अयोध्या नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है, जिसने कथित भ्रष्टाचार और दलाली के खेल का खुलासा किया है। एक वायरल वीडियो में निगम के कर्मचारियों को प्रमाण पत्र जारी करने के बदले पैसे लेते हुए देखा जा रहा है। आरोप है कि वसूली गई इन रकमों को गड्डियों के रूप में एकत्र करके रखा जा रहा है। वायरल वीडियो के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही है, वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवा के लिए भी परिजनों से पैसे वसूले जा रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को दलालों और कर्मचारियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती और डिजिटल हस्ताक्षर में जानबूझकर देरी की जाती है। इस वायरल वीडियो के बाद नगर निगम प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की नजर शासन और प्रशासन पर टिकी है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाती है या नहीं और दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
अयोध्या नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है, जिसने कथित भ्रष्टाचार और दलाली के खेल का खुलासा किया है। एक वायरल वीडियो में निगम के कर्मचारियों को प्रमाण पत्र जारी करने के बदले पैसे लेते हुए देखा जा रहा है। आरोप है कि वसूली गई इन रकमों को गड्डियों के रूप में एकत्र करके रखा जा रहा है। वायरल वीडियो के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही है, वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवा के लिए भी परिजनों से पैसे वसूले जा रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को दलालों और कर्मचारियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती और डिजिटल हस्ताक्षर में जानबूझकर देरी की जाती है। इस वायरल वीडियो के बाद नगर निगम प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की नजर शासन और प्रशासन पर टिकी है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाती है या नहीं और दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
- अयोध्या में स्थापित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण आकर्षण के तौर पर उभर रहा है। संग्रहालय के संस्थापक और प्रसिद्ध वैक्स कलाकार सुनील कंडल्लूर ने बताया कि यह म्यूजियम उनकी एक स्वप्न परियोजना है, जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। सुनील्स वैक्स म्यूजियम की शुरुआत वर्ष 2005 में कन्याकुमारी में हुई थी, जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों और विभिन्न प्रसिद्ध हस्तियों की जीवंत और वास्तविक आकार की मोम प्रतिमाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद वर्ष 2010 में लोनावाला में एक नई शाखा स्थापित की गई, जहाँ वर्तमान में लगभग 100 मोम प्रतिमाएँ मौजूद हैं। बाद में तिरुवनंतपुरम में भी एक वैक्स म्यूजियम खोला गया, जो प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के निकट स्थित है। अयोध्या में स्थित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम में फिलहाल लगभग 40 प्रतिमाएँ प्रदर्शित हैं। संग्रहालय प्रबंधन की योजना भविष्य में इस संख्या को बढ़ाकर 200 तक करने की है, जिससे रामायण काल की घटनाओं और पात्रों को और भी व्यापक रूप में प्रस्तुत किया जा सके। संग्रहालय के शिल्पकार और कलाकार सुनील कंडल्लूर वर्ष 2001 से वैक्स मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। एक स्व-शिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने भारत में वैक्स मॉडलिंग को नई पहचान दिलाई और देश का पहला वैक्स म्यूजियम स्थापित करने का गौरव हासिल किया। अब तक वे 400 से अधिक मोम प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं, जो उनकी कला, मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में यह संग्रहालय अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।2
- अयोध्या में स्थापित रामायण वैक्स म्यूजियम अब भक्तों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहाँ रामायण के विभिन्न पात्रों को मोम की प्रतिमाओं के माध्यम से सजीव और जीवंत रूप दिया गया है। यह पूरा कार्य शिल्पकार सुनील कंडलूर की 'स्वप्न परियोजना' का हिस्सा है, जिन्होंने इस म्यूजियम को मूर्त रूप दिया है। शिल्पकार सुनील कंडलूर का अनुभव व्यापक है, और उन्होंने इससे पहले भी 400 से अधिक वैक्स प्रतिमाएं बनाई हैं। उनकी भविष्य की योजना है कि इस म्यूजियम में कुल 200 प्रतिमाओं को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे यह और भी भव्य और प्रभावशाली अनुभव प्रदान करेगा।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील प्रांगण में शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत भागीपुर के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव का 'विलेन कोड' सही न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि भागीपुर ग्राम पंचायत में 'विलेन कोड' की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इस संबंध में ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार मिल रहे आश्वासनों से परेशान होकर ग्रामीणों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने के लिए तहसील परिसर में धरना दिया। धरने के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गाँव के 'विलेन कोड' की समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान ग्राम प्रधान के साथ सुभाष तिवारी, देवी प्रसाद, शिवा, ऋषि, योगेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित राहत प्रदान करने की गुहार लगाई, वहीं अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए गए कि बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान क्यों नहीं हो सका।1
