संत कबीर नगर । जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश के क्रम में आज खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा बायपास खलीलाबाद में स्थित चौरसिया ढाबा, देसी जायका, सिंह ढाबा, भुक्खड़ नाथ रेस्टोरेंट एंड ढाबा, न्यू फैमिली ढाबा एंड रेस्टोरेंट, बिट्टू चिकन बिरयानी, यादव भोजनालय, मद्धेशिया भोजनालय व ओम ढाबा/रेस्टोरेंट का निरीक्षण करते हुए साफ सफाई के साथ भोजन तैयार करने, मीट/मछली का प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल न किया जाने, रेट लिस्ट चस्पा किया जाने, प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण चस्पा किए जाने का निर्देश देते हुए फूड सेफ्टी से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत हेतु फूड कनेक्टिविटी ऐप चस्पा कराये गए। निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि दिए गए निर्देशों का अनुपालन न करने पर संबंधित ढाबा रेस्टोरेंट के मालिकों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य)-2 सतीश कुमार, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय व खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश कुमार व सच्चिदानंद आदि उपस्थित रहे।
संत कबीर नगर । जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश के क्रम में आज खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा बायपास खलीलाबाद में स्थित चौरसिया ढाबा, देसी जायका, सिंह ढाबा, भुक्खड़ नाथ रेस्टोरेंट एंड ढाबा, न्यू फैमिली ढाबा एंड रेस्टोरेंट, बिट्टू चिकन बिरयानी, यादव भोजनालय, मद्धेशिया भोजनालय व ओम ढाबा/रेस्टोरेंट
का निरीक्षण करते हुए साफ सफाई के साथ भोजन तैयार करने, मीट/मछली का प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल न किया जाने, रेट लिस्ट चस्पा किया जाने, प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण चस्पा किए जाने का निर्देश देते हुए फूड सेफ्टी से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत हेतु फूड कनेक्टिविटी ऐप चस्पा कराये गए। निरीक्षण
के दौरान जानकारी दी गई कि दिए गए निर्देशों का अनुपालन न करने पर संबंधित ढाबा रेस्टोरेंट के मालिकों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य)-2 सतीश कुमार, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय व खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश कुमार व सच्चिदानंद आदि उपस्थित रहे।
- 📚 जिलाधिकारी ने वड्डूपुर स्थित डिजिटल लाइब्रेरी का किया निरीक्षण जनपद अम्बेडकर नगर की जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत भवन वड्डूपुर में संचालित डिजिटल लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां अध्ययन कर रही छात्राओं से बातचीत कर उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन सामग्री तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिक्षा और डिजिटल संसाधनों से सशक्त होगा युवा भविष्य। 📖💻1
- गोरखपुर में मा*सूम के ह*या के खिलाफ सड़कों पर अधिवक्ता,सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग....| गोरखपुर में मा*सूम के ह*या के खिलाफ सड़कों पर अधिवक्ता,सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग....|1
- कुशीनगर में तीन बहनों की नाले में डूबने से हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम कुशीनगर में हुए दर्दनाक हादसे ने झकझोर कर रख दिया है, यहां नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के पास तेज बहाव वाले नाले के किनारे खेल रही 3 मासूम बहने अचानक संतुलन खोने से उसमें गिर गई। घटना शुक्रवार शाम 5 बजे गांव के बाहर सिधरिया नाले की पुलिया के पास हुई, वहीं उनका भाई भी खेल रहा था। सपना, शिवानी और कुंजन घर से निकलीं। साथ में भाई प्रियांशु को भी ले गईं। तीनों नाले के पुल पर पहुंचीं। रेलिंग पर पैर लटकाकर बैठ गईं। अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों गहरे नाले में गिर गईं। बहनों को डूबता देखकर प्रियांशु बहनों को बचाने भागा। लेकिन, बहाव तेज होने की वजह से कुछ कर नहीं पाया। बहनों के नाले में गिरता देख भाई चिल्लाने लगा। आसपास कोई नहीं दिखा तो भागकर गांव पहुंचा। लोगों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण भागकर पुलिया के पास पहुंचे, पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब 14 घंटे बाद शनिवार सुबह 7 बजे पुलिया से 3 सौ मीटर दूर तीनों के शव बरामद किए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्चियों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- देवरिया डीएम को ज्ञापन देने गोरखपुर से चलकर पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा की पूरी टीम द्वारा अधिकारी से कई मुद्दों पर मांग किया गया पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा और भारतीय अपना समाज पार्टी द्वारा कई छोटे छोटे संगठन मिलकर एक दूसरे से कदम से कदम मिलाकर 2027 के चुनाव का तैयारी कर रहे हैं इसी बीच इन सब दलों ने मिलकर देवरिया डीएम को कई मुद्दों पर सवाल और कई मांगों को लेकर ज्ञापन सोपा1
