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ज़िद, जुदाई और मौत के चलते एक पति ने अपनी पत्नी के मायके जाने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
Abhay TV News
ज़िद, जुदाई और मौत के चलते एक पति ने अपनी पत्नी के मायके जाने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में स्थित पालेश्वर नाथ इंटर कॉलेज में योग दिवस का आयोजन किया गया।2
- चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के सभापुर गांव में बीते शनिवार देर शाम लगभग 7:45 बजे एक 24 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि मृतक, लवलेश पुत्र राजाराम रैदास, अपनी पत्नी से हुए झगड़े के बाद उसके मायके चले जाने से अत्यधिक क्षुब्ध था। परिजनों के अनुसार, लवलेश का उसकी पत्नी से किसी बात पर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद पत्नी नाराज होकर सीतापुर के कोही स्थित अपने मायके चली गई थी। इस बात से व्यथित होकर लवलेश ने पहले शराब का सेवन किया, और फिर घर के अंदर जाकर चुपचाप रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय घर के अन्य सदस्य अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। जब लवलेश की भांजी किसी काम से उसके कमरे में गई, तो उसने अंदर का दृश्य देखकर चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया और बाहर भागकर परिजनों को मामा द्वारा फांसी लगाए जाने की सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आज रविवार की सुबह 11:30 बजे जिला मुख्यालय में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया।1
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- सतना के मेडिकल कॉलेज मार्ग पर बने एक जानलेवा गड्ढे ने आज नीट यूजी की परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों और उनके परिजनों को बुरी तरह परेशान किया। कारगिल ढाबा के सामने स्थित इस सड़क का हाल बेहाल है, जिससे आवागमन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। यह सड़क कथित तौर पर पीआईयू की बताई जा रही है, जो शहर के महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज मार्ग का हिस्सा है। इसके बावजूद, इसकी दयनीय स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं दे रही है।1
- Post by Pintu Dubey2
- जनहित संकल्प पार्टी (JSP) द्वारा जन-अधिकारों की रक्षा और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई 'न्याय यात्रा' आज चित्रकूट पहुँची, जहाँ सड़कों पर ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। 'लाल पीली क्रांति' के गगनभेदी नारों के बीच हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिससे मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र का कई किलोमीटर तक का मुख्य मार्ग पूरी तरह जनमग्न हो गया। जनता का यह सैलाब क्षेत्र के स्थापित राजनेताओं और शोषक ताकतों के लिए एक सीधी चुनौती बनकर सामने आया है, जिसके कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम भी लगा रहा। यात्रा के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जनहित संकल्प पार्टी के नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल जनता को महज वोट बैंक और अपना गुलाम समझते हैं, उनके खिलाफ आज आम जनता और युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के अधिकारों को लूटने वालों के खिलाफ अब समाज उठ खड़ा हुआ है, और जनहित संकल्प पार्टी आज शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए न्याय की एकमात्र सच्ची उम्मीद बनकर उभरी है, जिसका सीधा प्रमाण चित्रकूट की सड़कों पर देखने को मिला। पार्टी प्रवक्ताओं ने आगामी राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनहित संकल्प पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगी, क्योंकि स्थापित दलों के चूले हिल चुके हैं और बिना JSP के सहयोग के किसी भी दल को राजनीतिक स्वाद प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके ईमानदार और कर्मठ कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से सींचा गया यह दल आने वाले समय में सबसे बड़ी ताकत बनेगा। यात्रा के इस चरण के भव्य समापन पर, पार्टी नेतृत्व ने मानिकपुर विधानसभा की देवतुल्य जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस न्याय यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व और स्नेहपूर्ण योगदान दिया।3
- चित्रकूट जनपद के मारकुण्डी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टिकरिया में 21 जून 2026 को एक किसान की दर्दनाक मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जान विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण गई, जिससे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया गया है कि किसान की मृत्यु विद्युत लाइन या बिजली संबंधी किसी तकनीकी खामी के चलते हुई, जिसके लिए ग्रामीण सीधे तौर पर विद्युत विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी विभाग को पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मृतक के परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। मृतक किसान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्युत व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने की अपील की गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि किसान की मौत का आखिर कौन जिम्मेदार है और इस दुखद घटना के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी। वास्तविक स्थिति प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1