जामताड़ा के श्री राधाबल्लभ सेवा समिति मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बांग्ला भाषा में आयोजित इस दिव्य कथा का श्रवण करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और भक्तिमय वातावरण में भगवान की महिमा का रसपान किया। इस दौरान भागवत कथा सेवक परम पूज्य श्री गुरुदेव श्रीमद् सुब्रत बंद्योपाध्याय महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से श्रीमद्भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की ओर अग्रसर करती है तथा भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का संचार करती है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा, जहाँ श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। आयोजन समिति ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर कथा श्रवण करने की अपील की है।
जामताड़ा के श्री राधाबल्लभ सेवा समिति मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बांग्ला भाषा में आयोजित इस दिव्य कथा का श्रवण करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और भक्तिमय वातावरण में भगवान की महिमा का रसपान किया। इस दौरान भागवत कथा सेवक परम पूज्य श्री गुरुदेव श्रीमद् सुब्रत बंद्योपाध्याय महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से श्रीमद्भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की ओर अग्रसर करती है तथा भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का संचार करती है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा, जहाँ श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। आयोजन समिति ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर कथा श्रवण करने की अपील की है।
- धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) की कार्यकारिणी समिति से बिना किसी पूर्व सूचना, सहमति या त्यागपत्र के हटाए जाने पर सदस्य संतोष सिंह ने गहरा विरोध जताया है। सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा। संतोष सिंह ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें यह जानकारी मिली कि उन्हें कार्यकारिणी समिति के सदस्य पद से हटाकर उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे उन्हें गहरा दुख और निराशा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्वाचन वर्ष 2024 से 2027 के कार्यकाल के लिए तत्कालीन सहायक निर्वाचन पदाधिकारी एवं निर्वाचन पदाधिकारी की देखरेख में विधिवत चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से हुआ था। ऐसे में बिना किसी आधिकारिक सूचना या कारण बताए उन्हें पद से हटाया जाना आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। संतोष सिंह ने अपने आचरण पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और असत्य बताते हुए कहा कि उन्हें न तो कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। उन्होंने डीसीए के अध्यक्ष से एसोसिएशन की गरिमा, संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की ताकि इसे राजनीतिक अखाड़ा बनने से बचाकर केवल क्रिकेट के विकास के लिए समर्पित रखा जा सके। अंत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए सत्य सामने आने का विश्वास जताया।1
- सोमवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक स्थित धरना स्थल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। 'छात्र-युवा आक्रोश दिवस' के बैनर तले इस प्रदर्शन का आयोजन भाकपा (माले), जनता श्रमिक संघ और झारखंड कोयलारी मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। धरने को संबोधित करते हुए झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन, एरिया-7 के सचिव मिथुन यादव ने कहा कि पहले भूख हड़ताल करने वालों की मांगों पर सरकार ध्यान देती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में विभिन्न अनियमितताओं के बावजूद केंद्र सरकार मौन बनी हुई है। भाकपा (माले) के सदस्य हलधर महतो ने कहा कि सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन चल रहा है और धनबाद का यह प्रदर्शन उसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों के हितों की रक्षा करने तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।1