- अखिलेश यादव कान खोलकर सुन लें!' Om Prakash Rajbhar Arun Rajbhar Om Prakash Rajbhar Arvind Rajbhar #OPRajbhar #AkhileshYadav #SamajwadiParty #UPPolitics #RajbharStatement #NewsUpdateUPUK #UPNews #PoliticalNews #HindiNews #BreakingNews #BJPvsSP #RajbharAttackOnSP #YogiAdityanath #UPPoliticsNews #PoliticalWar #ViralPoliticalVideo #LatestUPNews #RajbharNews #AkhileshYadavNews #UttarPradeshPolitics #SBSP #AkhileshVsRajbhar #RajbharWarning1
- 🚩 कांवड़ यात्रा को लेकर जनपद अम्बेडकर नगर में तैयारियां पूरी – जिलाधिकारी ईशा प्रिया श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी ईशा प्रिया एवं पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने कांवड़ मार्गों, प्रमुख शिवालयों और घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन तथा चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। जनपद में 78 सेक्टर और 9 विशेष स्टैटिक सेक्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक सेक्टर में मजिस्ट्रेट की तैनाती, कंट्रोल रूम की स्थापना, घाटों पर गोताखोर, सीसीटीवी निगरानी, एम्बुलेंस, मेडिकल टीम तथा कांवड़ियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। हर हर महादेव! 🚩🔱1
- महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: पुरानी बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, गंभीर चोटों को भी मामूली धाराओं में दबाने का आरोप महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। तहरीर बदलवाने का गंभीर आरोप: पीड़िताओं का दावा, थाने पर पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर और संगीन मामले को किया हल्का। तहसील समाधान दिवस में पहुंचा पीड़िताओं का दर्द: न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में BNS की धारा 109 बढ़ाने की उठी जोरदार मांग। बस्ती: जनपद के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासे चर्चा और सवालों के घेरे में है। यहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को शायद यह नहीं पता होगा कि खाकी के दरबार में न्याय की परिभाषा अब दर्द और सबूतों की गंभीरता से नहीं, बल्कि शायद किसी और पैमाने पर तय होती है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के महुडर गांव का है, जहां जमीन विवाद के खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस की मेहरबानी से संगीन मामले को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई। क्या है पूरा मामला? बीती 29 जुलाई को शाम 4:00 बजे महुडर गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। यह मारपीट इतनी उग्र थी कि इसमें एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला का हाथ तक टूट गया। खून से लथपथ और दर्द से कराहती ये महिलाएं जब न्याय की आस लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, तो पुलिस का रवैया देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िताओं का सीधा आरोप है कि थाने पर उनसे जबरन तहरीर बदलवाई गई और इतनी भीषण मारपीट व गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को बचाने का खुला रास्ता तैयार कर दिया। तहसील समाधान दिवस में गूंजा दर्द, न्याय की गुहार थानों से नाउम्मीद होने के बाद पीड़ित महिलाएं अपनी टूटी हड्डियों और सिर पर लगे गंभीर जख्मों को लेकर तहसील समाधान दिवस पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित पक्ष की साफ और दो टूक मांग है कि मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में महज औपचारिकता निभाने वाली धाराओं के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (प्रयास या ऐसी चोट जो मृत्यु का कारण बन सके) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि आरोपियों को उनके किए की सही सजा मिल सके। तीखा सवाल: क्या खाकी के लिए इंसानियत के दर्द के कोई मायने नहीं? यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाती है— क्या पुरानी बस्ती थाने की पुलिस किसी बड़े दबाव में काम कर रही है? क्या एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूटना और 8 महिलाओं के सिर फटना पुलिस की नजर में 'मामूली बात' है? अगर थाने की चौखट पर ही फरियादियों की तहरीर बदलवाकर उनके जख्मों का मजाक उड़ाया जाएगा, तो आम जनता कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगी? जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। महुडर गांव के इस प्रकरण में लिप्त लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुकदमे में तत्काल गंभीर धाराएं जोड़कर पीड़िताओं को वास्तविक न्याय दिलाया जाना चाहिए, ताकि खाकी की वर्दी पर लगे इस दाग को धोया जा सके।1