानीय जनता को धूप में दौड़-दौड़कर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद, जल निगम विभाग के कर्मचारी 'आजकल' का बहाना बनाकर आराम फरमा रहे हैं, जबकि ठेकेदार के कर्मचारी भी पंखे में लेटे हुए हैं। यह आरोप लगाया गया है कि जल निगम विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों को नहीं मानता और प्रदेश के मुखिया के आदेशों को भी 'ताक पर' रख रहा है। शिकायतें दर्ज होने पर भी अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती और उन्हें 'ठन्डे वास्ते' में डाल दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर गौरव सिंह की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि आखिर कब इन समस्याओं की सुनवाई होगी और कब अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि यह पूरी योजना 'राम भरोसे' चल रही है।2
- श्रीधाम वृन्दावन धाम से जुड़ीं तनु ब्रजवासी के मुखारबिंद से भक्तों ने कथा का रसपान किया।1
- औरैया में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्थानीय पहचान की एक अनूठी छवि देखने को मिली। इस आयोजन स्थल पर पेयजल व्यवस्था के लिए विशेष रूप से मिट्टी के मटकों का उपयोग किया गया, जिन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन मटकों पर देश की प्रमुख नदियों के नाम अंकित किए गए थे, जिनमें चंबल, क्वारी, गंगा, यमुना, सरयू, गोदावरी, मंदाकनी, सेंगुर और कावेरी जैसे कई नाम शामिल थे, जो इस कार्यक्रम की खास पहचान बन गए। पारंपरिक शैली में सजाए गए ये मटके न केवल लोगों को भारतीय संस्कृति का अनुभव करा रहे थे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी से जुड़े भारतीय जीवन मूल्यों का भी संदेश दे रहे थे। भीषण गर्मी के बीच प्रशिक्षण वर्ग में आए कार्यकर्ताओं और अतिथियों के लिए इन्हीं मिट्टी के मटकों से शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई, जिसका ठंडा पानी लोगों को बहुत पसंद आया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक समय में भी पारंपरिक व्यवस्थाओं को अपनाना भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का एक सुंदर प्रयास है। कार्यक्रम स्थल पर लोगों को मटकों के साथ तस्वीरें खिंचवाते हुए भी देखा गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय सभ्यता, नदियों के महत्व और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। कुल मिलाकर, इस पूरे कार्यक्रम में पारंपरिक भारतीय संस्कृति और स्थानीय पहचान का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने सभी उपस्थित लोगों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ी।1
- इटावा जिले के एसपी महोदय ने जनता को जनगणना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि इटावा जिले की सभी जनता अपनी जनगणना स्वयं कर सकती है।1
- गुरुवार रात करीब 8:50 बजे औरैया नगर में संजय गेट से सुभाष चौक तक भयंकर जाम लग गया। इस भीषण जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे 1 से 2 एंबुलेंस भी बीच रास्ते में फंस गईं और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इस भारी जाम का मुख्य कारण बढ़ते अतिक्रमण और सड़क किनारे गलत तरीके से खड़े किए गए वाहनों को बताया। सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुँची और काफी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य कराया गया।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में कोलकाता में बकरीद के दौरान दोपहर 12:30 बजे सड़क के नज़ारे को लेकर एक विचारोत्तेजक सवाल उठाया गया है। यह पोस्ट पूछता है कि 2025 की बकरीद पर कोलकाता का नज़ारा कैसा था और 2026 में उसी समय और उसी सड़क का नज़ारा कैसा होगा। पोस्ट इस परिवर्तन को सीधे मतदाताओं से जोड़ते हुए ज़ोर देता है कि 'आपका एक वोट फर्क ला सकता है!' और पाठकों से इस संदेश को साझा करने का आग्रह करता है।1
- आज कानपुर-इटावा हाईवे पर मिहोली के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दौरान एक तेज रफ्तार डंपर ने हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हादसे में यातायात दरोगा दिनेश भदौरिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया है।1
- औरैया के अजीतमल स्थित बाबरपुर के हनुमान नगर, खेतुपुर रोड पर प्राचीन हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण के तृतीय दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया। कथा वाचिका तनु ब्रजवासी श्रीधाम वृन्दावन धाम के मुखारविंद से भक्तों ने भक्ति और ज्ञान की अमृत वर्षा का आनंद प्राप्त किया। इस भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हनुमान मंदिर के महंत बाबा द्वारा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और क्षेत्र में धर्म-संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। तृतीय दिवस की कथा में तनु ब्रजवासी श्रीधाम वृन्दावन धाम की ओर से भगवान शिव-पार्वती जी की एक मनमोहक झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसका सौभाग्य श्रद्धालुओं को मिला। कथा के दौरान तनु ब्रजवासी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सभी माताएं, बहनें और पिता समान बुजुर्ग मन व हृदय से कथा का रसपान करते हैं, तो उन्हें ठाकुर जी महाराज के दर्शन का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि कथा में श्रद्धा भाव से किया गया नृत्य चौरासी कोस की परिक्रमा के समान पुण्य फल प्रदान करता है।1