- धनबाद के समग्र विकास की मांगों को लेकर धनबाद विकास मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई है। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 जुलाई 2026 को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा। धनबाद विकास मंच ने स्पष्ट किया है कि यह एक पूर्णतः गैर-राजनीतिक मंच है और यह आंदोलन किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि पूरे धनबाद के विकास का एक जनआंदोलन है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को खुला आमंत्रण दिया गया है। इस महाआंदोलन के तहत क्षेत्र के विकास के लिए कई प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए धनबाद-मुंबई और रांची-धनबाद-कटिहार के लिए दैनिक ट्रेन सेवा शुरू करने, धनबाद-पटना एवं धनबाद-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के साथ-साथ सिलीगुड़ी, बेंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई के लिए भी ट्रेनें देने की मांग की गई है। स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तोपचांची क्षेत्र में धनबाद एयरपोर्ट का शीघ्र निर्माण कराने, एम्स की तर्ज पर आधुनिक अस्पताल और अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना करने, सेंट्रल हॉस्पिटल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने तथा सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग रखी गई है। रोजगार, उद्योग और शहरी विकास को लेकर भी मंच ने विस्तृत मांगें प्रस्तुत की हैं। इनमें हाईटेक स्किल सेंटर और कपड़ा उद्योग की स्थापना, आईटी पार्क को तुरंत चालू करने, कोयला आधारित उद्योगों के संरक्षण, आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कृत्रिम पहाड़ों का समतलीकरण कराने और धनबाद में सोलर प्लांट स्थापित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा IIT-ISM के एक्सटेंशन कार्य में तेजी लाने, धनबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने, रिंग रोड परियोजना का अविलंब समाधान व निर्माण कराने और टीसीएस द्वारा तैयार Comprehensive Mobility Plan को तत्काल लागू करने की मांग की गई है। मंच का स्पष्ट संदेश है कि देश की ऊर्जा राजधानी धनबाद को अब विकास की नई पहचान मिलनी चाहिए और "कोयले की राजधानी अब बने विकास की राजधानी" के नारे के साथ लोगों से इस धरने में जुड़कर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।1
- करोड़ों की लागत से बन रहे नहर पक्कीकरण से किसानों को बड़ा लाभ मिलने वाला है। इस पक्कीकरण कार्य के पूरा होने से किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस परियोजना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें इस विकास कार्य को देखा जा सकता है।1
- जामताड़ा में मौसम ने दस्तक दे दी है, जिसके बाद यहाँ झमाझम बारिश शुरू हो गई है। इस झमाझम बारिश के शुरू होने से पूरा मौसम बेहद सुहाना हो गया है।4
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय ग्रामीण इलाकों में लोगों के बैठने के लिए किस तरह से बेंच का निर्माण किया जाता है।1
- बांका जिले के चांदन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज कोरिया के वार्ड संख्या-08, घोंघा डाबर स्थित सरकारी विद्यालय में बच्चों से नियमित रूप से सफाई कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी उपेन्द्र यादव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस आवेदन की एक प्रति प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, चांदन को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, विद्यालय में बच्चों से नियमित रूप से परिसर की सफाई कराई जाती है। यदि यह कार्य उनकी इच्छा के विरुद्ध या पढ़ाई के समय कराया जा रहा है, तो इससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है जो कि बिल्कुल उचित नहीं है। आवेदन के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि भविष्य में बच्चों से ऐसा कोई जबरन कार्य न कराया जाए और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।1
- झारखंड के निरसा में कोयला चोरों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। यहाँ भाजपा सांसद ढुल्लू महतो के सांसद प्रतिनिधि मधुरेन्द्र गोस्वामी की गाड़ी को कोयला चोरों ने निशाना बनाकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। सोमवार को सांसद प्रतिनिधि के बड़े भाई अपने घर निरसा विद्यासागर कॉलोनी से बच्चों को भमाल अनिमेष मेमोरियल स्कूल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में कोयला चोरों ने कोयले की छल्ली लगाकर रास्ता बंद कर रखा था। जब सांसद प्रतिनिधि के बड़े भाई ने रास्ता देने के लिए कोयला चोरों से वाहन हटाने को कहा, तो वे भड़क गए। आरोप है कि कोयला चोरों ने उनके साथ मारपीट की और गाड़ी को भी पूरी तरह तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय सांसद प्रतिनिधि मधुरेन्द्र गोस्वामी क्षेत्र से बाहर थे और उनके भाई उनकी गाड़ी से बच्चों को स्कूल छोड़ने गए थे। घटना को लेकर सांसद प्रतिनिधि मधुरेन्द्र गोस्वामी ने चिंता जताते हुए कहा कि कोयला चोरों का मनोबल अब बहुत बढ़ गया है और लोग सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी निरसा एसडीपीओ और निरसा थाना प्रभारी को दे दी है और पुलिस से आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3