टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह वितरण कार्यक्रम जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। इस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी लोगों ने सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी की इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी समय-समय पर शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल
बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह वितरण कार्यक्रम जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। इस वितरण कार्यक्रम के दौरान
विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी लोगों ने सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी की इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत
मिलेगी। गौरतलब है कि सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी समय-समय पर शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
- टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह वितरण कार्यक्रम जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। इस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी लोगों ने सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी की इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी समय-समय पर शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।4
- टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बम्होरी खास में विकास के सरकारी दावे पूरी तरह धरातल पर दम तोड़ रहे हैं। यहाँ जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत की गई नल-जल योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़कर सिर्फ कागजों तक ही सिमट गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार द्वारा लगभग ₹3 करोड़ 19 लाख 28 हजार की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई थी। इसके बावजूद, करीब 4 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और ग्रामीणों के घरों में लगे नलों से आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। गाँव में पानी की विशालकाय टंकी पूरी तरह बनकर तैयार खड़ी है और मुख्य रास्तों पर पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण पूरी योजना अधर में लटकी हुई है। पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण राजू प्रजापति, सुरेंद्र कुशवाहा और कोमल चढ़ार सहित अन्य लोग इस आधुनिक दौर में भी खेतों पर लगे निजी बोरवेलों के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। इसके लिए ग्रामीणों को हर महीने निजी बोरवेल मालिकों को ₹300 की नगद राशि चुकानी पड़ रही है। पानी लाने के लिए लोगों ने खेतों से अपने घरों तक जुगाड़ के प्लास्टिक पाइप का लंबा जाल बिछा रखा है। प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये का आलम यह है कि गाँव की पिछड़ी बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, देवी जी मोहल्ला और मेन रोड जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में तो आज तक नल के कनेक्शन भी नहीं जोड़े गए हैं। इस अधूरी योजना ने ग्रामीणों के सामने एक और नई आफत खड़ी कर दी है। ग्राम पंचायत के सरपंच दाखिराम लोधी ने बताया कि नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार और संबंधित विभाग द्वारा दंग्याना मोहल्ला, ढिमरौला और पिछड़ी बस्ती की अच्छी-भली बनी हुई सीसी सड़कों को बेरहमी से खोद डाला गया और काम अधूरा छोड़कर उन्हें बदहाल हालत में छोड़ दिया गया। बरसात का मौसम शुरू होने के कारण अब इन खुदी हुई सड़कों ने दलदल और कीचड़ का रूप ले लिया है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर और जानलेवा हो गया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और स्थानीय पंचायत विभाग के अधिकारी जमीनी काम करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आक्रोशित करने वाला पहलू जिला प्रशासन की अनदेखी का है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते 3 जून को जिले के संवेदनशील कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने स्वयं बम्होरी खास का दौरा किया था। उस दौरान ग्रामीणों ने उनके समक्ष इस पेयजल किल्लत और खुदी हुई सड़कों की दुर्दशा की समस्या को पुरज़ोर तरीके से रखा था। कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल समाधान के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन इस आदेश के बाद भी पूरा एक महीना (30 दिन) बीत चुका है और विभागों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। सरकारी तंत्र की इस घोर लापरवाही और तानाशाही रवैये को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। बम्होरी खास के ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस योजना को बिना किसी तकनीकी बहानों के अविलंब चालू कर हर घर में पानी की सप्लाई शुरू की जाए, सड़कों का जीर्णोद्धार कराया जाए और कलेक्टर के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।3
