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✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”* *साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी। 🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया। महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी। महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। ✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”* *साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी। 🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया। महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी। महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

5 hrs ago
user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
JOURNALIST RIPPU PANDEY
Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”* *साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी। 🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया। महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी। महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। ✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”* *साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी। 🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया। महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी। महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

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  • ✍️.रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️...........।.........रीवा के शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप हैरान रह जायेंगे। यहां पर अस्पताल की ड्यूटी में मौजूद महिला सुरक्षा कर्मी दीक्षा मिश्रा ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल में वीडियो देखने में मस्त है। एक तरफ मरीज के परिजन अस्पताल के अंदर बाहर आ जा रहे है, वहीं किसी मरीज की मौत भी हो जाती है, उसके परिजन वहां रो रहे होते है, लेकिन महिला सुरक्षा कर्मी को इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता, वो मोबाइल देखने में मस्त है। पत्रकारों के अस्पताल में जाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है, दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारी अपनी ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल चलाने में व्यस्त है। शायद इन्हीं सब कमियों को पत्रकार उजागर न कर दे, इसलिए पत्रकारों के अस्पताल आने पर प्रतिबंध लगाए जाते है। ✍️.रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️...........।.........रीवा के शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप हैरान रह जायेंगे। यहां पर अस्पताल की ड्यूटी में मौजूद महिला सुरक्षा कर्मी दीक्षा मिश्रा ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल में वीडियो देखने में मस्त है। एक तरफ मरीज के परिजन अस्पताल के अंदर बाहर आ जा रहे है, वहीं किसी मरीज की मौत भी हो जाती है, उसके परिजन वहां रो रहे होते है, लेकिन महिला सुरक्षा कर्मी को इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता, वो मोबाइल देखने में मस्त है। पत्रकारों के अस्पताल में जाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है, दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारी अपनी ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल चलाने में व्यस्त है। शायद इन्हीं सब कमियों को पत्रकार उजागर न कर दे, इसलिए पत्रकारों के अस्पताल आने पर प्रतिबंध लगाए जाते है।
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    ✍️.रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️...........।.........रीवा के शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप हैरान रह जायेंगे। यहां पर अस्पताल की ड्यूटी में मौजूद महिला सुरक्षा कर्मी दीक्षा मिश्रा ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल में वीडियो देखने में मस्त है। एक तरफ मरीज के परिजन अस्पताल के अंदर बाहर आ जा रहे है, वहीं किसी मरीज की मौत भी हो जाती है, उसके परिजन वहां रो रहे होते है, लेकिन महिला सुरक्षा कर्मी को इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता, वो मोबाइल देखने में मस्त है। पत्रकारों के अस्पताल में जाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है, दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारी अपनी ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल चलाने में व्यस्त है। शायद इन्हीं सब कमियों को पत्रकार उजागर न कर दे, इसलिए पत्रकारों के अस्पताल आने पर प्रतिबंध लगाए जाते है।
