चित्रकूट पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत भरतकूप थाना क्षेत्र से चोरी की बकरियों और घटना में प्रयुक्त एक होंडा कार के साथ मोहम्मद नूह नामक एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक भरतकूप श्री उपेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक श्री अभिषेक सिंह और उनकी टीम द्वारा की गई। जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 को शारदा प्रसाद नामक व्यक्ति ने सूचना दी थी कि अज्ञात चोरों ने उसकी तीन बकरी और दो बकरी के बच्चे चुरा लिए हैं। इस सूचना पर भरतकूप थाने में अज्ञात के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा नंबर 101/26 दर्ज किया गया था। बाद में उपनिरीक्षक श्री अभिषेक सिंह और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि रसिन मोड़ पर एक चार पहिया वाहन, जिसका नंबर UP 72 BR 7218 है, में कुछ संदिग्ध व्यक्ति बकरियां बांधकर ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची, जहां से कार सवार तेजी से भागने लगे। पुलिस ने गाड़ी का पीछा कर रसिन मोड़ से करीब 100 मीटर अंदर कार को रोक लिया। गाड़ी से उतरकर भाग रहे व्यक्तियों में से मोहम्मद नूह, पुत्र अहमद अली, निवासी गढ़ी बाजार, कौशाम्बी को घेरकर पकड़ लिया गया। पूछताछ में मोहम्मद नूह ने अपने भागे हुए साथियों के नाम कमल गुप्ता, शेर मोहम्मद और मेराज बताए, जो फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। अभियुक्त की तलाशी लेने पर उसके पास से 20 रुपये बरामद हुए, और होंडा कार UP 72 BR 7218 की पिछली सीट से काले/सफेद रंग की एक बकरी और दो बच्चे बरामद हुए, जिनके मुंह और पैर बंधे हुए थे। अभियुक्त मोहम्मद नूह को रात 10:10 बजे गिरफ्तार किया गया और मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक श्री अभिषेक सिंह के साथ आरक्षी नरेंद्र सिंह और आरक्षी शक्ति सिंह शामिल थे।
चित्रकूट पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत भरतकूप थाना क्षेत्र से चोरी की बकरियों और घटना में प्रयुक्त एक होंडा कार के साथ मोहम्मद नूह नामक एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक भरतकूप श्री उपेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक श्री अभिषेक सिंह और उनकी टीम द्वारा की गई। जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 को शारदा प्रसाद नामक व्यक्ति ने सूचना दी थी कि अज्ञात चोरों ने उसकी तीन बकरी और दो बकरी के बच्चे चुरा लिए हैं। इस सूचना पर भरतकूप थाने में अज्ञात के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा नंबर 101/26 दर्ज किया गया था। बाद में उपनिरीक्षक श्री अभिषेक सिंह और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि रसिन मोड़ पर एक चार पहिया वाहन, जिसका नंबर UP 72 BR 7218 है, में कुछ संदिग्ध व्यक्ति बकरियां बांधकर ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची, जहां से कार सवार तेजी से भागने लगे। पुलिस ने गाड़ी का पीछा कर रसिन मोड़ से करीब 100 मीटर अंदर कार को रोक लिया। गाड़ी से उतरकर भाग रहे व्यक्तियों में से मोहम्मद नूह, पुत्र अहमद अली, निवासी गढ़ी बाजार, कौशाम्बी को घेरकर पकड़ लिया गया। पूछताछ में मोहम्मद नूह ने अपने भागे हुए साथियों के नाम कमल गुप्ता, शेर मोहम्मद और मेराज बताए, जो फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। अभियुक्त की तलाशी लेने पर उसके पास से 20 रुपये बरामद हुए, और होंडा कार UP 72 BR 7218 की पिछली सीट से काले/सफेद रंग की एक बकरी और दो बच्चे बरामद हुए, जिनके मुंह और पैर बंधे हुए थे। अभियुक्त मोहम्मद नूह को रात 10:10 बजे गिरफ्तार किया गया और मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक श्री अभिषेक सिंह के साथ आरक्षी नरेंद्र सिंह और आरक्षी शक्ति सिंह शामिल थे।
- बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, चित्रकूट में पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में पुलिस लाइन्स स्थित परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों ने योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी राजापुर श्री यामीन अहमद, क्षेत्राधिकारी लाइन्स श्री राज कमल, प्रतिसार निरीक्षक श्री रामाशीष यादव और जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के प्रभारी योग विभाग श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कोतवाली कर्वी, महिला थाना, क्राइम ब्रान्च, एचटीयू, पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय तथा विभिन्न शाखाओं में तैनात पुलिस कर्मियों को योग का अभ्यास कराया। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित पुलिस कर्मियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया, साथ ही उनके शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए सभी को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया गया। योगाभ्यास के दौरान यह भी बताया गया कि योग भारतीय संस्कृति एवं प्राचीन ज्ञान परम्परा की एक अमूल्य धरोहर है, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व ने अपनाया है। भारत की इस महान विधा ने विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन एवं आत्मबल का मार्ग प्रदान किया है, और हमें गर्व होना चाहिए कि योग की उत्पत्ति भारत में हुई तथा आज यह वैश्विक स्तर पर सम्मानित एवं स्वीकार्य है। आने वाली पीढ़ियों को योग की इस धरोहर से जोड़ना हम सभी का दायित्व है। यह भी समझाया गया कि योग न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं सशक्त बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर आत्मसंयम, अनुशासन, एकाग्रता एवं मानसिक स्थिरता का भी विकास करता है। वर्तमान समय की व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम योग है। इसी क्रम में, जनपद के समस्त थानों के अधिकारी और कर्मचारीगण द्वारा भी योगाभ्यास किया गया।1
