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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए एक 68 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार और एक महिला पत्रकार सहित पांच लोगों के खिलाफ बिना किसी जांच या साक्ष्य के मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना से पूरे प्रदेश में इटावा पुलिस की किरकिरी हुई है और निष्पक्ष एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती के बावजूद थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीजीपी उत्तर प्रदेश का साफ आदेश है कि पत्रकारों और उनके परिजनों पर जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए। यह मामला तब सामने आया जब इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी जिलाधिकारी इटावा को विपक्षी आशीष बाजपेई और अन्य के खिलाफ शिकायत करके लौट रहे थे। एसोसिएशन फर्जी पत्रकार इटावा लाइव के तथाकथित संपादक आशीष बाजपेई और एक ब्लैकमेलर महिला गैंग के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन देने वाले थे। आशीष बाजपेई को इसकी भनक लगने पर उसने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज करके सैफई के पूर्व पत्रकार सुघर सिंह को धमकाया। ज्ञापन देने के बाद लौट रही महिला पत्रकारों को आशीष बाजपेई ने 'रंडी' और 'वेश्या' कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी, जिसके जवाब में महिला पत्रकार और उनके पति ने आशीष बाजपेई को थप्पड़ मार दिए। इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह जाटव के अनुसार, एसोसिएशन के जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा के नेतृत्व में दो दर्जन पत्रकार एक ब्लैकमेलर महिला और इटावा लाइव के तथाकथित पत्रकार आशीष बाजपेई की शिकायत करने एसएसपी और जिलाधिकारी इटावा के पास पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने के बाद जब पत्रकार कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी आशीष बाजपेई, जो खुद को इटावा लाइव का संपादक बताता है जबकि वह विकास भवन में पिछड़ा वर्ग विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर है और ड्यूटी पर नहीं जाता, ने महिला पत्रकारों को देखकर अपमानजनक टिप्पणी की। इस पर महिला पत्रकारों ने उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि एक महिला को सरेआम अपमानित किया जा रहा था। आशीष बाजपेयी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो पत्रकार और एक महिला आशीष बाजपेई को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में मेघ सिंह वर्मा कहीं भी मारपीट करते हुए नहीं दिख रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस ने 68 वर्षीय मेघ सिंह वर्मा और पीड़ित महिला पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना जांच के, पत्रकार की उम्र देखे बिना, 68 साल के वृद्ध पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। पीड़ित महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक के.के. मिश्र ने जातिवाद निभाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। महिला पत्रकार ने यह भी बताया कि जब वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गईं, तो कांस्टेबल पुष्कर शुक्ला ने उनके साथ अभद्रता की और गंदी-गंदी गालियां दीं। इस मामले में वृद्ध पत्रकार और महिला पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।

7 hrs ago
user_Deepish gautam
Deepish gautam
Court reporter भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए एक 68 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार और एक महिला पत्रकार सहित पांच लोगों के खिलाफ बिना किसी जांच या साक्ष्य के मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना से पूरे प्रदेश में इटावा पुलिस की किरकिरी हुई है और निष्पक्ष एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती के बावजूद थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीजीपी उत्तर प्रदेश का साफ आदेश है कि पत्रकारों और उनके परिजनों पर जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए। यह मामला तब सामने आया जब इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी जिलाधिकारी इटावा को विपक्षी आशीष बाजपेई और अन्य के खिलाफ शिकायत करके लौट रहे थे। एसोसिएशन फर्जी पत्रकार इटावा लाइव के तथाकथित संपादक आशीष बाजपेई और एक ब्लैकमेलर महिला गैंग के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन देने वाले थे। आशीष बाजपेई को इसकी भनक लगने पर उसने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज करके सैफई के पूर्व पत्रकार सुघर सिंह को धमकाया। ज्ञापन देने के बाद लौट रही महिला पत्रकारों को आशीष बाजपेई ने 'रंडी' और 'वेश्या' कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी, जिसके जवाब में महिला पत्रकार और उनके पति ने आशीष बाजपेई को थप्पड़ मार दिए। इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह जाटव के अनुसार, एसोसिएशन के जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा के नेतृत्व में दो दर्जन पत्रकार एक ब्लैकमेलर महिला और इटावा लाइव के तथाकथित पत्रकार आशीष बाजपेई की शिकायत करने एसएसपी और जिलाधिकारी इटावा के पास पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने के बाद जब पत्रकार कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी आशीष बाजपेई, जो खुद को इटावा लाइव का संपादक बताता है जबकि वह विकास भवन में पिछड़ा वर्ग विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर है और ड्यूटी पर नहीं जाता, ने महिला पत्रकारों को देखकर अपमानजनक टिप्पणी की। इस पर महिला पत्रकारों ने उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि एक महिला को सरेआम अपमानित किया जा रहा था। आशीष बाजपेयी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो पत्रकार और एक महिला आशीष बाजपेई को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में मेघ सिंह वर्मा कहीं भी मारपीट करते हुए नहीं दिख रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस ने 68 वर्षीय मेघ सिंह वर्मा और पीड़ित महिला पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना जांच के, पत्रकार की उम्र देखे बिना, 68 साल के वृद्ध पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। पीड़ित महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक के.के. मिश्र ने जातिवाद निभाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। महिला पत्रकार ने यह भी बताया कि जब वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गईं, तो कांस्टेबल पुष्कर शुक्ला ने उनके साथ अभद्रता की और गंदी-गंदी गालियां दीं। इस मामले में वृद्ध पत्रकार और महिला पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।

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  • उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए एक 68 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार और एक महिला पत्रकार सहित पांच लोगों के खिलाफ बिना किसी जांच या साक्ष्य के मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना से पूरे प्रदेश में इटावा पुलिस की किरकिरी हुई है और निष्पक्ष एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती के बावजूद थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीजीपी उत्तर प्रदेश का साफ आदेश है कि पत्रकारों और उनके परिजनों पर जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए। यह मामला तब सामने आया जब इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी जिलाधिकारी इटावा को विपक्षी आशीष बाजपेई और अन्य के खिलाफ शिकायत करके लौट रहे थे। एसोसिएशन फर्जी पत्रकार इटावा लाइव के तथाकथित संपादक आशीष बाजपेई और एक ब्लैकमेलर महिला गैंग के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन देने वाले थे। आशीष बाजपेई को इसकी भनक लगने पर उसने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज करके सैफई के पूर्व पत्रकार सुघर सिंह को धमकाया। ज्ञापन देने के बाद लौट रही महिला पत्रकारों को आशीष बाजपेई ने 'रंडी' और 'वेश्या' कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी, जिसके जवाब में महिला पत्रकार और उनके पति ने आशीष बाजपेई को थप्पड़ मार दिए। इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह जाटव के अनुसार, एसोसिएशन के जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा के नेतृत्व में दो दर्जन पत्रकार एक ब्लैकमेलर महिला और इटावा लाइव के तथाकथित पत्रकार आशीष बाजपेई की शिकायत करने एसएसपी और जिलाधिकारी इटावा के पास पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने के बाद जब पत्रकार कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी आशीष बाजपेई, जो खुद को इटावा लाइव का संपादक बताता है जबकि वह विकास भवन में पिछड़ा वर्ग विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर है और ड्यूटी पर नहीं जाता, ने महिला पत्रकारों को देखकर अपमानजनक टिप्पणी की। इस पर महिला पत्रकारों ने उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि एक महिला को सरेआम अपमानित किया जा रहा था। आशीष बाजपेयी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो पत्रकार और एक महिला आशीष बाजपेई को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में मेघ सिंह वर्मा कहीं भी मारपीट करते हुए नहीं दिख रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस ने 68 वर्षीय मेघ सिंह वर्मा और पीड़ित महिला पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना जांच के, पत्रकार की उम्र देखे बिना, 68 साल के वृद्ध पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। पीड़ित महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक के.के. मिश्र ने जातिवाद निभाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। महिला पत्रकार ने यह भी बताया कि जब वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गईं, तो कांस्टेबल पुष्कर शुक्ला ने उनके साथ अभद्रता की और गंदी-गंदी गालियां दीं। इस मामले में वृद्ध पत्रकार और महिला पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
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    उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए एक 68 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार और एक महिला पत्रकार सहित पांच लोगों के खिलाफ बिना किसी जांच या साक्ष्य के मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना से पूरे प्रदेश में इटावा पुलिस की किरकिरी हुई है और निष्पक्ष एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती के बावजूद थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीजीपी उत्तर प्रदेश का साफ आदेश है कि पत्रकारों और उनके परिजनों पर जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए।