✍️.रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️...........।.........रीवा के शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप हैरान रह जायेंगे। यहां पर अस्पताल की ड्यूटी में मौजूद महिला सुरक्षा कर्मी दीक्षा मिश्रा ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल में वीडियो देखने में मस्त है। एक तरफ मरीज के परिजन अस्पताल के अंदर बाहर आ जा रहे है, वहीं किसी मरीज की मौत भी हो जाती है, उसके परिजन वहां रो रहे होते है, लेकिन महिला सुरक्षा कर्मी को इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता, वो मोबाइल देखने में मस्त है। पत्रकारों के अस्पताल में जाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है, दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारी अपनी ड्यूटी करने के बजाए मोबाइल चलाने में व्यस्त है। शायद इन्हीं सब कमियों को पत्रकार उजागर न कर दे, इसलिए पत्रकारों के अस्पताल आने पर प्रतिबंध लगाए जाते है।
    user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
    JOURNALIST RIPPU PANDEY
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 🚨 रीवा में भीषण ट्रैफिक जाम! धोबिया टंकी से अस्पताल चौराहा तक लगा लंबा जाम ⚠️ रोज लग रही वाहनों की कतार, जनता परेशान! आखिर कब सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था? पत्रकार पंडित विकास 🚨 रीवा में भीषण ट्रैफिक जाम! धोबिया टंकी से अस्पताल चौराहा तक लगा लंबा जाम ⚠️ रोज लग रही वाहनों की कतार, जनता परेशान! आखिर कब सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था? पत्रकार पंडित विकास
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    🚨 रीवा में भीषण ट्रैफिक जाम!
धोबिया टंकी से अस्पताल चौराहा तक लगा लंबा जाम
⚠️ रोज लग रही वाहनों की कतार, जनता परेशान!
आखिर कब सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था?
पत्रकार पंडित विकास
🚨 रीवा में भीषण ट्रैफिक जाम!
धोबिया टंकी से अस्पताल चौराहा तक लगा लंबा जाम
⚠️ रोज लग रही वाहनों की कतार, जनता परेशान!
आखिर कब सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था?
पत्रकार पंडित विकास
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *कल्पना के पिता को घसीटकर हटाने पर भड़के अभय मिश्रा,बोले अब जनता तय करेगी अगला कदम!* *15 दिन से न्याय के लिए आमरण अनशन, पुलिस कार्रवाई पर विधायक का आरोप ‘सत्ता के इशारे पर शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर अत्याचार’* *गुरुवार सुबह 11 बजे धरना स्थल पर जुटने की अपील, जनता की राय के बाद तय होगी आगे की रणनीति* रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे मृतका कल्पना मिश्रा के पिता और अन्य अनशनकारियों को पुलिस द्वारा धरना स्थल से हटाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने इस कार्रवाई को लेकर आमजन से संघर्ष में साथ खड़े होने की अपील की है। अभय मिश्रा ने कहा कि कल्पना मिश्रा के लाचार पिता अपनी बेटी और पोते के साथ हुई कथित अमानवीय घटना के खिलाफ पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका उद्देश्य केवल अपनी बेटी और पोते के लिए न्याय मांगना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटना किसी और बेटी या नवजात के साथ न हो। *‘सत्ता के इशारे पर घसीटकर उठाया’* विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आज सत्ता के इशारे पर अनशनरत कल्पना के पिता को घसीटकर धरना स्थल से हटा दिया। उन्होंने दावा किया कि धरना स्थल पर मौजूद शांतिपूर्ण लोगों के साथ भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। *‘चुप रहे तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाएंगी’* अभय मिश्रा ने जनता से सवालिया अंदाज में अपील की कि यदि आज इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में घुटने टेकने का सवाल ही नहीं है और जनता का समर्थन ही इस संघर्ष की ताकत है। *कल 11 बजे धरना स्थल पर जुटेगी जनता* विधायक ने आमजन से गुरुवार सुबह 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां जनता की राय और सुझाव लिए जाएंगे और उनके मशविरे के बाद ही आगे का कदम तय किया जाएगा। उन्होंने रीवा की जनता से अपील करते हुए कहा कि कल्पना मिश्रा के पिता के न्याय की लड़ाई में अपना समर्थन बनाए रखें और बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचें। अब सवाल यह है कि 15 दिन से चल रहे इस आंदोलन के बाद पुलिस कार्रवाई से मामला शांत होगा या जनता की बैठक के बाद आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश करेगा?
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    *कल्पना के पिता को घसीटकर हटाने पर भड़के अभय मिश्रा,बोले अब जनता तय करेगी अगला कदम!*
*15 दिन से न्याय के लिए आमरण अनशन, पुलिस कार्रवाई पर विधायक का आरोप ‘सत्ता के इशारे पर शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर अत्याचार’*
*गुरुवार सुबह 11 बजे धरना स्थल पर जुटने की अपील, जनता की राय के बाद तय होगी आगे की रणनीति*

रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे मृतका कल्पना मिश्रा के पिता और अन्य अनशनकारियों को पुलिस द्वारा धरना स्थल से हटाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने इस कार्रवाई को लेकर आमजन से संघर्ष में साथ खड़े होने की अपील की है।
अभय मिश्रा ने कहा कि कल्पना मिश्रा के लाचार पिता अपनी बेटी और पोते के साथ हुई कथित अमानवीय घटना के खिलाफ पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका उद्देश्य केवल अपनी बेटी और पोते के लिए न्याय मांगना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटना किसी और बेटी या नवजात के साथ न हो।
*‘सत्ता के इशारे पर घसीटकर उठाया’*
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आज सत्ता के इशारे पर अनशनरत कल्पना के पिता को घसीटकर धरना स्थल से हटा दिया। उन्होंने दावा किया कि धरना स्थल पर मौजूद शांतिपूर्ण लोगों के साथ भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। 
*‘चुप रहे तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाएंगी’*
अभय मिश्रा ने जनता से सवालिया अंदाज में अपील की कि यदि आज इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में घुटने टेकने का सवाल ही नहीं है और जनता का समर्थन ही इस संघर्ष की ताकत है।
*कल 11 बजे धरना स्थल पर जुटेगी जनता*
विधायक ने आमजन से गुरुवार सुबह 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां जनता की राय और सुझाव लिए जाएंगे और उनके मशविरे के बाद ही आगे का कदम तय किया जाएगा।
उन्होंने रीवा की जनता से अपील करते हुए कहा कि कल्पना मिश्रा के पिता के न्याय की लड़ाई में अपना समर्थन बनाए रखें और बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचें।
अब सवाल यह है कि 15 दिन से चल रहे इस आंदोलन के बाद पुलिस कार्रवाई से मामला शांत होगा या जनता की बैठक के बाद आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश करेगा?
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Rewa एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं पूर्व टीआरएस महाविद्यालय अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा बेहोश Rewa एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं पूर्व टीआरएस महाविद्यालय अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा बेहोश
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    Rewa एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं पूर्व टीआरएस महाविद्यालय अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा बेहोश
Rewa एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं पूर्व टीआरएस महाविद्यालय अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा बेहोश
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 1912 में कई बार कंप्लेंट कर चुका हूं उसमें भी कोई कार्य नहीं किया जाता है और उनकी पूरी की जाती है और अधिकारी अफसर की सुनी जाती है कंज्यूमर की कोई सुनवाई नहीं होती
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    1912 में कई बार कंप्लेंट कर चुका हूं उसमें भी कोई कार्य नहीं किया जाता है और उनकी पूरी की जाती है और अधिकारी अफसर की सुनी जाती है कंज्यूमर की कोई सुनवाई नहीं होती
    user_Bindu Patel
    Bindu Patel
    Farmer Gorgaon•
    3 hrs ago
  • सतना में अवैध शराब की बिक्री के आरोप,कई गांवों में बेखौफ चल रहे अवैध आहाते, सिंडिकेट के आगे सतना शहर की पुलिस व आबकारी पुलिस कार्यवाही में हो रही है फेल सतना जिले में अवैध शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं, शहर से लगे स्थानीय लोगों के अनुसार कोलगवां थाना अंतर्गत बाबूपुर चौकी क्षेत्र के कई गांवों में कथित तौर पर अवैध आहाते संचालित हो रहे हैं, जहां खुलेआम शराब का सेवन कराया जा रहा है,ग्रामीणों का आरोप है कि बराज गांव में मनमाने तरीके से शराब की बिक्री की जा रही है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों द्वारा शराब में मिलावट किए जाने की भी शिकायत सामने आ रही है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल आबकारी नियमों का उल्लंघन है,बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है,पुलिस,प्रशासन की,कार्यप्रली पर सवाल,ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में कथित अवैध शराब कारोबार लंबे समय से चल रहा है,लेकिन प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है,जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई,मिलावटी शराब की शिकायत बेहद गंभीर है। इसलिए संबंधित पुलिस एवं आबकारी विभाग को मौके पर जांच कर शराब के नमूने लेने और अवैध आहातों की वैधानिक जांच करने की आवश्यकता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए,अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायतों पर पुलिस और आबकारी विभाग कब तक कार्रवाई करता है और बराज सहित बाबूपुर चौकी क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार पर रोक कब लगती है,या की सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रह जाएगी।
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    सतना में अवैध शराब की बिक्री के आरोप,कई गांवों में बेखौफ चल रहे अवैध आहाते, सिंडिकेट के आगे सतना शहर की पुलिस व आबकारी पुलिस कार्यवाही में हो रही है फेल
सतना जिले में अवैध शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं, शहर से लगे स्थानीय लोगों के अनुसार कोलगवां थाना अंतर्गत बाबूपुर चौकी क्षेत्र के कई गांवों में कथित तौर पर अवैध आहाते संचालित हो रहे हैं, जहां खुलेआम शराब का सेवन कराया जा रहा है,ग्रामीणों का आरोप है कि बराज गांव में मनमाने तरीके से शराब की बिक्री की जा रही है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों द्वारा शराब में मिलावट किए जाने की भी शिकायत सामने आ रही है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल आबकारी नियमों का उल्लंघन है,बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है,पुलिस,प्रशासन की,कार्यप्रली पर सवाल,ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में कथित अवैध शराब कारोबार लंबे समय से चल रहा है,लेकिन प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है,जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई,मिलावटी शराब की शिकायत बेहद गंभीर है। इसलिए संबंधित पुलिस एवं आबकारी विभाग को मौके पर जांच कर शराब के नमूने लेने और अवैध आहातों की वैधानिक जांच करने की आवश्यकता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए,अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायतों पर पुलिस और आबकारी विभाग कब तक कार्रवाई करता है और बराज सहित बाबूपुर चौकी क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार पर रोक कब लगती है,या की सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रह जाएगी।
    user_पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *रीवा में विधायक का ये हाल!* *रीवा में न्याय मांगने का सफर भी गजब है साहब... पहले पिता अस्पताल, फिर विधायक गिरफ्तार!* सिरमौर चौराहे पर न्याय की आवाज उठाने पहुंचे सेमरिया विधायक अभय मिश्रा को रीवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा पिछले 15 दिनों से न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। कल पुलिस उन्हें धरना स्थल से अस्पताल ले गई, और अब इसी मामले में विधायक जी भी पुलिस की मेहमाननवाजी में पहुंच गए! अब सवाल ये है कि न्याय की फाइल कब खुलेगी या फिर गिरफ्तारी और अस्पताल के चक्कर में ही मामला चलता रहेगा? *रीवा में विधायक का ये हाल!* *रीवा में न्याय मांगने का सफर भी गजब है साहब... पहले पिता अस्पताल, फिर विधायक गिरफ्तार!* सिरमौर चौराहे पर न्याय की आवाज उठाने पहुंचे सेमरिया विधायक अभय मिश्रा को रीवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा पिछले 15 दिनों से न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। कल पुलिस उन्हें धरना स्थल से अस्पताल ले गई, और अब इसी मामले में विधायक जी भी पुलिस की मेहमाननवाजी में पहुंच गए! अब सवाल ये है कि न्याय की फाइल कब खुलेगी या फिर गिरफ्तारी और अस्पताल के चक्कर में ही मामला चलता रहेगा?
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    *रीवा में विधायक का ये हाल!*