- जनहित संकल्प पार्टी (JSP) द्वारा जन-अधिकारों की रक्षा और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई 'न्याय यात्रा' आज चित्रकूट पहुँची, जहाँ सड़कों पर ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। 'लाल पीली क्रांति' के गगनभेदी नारों के बीच हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिससे मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र का कई किलोमीटर तक का मुख्य मार्ग पूरी तरह जनमग्न हो गया। जनता का यह सैलाब क्षेत्र के स्थापित राजनेताओं और शोषक ताकतों के लिए एक सीधी चुनौती बनकर सामने आया है, जिसके कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम भी लगा रहा। यात्रा के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जनहित संकल्प पार्टी के नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल जनता को महज वोट बैंक और अपना गुलाम समझते हैं, उनके खिलाफ आज आम जनता और युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के अधिकारों को लूटने वालों के खिलाफ अब समाज उठ खड़ा हुआ है, और जनहित संकल्प पार्टी आज शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए न्याय की एकमात्र सच्ची उम्मीद बनकर उभरी है, जिसका सीधा प्रमाण चित्रकूट की सड़कों पर देखने को मिला। पार्टी प्रवक्ताओं ने आगामी राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनहित संकल्प पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगी, क्योंकि स्थापित दलों के चूले हिल चुके हैं और बिना JSP के सहयोग के किसी भी दल को राजनीतिक स्वाद प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके ईमानदार और कर्मठ कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से सींचा गया यह दल आने वाले समय में सबसे बड़ी ताकत बनेगा। यात्रा के इस चरण के भव्य समापन पर, पार्टी नेतृत्व ने मानिकपुर विधानसभा की देवतुल्य जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस न्याय यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व और स्नेहपूर्ण योगदान दिया।3
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में स्थित पालेश्वर नाथ इंटर कॉलेज में योग दिवस का आयोजन किया गया।2
- चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के सभापुर गांव में बीते शनिवार देर शाम लगभग 7:45 बजे एक 24 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि मृतक, लवलेश पुत्र राजाराम रैदास, अपनी पत्नी से हुए झगड़े के बाद उसके मायके चले जाने से अत्यधिक क्षुब्ध था। परिजनों के अनुसार, लवलेश का उसकी पत्नी से किसी बात पर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद पत्नी नाराज होकर सीतापुर के कोही स्थित अपने मायके चली गई थी। इस बात से व्यथित होकर लवलेश ने पहले शराब का सेवन किया, और फिर घर के अंदर जाकर चुपचाप रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय घर के अन्य सदस्य अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। जब लवलेश की भांजी किसी काम से उसके कमरे में गई, तो उसने अंदर का दृश्य देखकर चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया और बाहर भागकर परिजनों को मामा द्वारा फांसी लगाए जाने की सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आज रविवार की सुबह 11:30 बजे जिला मुख्यालय में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया।1
- ज़िद, जुदाई और मौत के चलते एक पति ने अपनी पत्नी के मायके जाने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।2
- सतना के मेडिकल कॉलेज मार्ग पर बने एक जानलेवा गड्ढे ने आज नीट यूजी की परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों और उनके परिजनों को बुरी तरह परेशान किया। कारगिल ढाबा के सामने स्थित इस सड़क का हाल बेहाल है, जिससे आवागमन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। यह सड़क कथित तौर पर पीआईयू की बताई जा रही है, जो शहर के महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज मार्ग का हिस्सा है। इसके बावजूद, इसकी दयनीय स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं दे रही है।1
- माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार और जिलाधिकारी चित्रकूट, श्री पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में, जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने हेतु एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, 20 जून, 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम कपसेठी स्थित कर्वी थाना क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, लगभग 600 किलोग्राम लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया, और साथ ही 40 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। इस कार्रवाई के फलस्वरूप, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कुल 3 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध मदिरा के व्यापार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- चित्रकूट जनपद के मारकुण्डी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टिकरिया में 21 जून 2026 को एक किसान की दर्दनाक मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जान विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण गई, जिससे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया गया है कि किसान की मृत्यु विद्युत लाइन या बिजली संबंधी किसी तकनीकी खामी के चलते हुई, जिसके लिए ग्रामीण सीधे तौर पर विद्युत विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी विभाग को पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मृतक के परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। मृतक किसान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्युत व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने की अपील की गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि किसान की मौत का आखिर कौन जिम्मेदार है और इस दुखद घटना के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी। वास्तविक स्थिति प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1