यह मामला तब सामने आया जब इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी जिलाधिकारी इटावा को विपक्षी आशीष बाजपेई और अन्य के खिलाफ शिकायत करके लौट रहे थे। एसोसिएशन फर्जी पत्रकार इटावा लाइव के तथाकथित संपादक आशीष बाजपेई और एक ब्लैकमेलर महिला गैंग के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन देने वाले थे। आशीष बाजपेई को इसकी भनक लगने पर उसने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज करके सैफई के पूर्व पत्रकार सुघर सिंह को धमकाया। ज्ञापन देने के बाद लौट रही महिला पत्रकारों को आशीष बाजपेई ने 'रंडी' और 'वेश्या' कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी, जिसके जवाब में महिला पत्रकार और उनके पति ने आशीष बाजपेई को थप्पड़ मार दिए।

इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह जाटव के अनुसार, एसोसिएशन के जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा के नेतृत्व में दो दर्जन पत्रकार एक ब्लैकमेलर महिला और इटावा लाइव के तथाकथित पत्रकार आशीष बाजपेई की शिकायत करने एसएसपी और जिलाधिकारी इटावा के पास पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने के बाद जब पत्रकार कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी आशीष बाजपेई, जो खुद को इटावा लाइव का संपादक बताता है जबकि वह विकास भवन में पिछड़ा वर्ग विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर है और ड्यूटी पर नहीं जाता, ने महिला पत्रकारों को देखकर अपमानजनक टिप्पणी की। इस पर महिला पत्रकारों ने उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि एक महिला को सरेआम अपमानित किया जा रहा था। आशीष बाजपेयी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो पत्रकार और एक महिला आशीष बाजपेई को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में मेघ सिंह वर्मा कहीं भी मारपीट करते हुए नहीं दिख रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस ने 68 वर्षीय मेघ सिंह वर्मा और पीड़ित महिला पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया।

थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना जांच के, पत्रकार की उम्र देखे बिना, 68 साल के वृद्ध पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। पीड़ित महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक के.के. मिश्र ने जातिवाद निभाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। महिला पत्रकार ने यह भी बताया कि जब वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गईं, तो कांस्टेबल पुष्कर शुक्ला ने उनके साथ अभद्रता की और गंदी-गंदी गालियां दीं। इस मामले में वृद्ध पत्रकार और महिला पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
    user_Deepish gautam
    Deepish gautam
    Court reporter भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भरथना/इटावा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार ने ऊसराहार थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने डिजिटल ऐप 'ई-सम्मन' और 'ई-साक्ष्य' पर हो रहे संपूर्ण कार्य को देखा और इसके लिए डिजिटल ऐप टीम की सराहना की। एसएसपी ने थानाध्यक्ष बलराज भाटी को निर्देश दिए कि वे सक्रिय हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर पैनी नजर रखें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गश्त को और अधिक प्रभावशाली बनाने के भी निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के समय, एसएसपी बृजेश कुमार के साथ क्षेत्राधिकारी भरथना रामदवन मौर्य भी मौजूद रहे।
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    भरथना/इटावा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार ने ऊसराहार थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने डिजिटल ऐप 'ई-सम्मन' और 'ई-साक्ष्य' पर हो रहे संपूर्ण कार्य को देखा और इसके लिए डिजिटल ऐप टीम की सराहना की। एसएसपी ने थानाध्यक्ष बलराज भाटी को निर्देश दिए कि वे सक्रिय हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर पैनी नजर रखें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गश्त को और अधिक प्रभावशाली बनाने के भी निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के समय, एसएसपी बृजेश कुमार के साथ क्षेत्राधिकारी भरथना रामदवन मौर्य भी मौजूद रहे।
    user_Kanhaiya lal
    Kanhaiya lal
    Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जनपद इटावा में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 का आयोजन निर्धारित केंद्रों पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुरक्षा और परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। इन व्यवस्थाओं के तहत, परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, साथ ही सीसीटीवी निगरानी और आवश्यक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया, जिसके बीच परीक्षार्थियों ने अपनी परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने लगातार निरीक्षण करके सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरों पर संतोष एवं उत्साह दिखाई दिया। इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और सभी परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    जनपद इटावा में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 का आयोजन निर्धारित केंद्रों पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुरक्षा और परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। इन व्यवस्थाओं के तहत, परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, साथ ही सीसीटीवी निगरानी और आवश्यक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया, जिसके बीच परीक्षार्थियों ने अपनी परीक्षा दी।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने लगातार निरीक्षण करके सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरों पर संतोष एवं उत्साह दिखाई दिया। इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और सभी परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद कई श्रद्धालु मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस हादसे का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर की छत गिरने के बाद मची अफरा-तफरी और लोगों को बचाने के प्रयासों को साफ देखा जा सकता है, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने मंदिर की छत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, अधिकारियों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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    महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद कई श्रद्धालु मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस हादसे का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर की छत गिरने के बाद मची अफरा-तफरी और लोगों को बचाने के प्रयासों को साफ देखा जा सकता है, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने मंदिर की छत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, अधिकारियों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • इटावा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपनादल (एस), एबीकेकेएम और समाज उत्थान समिति, इटावा के संयुक्त तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय, शांति कॉलोनी में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की आयोजिका विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजूलता राजपूत रहीं, जिन्होंने आयोजन से पहले एक स्वच्छता अभियान भी चलाया। योगाचार्य और संयोजक डॉ. हरीशंकर पटेल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, साथ ही तनाव, चिंता और विभिन्न रोगों से बचाव में सहायक सिद्ध होता है। डॉ. पटेल ने नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक विकास और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार पर जोर दिया। वहीं, योगाचार्य अंबरीष वर्मा ने कहा कि नन्हे-मुन्ने बच्चों को योग से जोड़ना राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखने के समान है, क्योंकि योग न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि आत्मविश्वास, एकाग्रता और कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया, जिसकी उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों के उत्साह, अनुशासन, योग के प्रति समर्पण और योगाचार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अंत में, आयोजिका मंजूलता राजपूत ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नियमित योग करने का संकल्प दिलाया। इस आयोजन को सफल बनाने में सहायक अध्यापिका बेबी कुमारी, कतिकेय वर्मा, अभिभावक सीमा देवी, मजू कुमारी, आरती, राम दर्शन और विद्यालय के स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। जनपद इटावा में 21 जून को कई अन्य विद्यालयों में भी योग दिवस मनाया गया।
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    इटावा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपनादल (एस), एबीकेकेएम और समाज उत्थान समिति, इटावा के संयुक्त तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय, शांति कॉलोनी में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की आयोजिका विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजूलता राजपूत रहीं, जिन्होंने आयोजन से पहले एक स्वच्छता अभियान भी चलाया।

योगाचार्य और संयोजक डॉ. हरीशंकर पटेल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, साथ ही तनाव, चिंता और विभिन्न रोगों से बचाव में सहायक सिद्ध होता है। डॉ. पटेल ने नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक विकास और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार पर जोर दिया। वहीं, योगाचार्य अंबरीष वर्मा ने कहा कि नन्हे-मुन्ने बच्चों को योग से जोड़ना राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखने के समान है, क्योंकि योग न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि आत्मविश्वास, एकाग्रता और कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है।

इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया, जिसकी उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों के उत्साह, अनुशासन, योग के प्रति समर्पण और योगाचार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अंत में, आयोजिका मंजूलता राजपूत ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नियमित योग करने का संकल्प दिलाया। इस आयोजन को सफल बनाने में सहायक अध्यापिका बेबी कुमारी, कतिकेय वर्मा, अभिभावक सीमा देवी, मजू कुमारी, आरती, राम दर्शन और विद्यालय के स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। जनपद इटावा में 21 जून को कई अन्य विद्यालयों में भी योग दिवस मनाया गया।
    user_गौतम सिंह  पत्रकार  इटावा
    गौतम सिंह पत्रकार इटावा
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इटावा लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री जितेंद्र कुमार दोहरे जी के विरोध में विकास रावत ने 26 जुलाई, रविवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की घोषणा की है। विकास रावत का कहना है कि वे सांसद द्वारा एक समाज सेवक और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के विरोध में यह कदम उठा रहे हैं।
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    इटावा लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री जितेंद्र कुमार दोहरे जी के विरोध में विकास रावत ने 26 जुलाई, रविवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की घोषणा की है। विकास रावत का कहना है कि वे सांसद द्वारा एक समाज सेवक और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के विरोध में यह कदम उठा रहे हैं।
    user_VIKAS RAWAT
    VIKAS RAWAT
    Lawyer Etawah, Uttar Pradesh•
    15 hrs ago
  • इटावा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कंपनी गार्डन में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता जी और अधिशासी अधिकारी श्री संतोष मिश्रा जी के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, वहीं योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। श्रीमती ज्योति गुप्ता जी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला है, जिससे शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक बनता है।
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    इटावा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कंपनी गार्डन में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता जी और अधिशासी अधिकारी श्री संतोष मिश्रा जी के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, वहीं योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। श्रीमती ज्योति गुप्ता जी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला है, जिससे शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक बनता है।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • इटावा के बाड़पुरा थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सुनवारा और मानिकपुर गाँव के दो बच्चे आज सुबह नदी में नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से लापता हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनवारा निवासी मुकेश बाबू के 11 वर्षीय पुत्र करण और मानिकपुर निवासी रामवीर के 15 वर्षीय पुत्र अमित सुबह करीब 10 बजे गाँव के अन्य लड़कों के साथ नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में समा गए। साथ मौजूद बच्चों ने तुरंत गाँव पहुँचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार मजिस्ट्रेट और बाड़पुरा थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। बच्चों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है, और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी बुला लिया गया है, जो जल्द ही मौके पर पहुँचने वाली है। फिलहाल दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर डटी हुई है और स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी हादसे की पूरी जानकारी दे दी गई है।
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    इटावा के बाड़पुरा थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सुनवारा और मानिकपुर गाँव के दो बच्चे आज सुबह नदी में नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से लापता हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनवारा निवासी मुकेश बाबू के 11 वर्षीय पुत्र करण और मानिकपुर निवासी रामवीर के 15 वर्षीय पुत्र अमित सुबह करीब 10 बजे गाँव के अन्य लड़कों के साथ नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में समा गए।

साथ मौजूद बच्चों ने तुरंत गाँव पहुँचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार मजिस्ट्रेट और बाड़पुरा थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। बच्चों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है, और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी बुला लिया गया है, जो जल्द ही मौके पर पहुँचने वाली है। फिलहाल दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर डटी हुई है और स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी हादसे की पूरी जानकारी दे दी गई है।
    user_राघवेंद्र सिंह रिपोर्टर
    राघवेंद्र सिंह रिपोर्टर
    Association or organisation भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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