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सरसई में नहीं थम रहा मिट्टी का अवैध कारोबार रात भर खदानों में गरज रही जेसीबी और सड़कों पर मिट्टी से लदे ट्रैक्टर हमीरपुर: राठ कोतवाली क्षेत्र के सरसई गांव में नहीं थम रहा मिट्टी का अवैध खनन। रात के अंधेरे में धड़ल्ले से गरज रहा जेसीबी का पंजा, सैकड़ों ट्रैक्टरों में भरकर निकाली जा रही मिट्टी। बिना अनुमति हो रही खुदाई, सड़कों पर दौड़ रहे मिट्टी लदे ट्रैक्टर। पुलिस की नाक के नीचे फलफूल रहा मिट्टी का काला कारोबार। 🚜🚨
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सरसई में नहीं थम रहा मिट्टी का अवैध कारोबार रात भर खदानों में गरज रही जेसीबी और सड़कों पर मिट्टी से लदे ट्रैक्टर हमीरपुर: राठ कोतवाली क्षेत्र के सरसई गांव में नहीं थम रहा मिट्टी का अवैध खनन। रात के अंधेरे में धड़ल्ले से गरज रहा जेसीबी का पंजा, सैकड़ों ट्रैक्टरों में भरकर निकाली जा रही मिट्टी। बिना अनुमति हो रही खुदाई, सड़कों पर दौड़ रहे मिट्टी लदे ट्रैक्टर। पुलिस की नाक के नीचे फलफूल रहा मिट्टी का काला कारोबार। 🚜🚨
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- मौदहा, हमीरपुर। कस्बे के कई इलाकों में खुले और असुरक्षित ट्रांसफार्मर हादसों को खुली दावत दे रहे हैं। बिजली विभाग द्वारा जगह-जगह चबूतरे बनाकर ट्रांसफार्मर तो स्थापित कर दिए गए, लेकिन सुरक्षा के नाम पर न जाली लगाई गई और न ही तारबंदी की गई। ऐसे में ये ट्रांसफार्मर अब आमजन और बेजुबान पशुओं के लिए ‘मौत के ट्रांसफार्मर’ बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले जिन ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित तरीके से रखा गया था, उन्हें उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर खुला और असुरक्षित कर दिया गया। इसका नतीजा यह है कि आए दिन पशु करंट की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। कस्बे के मथुरा मंदिर, उपरौस इमाम चौक, पठान बाबा कब्रिस्तान, ब्लॉक के बगल समेत करीब एक दर्जन स्थानों पर बिना सुरक्षा घेराबंदी के ट्रांसफार्मर रखे हैं। इनकी चपेट में आकर कई बार पशुओं की जान जा चुकी है, बावजूद इसके बिजली विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खुले ट्रांसफार्मरों के आसपास बच्चों और राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक कि उपखंड अधिकारी का फोन तक रिसीव नहीं होता, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी ने बताया कि खुले ट्रांसफार्मरों में जाली लगाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। साथ ही कुछ नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाने हैं, जिनके साथ इन स्थानों पर भी सुरक्षा जाली लगाई जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च माह में ही कार्य शुरू हो सकता है। फिलहाल कस्बे में खुले ट्रांसफार्मर विभागीय लापरवाही की गवाही दे रहे हैं और लोग यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर बिजली विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा क्या?1
- संकल्प और आराधना इंडेन गैस एजेंसी का किया निरीक्षण आराधना गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं ने समय पर गैस न मिलने व टोकन में गड़बड़ी की शिकायत की,प्रशासन ने शुरू की जांच।1
- #Apkiawajdigital फतेहपुर | रविवार, 15 मार्च 2026 गाजीपुर (फतेहपुर)। जनपद के गाजीपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां एक तरफ नशे में धुत दबंग ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ सरेआम बदसलूकी की, वहीं दूसरी ओर यूपी पुलिस ने न्याय देने के बजाय शिकायतकर्ता परिवार के ही 5 सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्या है पूरी घटना? प्राप्त विवरण के अनुसार, शनिवार (14 मार्च) की रात बिझौली निवासी संदीप तिवारी अत्यधिक नशे की हालत में प्रदीप शुक्ला के घर में घुस गया। आरोप है कि संदीप ने घर की महिलाओं के साथ छेड़खानी और अभद्रता की। जब परिवार ने विरोध किया, तो आरोपी ने हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और स्थानीय थाने को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी आरोपी संदीप भारी नशे की स्थिति में पाया गया। मदद मांगने वालों पर ही गिरी गाज हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने पीड़ित महिलाओं के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय, शिकायत करने वाले शुक्ला पक्ष के लोगों को ही हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इस मामले में विकास शुक्ला, विनोद शुक्ला, अभय शुक्ला, सुभाष शुक्ला और कल्लू शुक्ला के विरुद्ध आनन-फानन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों में उबाल, उठ रहे सवाल क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर पुलिस ने वास्तविक अपराधी को संरक्षण क्यों दिया? घर की महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस का यह 'अजीबोगरीब' न्याय क्षेत्रवासियों के गले नहीं उतर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि "जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और अपराधियों के बजाय पीड़ितों को दंडित किया जाए, तो जनता न्याय की गुहार कहां लगाए?" उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग शुक्ला परिवार की महिलाओं ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जांच और बेगुनाह सदस्यों की रिहाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि क्या जिले के आला अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर खाकी की धूमिल होती छवि को बचाते हैं या न्याय यूं ही फाइलों में दबा रहेगा। नोट: इस खबर के प्रकाशित होने के बाद क्षेत्र में पुलिस प्रशासन के प्रति अविश्वास बढ़ा है। विभाग की ओर से अभी तक इस 'एकतरफा' कार्रवाई पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।1
- आज 15 मार्च 2026 को जिला हमीरपुर के मेरापुर अंबेडकर पार्क में मान्यवर आजाद समाज पार्टी काशीराम और भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने कांशीराम जी का जन्मदिन भावपूर्ण तरीके से मनाया। इस अवसर पर बहुजन समाज में हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की शपथ ली गई। कार्यकर्ताओं ने कांशीराम जी के जीवन और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान समाज में व्याप्त भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर बहुजन समाज के हित में काम करने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की शपथ ली। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार रखे और कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।1
- हरीश अब दिल्ली एम्स पहुंच गए हैं। यहां उनके लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम हटाए जाएंगे और उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाएगी। इस देश में कोई भी हरीश को ठीक नहीं कर पाया। उन मां–बाप के लिए बेहद भावुक पल था, जब वो हरीश को आखिरी विदाई दे रहे थे। उन्हें पता था कि हरीश अब कभी उठ खड़े नहीं हो सकते, फिर भी वो 13 साल तक बेड पर उसकी सेवा करते रहे।1
- झांसी के टहरौली थाना क्षेत्र के ग्राम घुरैया में काशी प्रसाद घोष के मकान में अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में घर में बंधी एक भैंस, एक पड़ा और दो बकरियां जलकर खाक हो गईं। साथ ही घर में रखा सामान भी जलकर नष्ट हो गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।1
- मौदहा (हमीरपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौदहा में 21 मार्च से ओपीडी पंजीकरण पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगा। इसके लिए मरीज या तीमारदार सक्रिय मोबाइल नंबर और आधार कार्ड साथ लाएं। मुख्य अधीक्षक ने बताया कि नई प्रणाली लागू होने से मरीजों को लंबी लाइनों से राहत मिलेगी और अस्पताल का रिकॉर्ड डिजिटल एवं सुरक्षित रहेगा। ओपीडी सेवाओं में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी। अस्पताल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि इस व्यवस्था में सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं।1
- मा.कांशीराम जी की जयंती पर सपा के द्वारा बहुजन समाज/ पीडीए दिवस समारोह का हुआ आयोजन।1
- #Apkiawajdigital बड़वानी | शुक्रवार, 13 मार्च 2026 बड़वानी (ब्यूरो): शादियों के सीजन में रसोई गैस की बढ़ती मांग और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच बड़वानी की जिला कलेक्टर जयती सिंह ने एक सख्त और व्यावहारिक रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है, बशर्ते उसका प्रबंधन सही ढंग से किया जाए। वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर कलेक्टर जयती सिंह ने सुझाव दिया कि बड़े आयोजनों और शादियों में जहां भारी मात्रा में ईंधन की खपत होती है, वहां केवल कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर रहने के बजाय इंडक्शन चूल्हों और डीजल भट्टियों के उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल गैस सिलेंडरों पर दबाव कम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सुविधा होगी। रोटी-पराठे और ईंधन की बचत चर्चा के दौरान यह बात भी सामने आई कि जिन व्यंजनों (जैसे तंदूरी रोटी या पराठे) को बनाने में अधिक समय और ईंधन लगता है, उनके स्थान पर कम ईंधन खपत वाले विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के छोटे बदलावों से शादियों के सीजन में होने वाली गैस की किल्लत और कालाबाजारी पर लगाम लगाई जा सकती है। कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर ने गैस वितरकों को कड़ी चेतावनी दी है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस वितरण केंद्रों पर नियमित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम जनता को निर्धारित दर पर ही सिलेंडर मिले। कलेक्टर का संदेश: "जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर्याप्त है। बस हमें इसके विवेकपूर्ण उपयोग और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है ताकि शादियों के सीजन में किसी भी परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।"1