- आम आदमी पार्टी ने राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय पर 'चंदा चोर' का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने 'राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय चंदा चोर' के पोस्टर प्रदर्शित किए। पार्टी ने प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपकर राम मंदिर ट्रस्ट में हुए कथित घोटाले की जांच कराने की मांग की।2
- आज पूरे भारतवर्ष में पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की जा रही है। इसके साथ ही, देश में तेज गति से गर्मी और लू चल रही है, जिसके मद्देनजर संपूर्ण भारत की जनता से अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने और गर्मी में सावधानी तथा सतर्कता बनाए रखने की खास अपील की गई है। यह रिपोर्ट लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स' के लिए बाराबंकी जिले से दी है।1
- अयोध्या के सिविल लाइन स्थित एक स्थानीय होटल में गोस्वामी समाज सेवा समिति मंडल अयोध्या ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल, पेन किट और फूल-मालाएं देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, प्रदेश सचिव रणजीत गोस्वामी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अटूट लक्ष्य और कठिन परिश्रम से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य को प्राप्त करने और देश, प्रदेश व जिले का नाम रोशन करने का संदेश दिया। समारोह में समिति के जिला अध्यक्ष/जिला प्रभारी एडवोकेट रामकृष्ण गोस्वामी, जिले कमेटी के समस्त पदाधिकारी और प्रदेश कार्यकारिणी के प्रदेश सचिव सहित कई सदस्यों ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, समाज के सदस्य और गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- आज सुबह टाइम्स के संवाददाता लाल चंद सोनी ने बताया है कि उन्हें प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में एक दिव्य, नव्य और अलौकिक अनुभूति का एहसास हो रहा है। उन्होंने देश की जनता से अयोध्याधाम आने का आग्रह किया है ताकि वे भी इस अनुभव को महसूस कर सकें। इसी रिपोर्ट में लाल चंद सोनी ने संपूर्ण भारत वर्ष की जनता से एक खास अपील भी की है। उन्होंने बताया कि इस समय तेज गति से गर्मी और लू चल रही है, जिसके कारण सभी को अपने सेहत का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। गर्मी के मौसम में सावधानी और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। यह रिपोर्ट बाराबंकी जिले से प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। एक पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी खतौनी में दर्ज रकबा वास्तविक भूमि से कम होने के बावजूद प्रशासन जबरन उसकी खड़ी फसल के बीच से चकमार्ग निकलवाने का दबाव बना रहा है। किसान ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ग्राम पातूपुर निवासी शीतला प्रसाद के अनुसार, उनकी खतौनी के गाटा संख्या 1763 एवं 1787 में कुल 192.197 रकबा दर्ज है, लेकिन नक्शा छोटा होने के कारण उन्हें पहले से ही लगभग 60 ईयर भूमि कम मिल रही है। इसके बावजूद प्रशासन उनकी जमीन से चकमार्ग निकालने की कार्रवाई कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात कार्यदिवस अधिकारी रामअचल भारती अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तहसील प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। किसान ने नक्शा दुरुस्तीकरण के लिए सीआरओ न्यायालय में वाद संख्या 1721/2026 दाखिल कर रखा है, और मामला लंबित होने के बावजूद चकमार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसील प्रशासन इस पूरे मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रहा है और कह रहा है कि "खतौनी में रकबा कम है या ज्यादा, इससे प्रशासन का कोई सरोकार नहीं।" पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, पहले उनकी वास्तविक भूमि का निर्धारण किया जाए, और उसके बाद ही चकमार्ग का निर्माण किया जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक चकमार्ग निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और किसानों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रशासन की निष्पक्षता और राजस्व व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। फिलहाल, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- अयोध्या जनपद के रौनाही थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक दंपति पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया है। दिल्ली में रोजगार करने वाले जैनब और उनके पति अर्मान अपनी बुआ के घर अम्बरपुर, रौनाही थाना क्षेत्र में रिश्तेदारी निभाने आए थे, तभी कथित तौर पर दबंगों ने उन्हें घेरकर बेरहमी से पीटा। इस हमले में जैनब को चोटें आईं, जबकि अर्मान ने भी खुद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। खंडासा थाना क्षेत्र के ग्राम कदई कला निवासी जैनब और अर्मान के अनुसार, टीपू उर्फ शफीक समेत अन्य लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें निशाना बनाया और मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद दंपति रौनाही थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रौनाही थाना प्रभारी रतन कुमार शर्मा ने बताया कि महिला को चोट आई है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पीड़ित दंपति ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी बड़ी वारदात से इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।1