*रीवा में न्याय मांगने का सफर भी गजब है साहब... पहले पिता अस्पताल, फिर विधायक गिरफ्तार!*

सिरमौर चौराहे पर न्याय की आवाज उठाने पहुंचे सेमरिया विधायक अभय मिश्रा को रीवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा पिछले 15 दिनों से न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। कल पुलिस उन्हें धरना स्थल से अस्पताल ले गई, और अब इसी मामले में विधायक जी भी पुलिस की मेहमाननवाजी में पहुंच गए! अब सवाल ये है कि न्याय की फाइल कब खुलेगी या फिर गिरफ्तारी और अस्पताल के चक्कर में ही मामला चलता रहेगा? 

 
*रीवा में विधायक का ये हाल!*
*रीवा में न्याय मांगने का सफर भी गजब है साहब... पहले पिता अस्पताल, फिर विधायक गिरफ्तार!*
सिरमौर चौराहे पर न्याय की आवाज उठाने पहुंचे सेमरिया विधायक अभय मिश्रा को रीवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा पिछले 15 दिनों से न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। कल पुलिस उन्हें धरना स्थल से अस्पताल ले गई, और अब इसी मामले में विधायक जी भी पुलिस की मेहमाननवाजी में पहुंच गए! अब सवाल ये है कि न्याय की फाइल कब खुलेगी या फिर गिरफ्तारी और अस्पताल के चक्कर में ही मामला चलता रहेगा?
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”* *साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी। 🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया। महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी। महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। ✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”* *साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी। 🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया। महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी। महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
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    ✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”*

*साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी।

🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया।

महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी।

महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
✍️*रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️.।“महिला स्व सहायता समूहों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”*
*साझा चूल्हा एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें रखीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी।
🔥रीवा। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित साझा चूल्हा योजना एवं टीएचआर व्यवस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा गया।
महिला स्व सहायता समूहों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने में महिला स्व सहायता समूह और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद राशि एवं खाद्यान्न के भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में रसोइयों के मानदेय को साझा चूल्हा योजना की लागत से अलग करने, मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने, साझा चूल्हा योजना की राशि एवं खाद्यान्न का समय पर भुगतान करने तथा टीएचआर का खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही संख्या के आधार पर 100 प्रतिशत उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
इसके साथ ही महिला समूहों ने टीएचआर की राशि एवं खाद्यान्न माह पूर्ण होते ही तत्काल जारी करने, शासन एवं विभागीय आदेशों की प्रतियां सभी समूहों को उपलब्ध कराने, खाद्यान्न उठाव एवं परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने तथा पूर्व से लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग रखी।
महासंघ ने प्रशासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का निराकरण निर्धारित समय तक नहीं किया जाता है, तो 15 सितंबर 2026 से महिला समूह एवं रसोइयां काम बंद हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन एवं पोषण आहार व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अब देखना होगा कि महिला स्व सहायता समूहों की इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
    JOURNALIST RIPPU PANDEY
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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