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धर्मेंद्र प्रधान के नाम से वायरल हो रहा कथित इस्तीफा पत्र पूरी तरह से संदिग्ध और फर्जी नजर आ रहा है। इस पत्र की भाषा और प्रारूप सरकारी पत्राचार की सामान्य शैली से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं। इस्तीफे के इस पत्र में "cockroach party" जैसे असामान्य और मज़ाकिया शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में नहीं लिखे जाते। इसके अलावा, पत्र में "मुझे घर जाना है…" जैसी अनौपचारिक पंक्तियां भी शामिल हैं, जो आधिकारिक पत्राचार के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इन सभी असामान्य बातों के आधार पर केवल इस तस्वीर को असली इस्तीफा पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता। बिना किसी विश्वसनीय पुष्टि के इस वायरल तस्वीर को खबर के तौर पर प्रकाशित या साझा न करने का सुझाव दिया गया है।
U.K.Y, News UpendraYadav
धर्मेंद्र प्रधान के नाम से वायरल हो रहा कथित इस्तीफा पत्र पूरी तरह से संदिग्ध और फर्जी नजर आ रहा है। इस पत्र की भाषा और प्रारूप सरकारी पत्राचार की सामान्य शैली से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं। इस्तीफे के इस पत्र में "cockroach party" जैसे असामान्य और मज़ाकिया शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में नहीं लिखे जाते। इसके अलावा, पत्र में "मुझे घर जाना है…" जैसी अनौपचारिक पंक्तियां भी शामिल हैं, जो आधिकारिक पत्राचार के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इन सभी असामान्य बातों के आधार पर केवल इस तस्वीर को असली इस्तीफा पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता। बिना किसी विश्वसनीय पुष्टि के इस वायरल तस्वीर को खबर के तौर पर प्रकाशित या साझा न करने का सुझाव दिया गया है।
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- धर्मेंद्र प्रधान के नाम से वायरल हो रहा कथित इस्तीफा पत्र पूरी तरह से संदिग्ध और फर्जी नजर आ रहा है। इस पत्र की भाषा और प्रारूप सरकारी पत्राचार की सामान्य शैली से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं। इस्तीफे के इस पत्र में "cockroach party" जैसे असामान्य और मज़ाकिया शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में नहीं लिखे जाते। इसके अलावा, पत्र में "मुझे घर जाना है…" जैसी अनौपचारिक पंक्तियां भी शामिल हैं, जो आधिकारिक पत्राचार के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इन सभी असामान्य बातों के आधार पर केवल इस तस्वीर को असली इस्तीफा पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता। बिना किसी विश्वसनीय पुष्टि के इस वायरल तस्वीर को खबर के तौर पर प्रकाशित या साझा न करने का सुझाव दिया गया है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब नितिन गडकरी का भी इस्तीफा लेने की माँग की गई है। इसके साथ ही लगे हाथ बजट मंत्री का भी इस्तीफा साथ में लेने की बात कही गई है।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा देश के युवाओं के सम्मान में कैंडल मार्च निकाला गया। अंबेडकर चौक से VIP चौक तक निकाला गया यह कैंडल मार्च एक विजय जुलूस के रूप में आगे बढ़ा। देवघर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश के युवाओं के सम्मान में यह जुलूस निकालकर अपनी बात रखी।1
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इस फैसले की खबर आते ही चंडीगढ़ में जश्न का माहौल देखा गया और लोगों ने जमकर पटाखे फोड़कर खुशी जताई।1
- बिहार के बांका में गरीब चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री संतोष कुमार सुमन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।1
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड सभागार में सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के बाद 10 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा वितरित किया गया। अंचलाधिकारी राजेश कुमार ने विभिन्न पंचायतों से आए इन पात्र परिवारों को पर्चा सौंपा, जिससे जिनके पास न घर था और न जमीन, उन्हें अब अपना आशियाना बसाने का अधिकार मिल गया है। मामले की जानकारी देते हुए अंचलाधिकारी ने बताया कि सरकारी योजना के तहत जिन पात्र परिवारों के पास अपनी जमीन या रहने के लिए घर नहीं है, उन्हें जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रक्रिया के तहत शेष बचे पात्र लाभुकों को 15 अगस्त 2026 को बासगीत पर्चा वितरित किया जाएगा।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जनता ने अपनी तीखी राय जाहिर की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सिर्फ इस्तीफा देने से कुछ नहीं होने वाला है। इस मामले में जनता की मांग है कि फांसी की सजा होनी चाहिए।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा देश के युवाओं के सम्मान में कैंडल मार्च निकाला गया। इस कार्यक्रम को विजय जुलूस के रूप में अंबेडकर चौक से VIP चौक तक आयोजित किया गया। इस आयोजन में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के देवघर जिला प्रभारी, प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश कोऑर्डिनेटर और मोर्चा संगठन (फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन) की भागीदारी रही।1