- दतिया विधानसभा में पूर्व गृहमंत्री के 'दुख' और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों पर बेहद तीखा और व्यंग्यात्मक तंज कसा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक रील का हवाला देते हुए कहा गया है कि दादा के आंसू थम नहीं रहे हैं और माननीय पूर्व गृहमंत्री जी का यह दुख अब उनसे देखा नहीं जा रहा है। क्षेत्र के विकास की हकीकत पर सीधा हमला बोलते हुए कहा गया है कि दतिया के गांवों का युवा भले ही घोर गरीबी में जिंदगी गुजार रहा हो और उसकी मां को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता हो, लेकिन पूर्व गृहमंत्री जी ने उसे पिस्टल का लाइसेंस जरूर दे दिया है। व्यंग्य के लहजे में लिखा गया है कि इस पिस्टल से महज एक फायर करने से ही दबा-कुचला दलित और आदिवासी व्यक्ति खुद ही उनके घर पर पानी भरने लगता है। इस स्थिति पर गहरी निराशा और कटाक्ष करते हुए लेखक ने कहा है कि इस हकीकत को देखकर उनका दुख भी नहीं रुक रहा है और उनके आंसू भी लगातार बह रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के बाद किला चौक पर आयोजित एक विशाल आमसभा में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मंच पर बेहद भावुक नजर आए और उनके आंसू छलक पड़े। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संकल्प लिया कि वह हर घर जाकर शीश नवाएंगे, हर गांव जाएंगे और भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाएंगे। इस विशाल आमसभा के मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, सांसद संध्या राय, प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री राकेश शुक्ला, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा और पूर्व मंत्री इमरती देवी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा में व्यक्ति नहीं, संगठन सबसे बड़ा होता है और पार्टी का हर कार्यकर्ता संगठन के निर्णय का सम्मान करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सभी मतभेद भुलाकर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाने का आह्वान किया। भाषण के अंतिम क्षणों में डॉ. मिश्रा की आवाज भर्रा गई और आंखें नम हो गईं। उनके द्वारा हर घर शीश नवाने और हर गांव जाकर भाजपा को जिताने की बात कहते ही पूरा किला चौक तालियों और "डॉ. नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद" तथा "भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद" के नारों से गूंज उठा। उन्होंने घोषणा की कि अब वह स्वयं गांव-गांव और घर-घर जाकर पार्टी के पक्ष में जनसंपर्क करेंगे और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे।1
- टीकमगढ़ के पलेरा में एक पटवारी पर भ्रष्टाचार और स्कूल की जमीन पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सपाई अर्धनग्न होकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पटवारी के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए इस कार्रवाई का विरोध किया है।1
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर क्षेत्र के अंतर्गत छिदारा से पुरैनिया भदाररा मार्ग तक डाली जा रही सड़क की मिट्टी दूसरे ही पानी में बहना शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत बनाए जा रहे इस मार्ग पर सड़क डालने का काम किया जा रहा है, लेकिन मात्र दूसरे ही पानी में सड़क की मिट्टी बहने से इसकी खराब हालत सामने आ रही है।1
- टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत अस्तौन में 13 जुलाई को अहिरवार समाज द्वारा एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कइया अहिरवार, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस शोकसभा में ललितपुर से प्रमोद गौतम व राजेंद्र गौतम और टीकमगढ़ से जुगल किशोर बाबूजी, परशुराम, डॉ. मास्टर हन्नाराम अहिरवार (कर्मारई), माते सुदामा, रम्पे माते, चंदूलाल अहिरवार, प्रभु दयाल गौतम, विजय गौतम और अयोध्या प्रसाद सहित बड़ी संख्या में समाजजन और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभा के दौरान समाज सुधार, शिक्षा के महत्व और नई पीढ़ी को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देकर समाज की उन्नति में अपना योगदान देने का आह्वान किया।1
- टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 5 तक के नन्हे विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की ओर प्रेरित करने के लिए निशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह ने अपने कर-कमलों से बच्चों को यह शिक्षण सामग्री प्रदान की, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अनूठी पहल की शुरुआत ग्राम पंचायत बैरवार के सरपंच सुरेंद्र दांगी द्वारा की गई है। कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सरपंच सुरेंद्र दांगी के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल न केवल बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी बल्कि अभिभावकों का भी उत्साह बढ़ाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, बैरवार ग्राम पंचायत शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक विकास के क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है और यह कदम अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।4