उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में, अछल्दा थाना क्षेत्र के घसारा गांव निवासी 87 वर्षीय गोपीनाथ पुत्र रामसुंदर की सोमवार सुबह एक ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना घसारा रेलवे स्टेशन के पास हुई। परिजनों के अनुसार, गोपीनाथ इटावा जाने के लिए मेमू ट्रेन पकड़ने घसारा स्टेशन पहुँचे थे। टिकट लेने के बाद, वे प्लेटफॉर्म की ओर जाने के लिए रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी इटावा की ओर जा रही 12817 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद, ट्रेन के लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को घसारा स्टेशन से थोड़ा आगे रोक दिया और स्टेशन मास्टर को घटना की सूचना दी। लगभग पाँच मिनट तक चली जाँच-पड़ताल के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। सूचना मिलने पर अछल्दा थाना पुलिस मौके पर पहुँची, जिसने आवश्यक जाँच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक गोपीनाथ के दो पुत्र धर्मेंद्र और उमेश हैं। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में, अछल्दा थाना क्षेत्र के घसारा गांव निवासी 87 वर्षीय गोपीनाथ पुत्र रामसुंदर की सोमवार सुबह एक ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना घसारा रेलवे स्टेशन के पास हुई। परिजनों के अनुसार, गोपीनाथ इटावा जाने के लिए मेमू ट्रेन पकड़ने घसारा स्टेशन पहुँचे थे। टिकट लेने के बाद, वे प्लेटफॉर्म की ओर जाने के लिए रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी इटावा की ओर जा रही 12817 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद, ट्रेन के लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को घसारा स्टेशन से थोड़ा आगे रोक दिया और स्टेशन मास्टर को घटना की सूचना दी। लगभग पाँच मिनट तक चली जाँच-पड़ताल के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। सूचना मिलने पर अछल्दा थाना पुलिस मौके पर पहुँची, जिसने आवश्यक जाँच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक गोपीनाथ के दो पुत्र धर्मेंद्र और उमेश हैं। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
- ग्राम पंचायत असजना के पुर्वा दिवली गांव में सड़कों की नालियों की उचित साफ-सफाई न होने के कारण गंभीर जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति के चलते स्थानीय पब्लिक और स्कूली बच्चों को अपने दैनिक आवागमन में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पानी भरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहनों को भारी परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए सड़कों की नालियों की तत्काल साफ-सफाई की आवश्यकता है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए एक 68 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार और एक महिला पत्रकार सहित पांच लोगों के खिलाफ बिना किसी जांच या साक्ष्य के मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना से पूरे प्रदेश में इटावा पुलिस की किरकिरी हुई है और निष्पक्ष एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती के बावजूद थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीजीपी उत्तर प्रदेश का साफ आदेश है कि पत्रकारों और उनके परिजनों पर जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए। यह मामला तब सामने आया जब इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी जिलाधिकारी इटावा को विपक्षी आशीष बाजपेई और अन्य के खिलाफ शिकायत करके लौट रहे थे। एसोसिएशन फर्जी पत्रकार इटावा लाइव के तथाकथित संपादक आशीष बाजपेई और एक ब्लैकमेलर महिला गैंग के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन देने वाले थे। आशीष बाजपेई को इसकी भनक लगने पर उसने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज करके सैफई के पूर्व पत्रकार सुघर सिंह को धमकाया। ज्ञापन देने के बाद लौट रही महिला पत्रकारों को आशीष बाजपेई ने 'रंडी' और 'वेश्या' कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी, जिसके जवाब में महिला पत्रकार और उनके पति ने आशीष बाजपेई को थप्पड़ मार दिए। इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह जाटव के अनुसार, एसोसिएशन के जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा के नेतृत्व में दो दर्जन पत्रकार एक ब्लैकमेलर महिला और इटावा लाइव के तथाकथित पत्रकार आशीष बाजपेई की शिकायत करने एसएसपी और जिलाधिकारी इटावा के पास पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने के बाद जब पत्रकार कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी आशीष बाजपेई, जो खुद को इटावा लाइव का संपादक बताता है जबकि वह विकास भवन में पिछड़ा वर्ग विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर है और ड्यूटी पर नहीं जाता, ने महिला पत्रकारों को देखकर अपमानजनक टिप्पणी की। इस पर महिला पत्रकारों ने उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि एक महिला को सरेआम अपमानित किया जा रहा था। आशीष बाजपेयी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो पत्रकार और एक महिला आशीष बाजपेई को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में मेघ सिंह वर्मा कहीं भी मारपीट करते हुए नहीं दिख रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस ने 68 वर्षीय मेघ सिंह वर्मा और पीड़ित महिला पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना जांच के, पत्रकार की उम्र देखे बिना, 68 साल के वृद्ध पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। पीड़ित महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक के.के. मिश्र ने जातिवाद निभाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। महिला पत्रकार ने यह भी बताया कि जब वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गईं, तो कांस्टेबल पुष्कर शुक्ला ने उनके साथ अभद्रता की और गंदी-गंदी गालियां दीं। इस मामले में वृद्ध पत्रकार और महिला पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।1
