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बिहार के बांका में गरीब चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री संतोष कुमार सुमन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।
N.k.choudhary
बिहार के बांका में गरीब चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री संतोष कुमार सुमन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।
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- उत्पाद विभाग ने भलजोर चेकपोस्ट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी शराब से भरा एक ट्रक जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से कुल 3,546 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है।1
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड सभागार में सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के बाद 10 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा वितरित किया गया। अंचलाधिकारी राजेश कुमार ने विभिन्न पंचायतों से आए इन पात्र परिवारों को पर्चा सौंपा, जिससे जिनके पास न घर था और न जमीन, उन्हें अब अपना आशियाना बसाने का अधिकार मिल गया है। मामले की जानकारी देते हुए अंचलाधिकारी ने बताया कि सरकारी योजना के तहत जिन पात्र परिवारों के पास अपनी जमीन या रहने के लिए घर नहीं है, उन्हें जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रक्रिया के तहत शेष बचे पात्र लाभुकों को 15 अगस्त 2026 को बासगीत पर्चा वितरित किया जाएगा।1
- आखिर क्यों नही कर रहा है अपना गाना मिथुन भाई का इंटरव्यूआखिर क्यों नही कर रहा है अपना गाना मिथुन भाई का इंटरव्यूआखिर क्यों नही कर रहा है अपना गाना मिथुन भाई का इंटरव्यू कर रहा है अपना गाना मिथुन भाई का इंटरव्यूआखिर क्यों नही कर रहा है अपना गाना मिथुन भाई का इंटरव्यूआखिर क्यों नही कर रहा है अपना गाना मिथुन भाई का इंटरव्यू1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जनता ने अपनी तीखी राय जाहिर की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सिर्फ इस्तीफा देने से कुछ नहीं होने वाला है। इस मामले में जनता की मांग है कि फांसी की सजा होनी चाहिए।1
- गोड्डा जिले के परसा गांग में पति और पत्नी के अलग-अलग बयानों से जुड़ा मामला सामने आया है। इस घटना में पति लगातार अपनी बात कुछ और कहता रहा, जबकि पत्नी की कहानी उससे बिल्कुल अलग निकली। दोनों के कथनों में विरोधाभास होने के कारण यह मामला परसा गांग क्षेत्र में सामने आया है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के नाम से वायरल हो रहा कथित इस्तीफा पत्र पूरी तरह से संदिग्ध और फर्जी नजर आ रहा है। इस पत्र की भाषा और प्रारूप सरकारी पत्राचार की सामान्य शैली से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं। इस्तीफे के इस पत्र में "cockroach party" जैसे असामान्य और मज़ाकिया शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में नहीं लिखे जाते। इसके अलावा, पत्र में "मुझे घर जाना है…" जैसी अनौपचारिक पंक्तियां भी शामिल हैं, जो आधिकारिक पत्राचार के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इन सभी असामान्य बातों के आधार पर केवल इस तस्वीर को असली इस्तीफा पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता। बिना किसी विश्वसनीय पुष्टि के इस वायरल तस्वीर को खबर के तौर पर प्रकाशित या साझा न करने का सुझाव दिया गया है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब नितिन गडकरी का भी इस्तीफा लेने की माँग की गई है। इसके साथ ही लगे हाथ बजट मंत्री का भी इस्तीफा साथ में लेने की बात कही गई है।1
- बिहार में परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने और छात्र आंदोलन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है।1