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जामताड़ा के मिहिजाम में बाइक सवार अपराधियों ने जूते-चप्पल की दुकान पर की फायरिंग, बाल-बाल बचे लोग, लगातार घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल । मिहिजाम में देर रात दुकान पर फायरिंग, दहशत फैली जामताड़ा के मिहिजाम में बाइक सवार अपराधियों ने जूते-चप्पल की दुकान पर की फायरिंग, बाल-बाल बचे लोग, लगातार घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ।
Yogesh Kumar
जामताड़ा के मिहिजाम में बाइक सवार अपराधियों ने जूते-चप्पल की दुकान पर की फायरिंग, बाल-बाल बचे लोग, लगातार घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल । मिहिजाम में देर रात दुकान पर फायरिंग, दहशत फैली जामताड़ा के मिहिजाम में बाइक सवार अपराधियों ने जूते-चप्पल की दुकान पर की फायरिंग, बाल-बाल बचे लोग, लगातार घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ।
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- मिहिजाम में देर रात दुकान पर फायरिंग, दहशत फैली जामताड़ा के मिहिजाम में बाइक सवार अपराधियों ने जूते-चप्पल की दुकान पर की फायरिंग, बाल-बाल बचे लोग, लगातार घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ।1
- #शर्मनाक #बिहार बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां सामंती मानसिकता के दबंगों का इतना खौफ है कि एक महिला के साथ सरेआम छेड़छाड़ और दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दबंगों के डर से कोई खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है। आखिर कब तक ऐसे लोग खुलेआम कानून को चुनौती देते रहेंगे? 👉 प्रशासन से मांग है कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो 👉 पीड़िता को सुरक्षा और न्याय मिले 👉 दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आम जनता का भरोसा कानून से उठ जाएगा। #Nalanda #BiharPolice #महिला_सुरक्षा #Justice1
- धनबाद,भूधसान से सहमे लोग, टांडाबस्ती में विस्थापन की तैयारी तेज।1
- आप देख रहे हैं सत्य समाचारों पर आधारित खबर : अपने समाज को हो क्या गया ? गहन मंथन और चिंतन करने की आवश्यकता , कड़े कानून बनाने की आवश्यकता ।1
- Kuwait में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर बुधवार को Cochin International Airport पहुंचे। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान के हमलों के चलते इन शवों की भारत वापसी में देरी हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस संघर्ष के दौरान कुल 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक अभी भी लापता है।1
- Giridih Jharkhand Whitty bazar1
- कतरास. (प्रेम कुमार). कतरास मारवाड़ी महिला समिति झारखण्ड प्रदेश के नई समिति का पुर्नगठन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ रानी सती दादी मंदिर में किया गया. इस मौके पर नई समिति में अध्यक्ष -प्रियंका चौधरी, उपाध्यक्ष -वीणा राजगढ़िया, सचिव- राखी चौधरी, सह सचिव- अंशु अग्रवाल, कोषाध्यक्ष -मीना अग्रवाल, मिडिया प्रभारी -श्वेता खंडेलवाल मनोनीत की गई. इस मौके पर प्रियंका चौधरी, राखी चौधरी, मीना अग्रवाल, अंशु अग्रवाल, वीणा राजगढ़िया, श्वेता खंडेलवाल, रितु अग्रवाल, संगीता जालान, मीतू अग्रवाल, रूपा डंगाइच, प्रीति सिंघानिया, कविता अग्रवाल इत्यादि मौजूद रही.1
- झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ की जामताड़ा जिला इकाई की अनिश्चितकालीन हड़ताल 21वें दिन भी जारी, स्थायीकरण और ग्रेड पे आधारित मानदेय की मांग को लेकर आंदोलन तेज । संवाददाता/जामताड़ा जामताड़ा: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ जिला जामताड़ा इकाई के बैनर तले मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 21वें दिन भी जारी रही। इस हड़ताल की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नरेश कुमार सिन्हा ने की। कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं और जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि 9 मार्च से तीन दिनों तक सांकेतिक हड़ताल की चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। इसके बाद 12 मार्च से सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं लंबे समय से अनदेखी की जा रही हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। वहीं कर्मचारी राधेश्याम पंडित ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में ग्रेड पे के आधार पर मानदेय तय करना, सभी मनरेगा कर्मियों का स्थायीकरण करना और लंबित मानदेय का जल्द भुगतान करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से ये मांगें लगातार उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारी संघ ने यह भी बताया कि जामताड़ा जिले की 118 पंचायतों में मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल का असर साफ दिख रहा है। मनरेगा योजना के तहत चल रही करीब 15 हजार योजनाएं प्रभावित हो गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है। धरना-प्रदर्शन स्थल पर तरुण कुमार, मेघलाल रजक, तापस मंडल, बिष्णु प्रसाद सोरेन सहित कई मनरेगा कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।1