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए औरैया पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिख रहा है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सिटी और सदर कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर नगर क्षेत्र में पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विशेष रूप से इमाम चौकों तथा जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया।1
- औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र में बकरी चोरी के एक मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया है। रविवार को वादी नौरंग सिंह, पुत्र लक्ष्मन सिंह, निवासी ग्राम साहबनगर डेरा बंजारा, जैतपुर थाना, फफूंद ने थाने में एक सफेद रंग की बकरी चोरी होने के संबंध में अज्ञात चोर के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। इस तहरीर के आधार पर थाना फफूंद पर मु0अ0सं0 188/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, फफूंद पुलिस टीम ने 21 जून 2026 को जुआ पुल के पास से गस्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने लगभग दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर अभियुक्त मुकेश कुमार, पुत्र स्व0 मोहनलाल, निवासी मोतीपुर, थाना फफूंद, जनपद औरैया, जिसकी उम्र करीब 49 वर्ष है, को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय भेजा गया। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई एक सफेद रंग की बकरी बरामद की है। इस बरामदगी के आधार पर, थाना फफूंद पर पंजीकृत मुकदमे मु0अ0सं0 188/2026 में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री अजय कुमार, उपनिरीक्षक श्री विजय सिंह, कांस्टेबल सत्यम कुमार (115) और कांस्टेबल प्रदीप कुमार की टीम शामिल थी।1
- औरैया के पुलिस अधीक्षक ने आगामी मोहर्रम त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराने के दृष्टिगत एक बयान जारी किया है।1
- औरैया में पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर ने आगामी मोहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान, अधिकारियों ने तजियादारों से जुलूसों और ताजियों के संबंध में बातचीत की, साथ ही उनके निकलने वाले मार्गों का निरीक्षण कर रूट व्यवस्था का जायजा लिया। लोगों से संवाद स्थापित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। शांति, कानून और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाए रखने के लिए, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गस्त की गई, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की गई। जनमानस को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करने का भी प्रयास किया गया। इस समूचे भ्रमण के दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली औरैया सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- अजीतमल तहसील क्षेत्र के ग्राम दलेलनगर स्थित ग्रीन पार्क, रेशम फार्म में चिश्ती क्रिकेट क्लब द्वारा एक भव्य नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने फीता काटकर इस टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के युवाओं, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। टूर्नामेंट का पहला मैच सैनपुर और तालेपुर टीमों के बीच खेला गया, जिसमें सैनपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। मुख्य अतिथि सर्वेश बाबू गौतम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना सिखाते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों की सराहना की, जो प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं और युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि खेल प्रतियोगिताएं समाज में भाईचारे, सौहार्द और आपसी एकता को मजबूत करने में सहायक होती हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि क्रिकेट आज युवाओं की पहली पसंद है और गांव स्तर पर होने वाले ये टूर्नामेंट नई प्रतिभाओं को मंच देते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलों में भाग लेने और अपने गांव व जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। इस आयोजन में महेंद्र त्रिपाठी, इलियास सिद्दीकी मास्टर, राम रतन दोहरे, अर्पित पोरवाल, ग्राम प्रधान नूरुद्दीन वारसी, एडवोकेट राना कुरैशी (इलाहाबाद हाईकोर्ट) और बीएसएफ जवान मु० आजाद कुरैशी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद उर्फ टाईगर के साथ जमशेद, अंसार, निहाल लाला एवं सकील उर्फ शेरा भी उपस्थित थे। मैचों के संचालन की जिम्मेदारी एम्पायर मु० सैफ, उमर फारुख, मुन्ना मास्टर और शोऐब मास्टर ने संभाली। आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट में क्षेत्र की कई टीमें हिस्सा ले रही हैं और देर रात तक रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। उद्घाटन मैच के दौरान मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।2
- भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस अक्सर उसे दबा दिया जाता है। इसी बात को सच साबित करते हुए, एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी माँगें मनवाने के लिए अधिकारियों से धाराप्रवाह अंग्रेजी में बात करके उनकी 'वाट लगा दी'। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि देश में असाधारण क्षमताएँ मौजूद हैं, जो सही अवसर मिलने पर उभरकर सामने आती हैं।1