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प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का दिया गया प्रशिक्षण प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का दिया गया प्रशिक्षण जनगणना 2027 के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को दूसरे दिवस भी प्रशिक्षण बांधवगढ तहसील का जिला पंचायत उमरिया में तथा करकेली मे दिया गया। ⏩प्रशिक्षण में भवन एवं जनगणना मकान के बीच अंतर,फर्श,दीवार एवं छत की मुख्य सामग्री की पहचान, जनगणना मकान का वास्तविक उपयोग एवं उसकी स्थिति (रहने योग्य/खाली आदि) के बारे में विस्तार से समझाया गया। परिवार से संबंधित जानकारी जैसे परिवार क्रमांक,कुल व्यक्तियों की संख्या,परिवार के मुखिया का विवरण,मकान के स्वामित्व की स्थिति तथा आवास हेतु उपलब्ध कमरों की संख्या दर्ज करने की विधि भी बताई गई।
Tapas Gupta
प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का दिया गया प्रशिक्षण प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का दिया गया प्रशिक्षण जनगणना 2027 के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को दूसरे दिवस भी प्रशिक्षण बांधवगढ तहसील का जिला पंचायत उमरिया में तथा करकेली मे दिया गया। ⏩प्रशिक्षण में भवन एवं जनगणना मकान के बीच अंतर,फर्श,दीवार एवं छत की मुख्य सामग्री की पहचान, जनगणना मकान का वास्तविक उपयोग एवं उसकी स्थिति (रहने योग्य/खाली आदि) के बारे में विस्तार से समझाया गया। परिवार से संबंधित जानकारी जैसे परिवार क्रमांक,कुल व्यक्तियों की संख्या,परिवार के मुखिया का विवरण,मकान के स्वामित्व की स्थिति तथा आवास हेतु उपलब्ध कमरों की संख्या दर्ज करने की विधि भी बताई गई।
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- बाघ के सामने उतरे लोग, मौत को दिया खुला न्योता उमरिया तपस गुप्ता जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सामने आया एक वीडियो लोगों की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ताला-मानपुर रोड पर एक बाघ सड़क पार करता दिखाई दे रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला नजारा इसके बाद देखने को मिलता है। वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही बाघ नजर आता है, कुछ लोग अपने वाहन बीच सड़क पर रोक देते हैं। हैरानी तब बढ़ जाती है जब कुछ लोग वाहन से उतरकर सीधे बाघ के करीब पहुंच जाते हैं और मोबाइल से वीडियो बनाने लगते हैं। यह हरकत न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि सीधे-सीधे मौत को न्योता देने जैसी है। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो रविवार का बताया जा रहा है। बाघ जैसे खतरनाक और संवेदनशील वन्यजीव के इतने करीब जाना किसी भी वक्त गंभीर हादसे में बदल सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बाघ को उकसा सकती हैं, जिससे वह आक्रामक हो सकता है और हमला कर सकता है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर वन विभाग लगातार जागरूकता और नियमों का पालन कराने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग महज कुछ सेकंड के वीडियो के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। यह घटना साफ दिखाती है कि रोमांच के नाम पर लोग किस हद तक गैरजिम्मेदार हो सकते हैं। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं हुई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- प्रिंट रेट से महंगी शराब! खन्नौधी दुकान का खेल बेनकाब... Shahdol जिले के खन्नौधी क्षेत्र में स्थित शराब दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाया जा रहा है कि शराब प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि ग्राहकों से तय मूल्य से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है। हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- Post by पार्षद सिल्लू रजक1
- मानपुर नगर में लगने वाले जानलेवा जाम से बेहाल है आवाम-बेकाम साबित हो रहा 4 साल बीतने के बाद भी नप. प्रशासन। *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।3
- शहडोल। जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। सरपंच द्वारा पत्थर लेकर ग्रामीण को दौड़ाने की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है पूछा- क्या गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खड्डा के इमली टोला से करीब 300 मीटर दांडीटोला पहुंच मार्ग लंबी ग्रेवल पीसी सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। मौके पर सरपंच संतोष कोल खुद काम की निगरानी कर रहे थे, इसी दौरान गांव के ही संदीप पटेल ने निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए सरपंच से पूछा कि क्या सड़क निर्माण में तीन-एक के अनुपात से मसाला डाला जा रहा है और क्या गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा है। सार्वजनिक धन से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच वायरल वीडियो में सरपंच न सिर्फ भड़क गए, बल्कि उन्होंने जमीन से एक बड़ा पत्थर उठाया और ग्रामीण को मारने के लिए दौड़ पड़े। सरपंच बार-बार वीडियो बंद करने की धमकी देते रहे और अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आए। ग्रामीण का कसूर सिर्फ इतना था कि वह सार्वजनिक धन से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच चाहता था, लेकिन जवाब देने के बजाय हिंसा पर उतारू होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण बल्लू पटेल ने आरोप लगाया है कि सड़क पूरी तरह से गुणवत्ताहीन बनाई जा रही है और पूछने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।1
- महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही सर्वसम्मति से पास हुआ था, यह महिला बिल के आड़ में परिसीमन बिल 2011 की जनगणना के आधार पर कराना चाहते थे, और जातिगत जनगणना से सभी वर्गों के अनुपात का पता चलता, जिसकी माँग कांग्रेस और पूरा विपक्ष करता आया है, बीजेपी नहीं चाहती की सभी वर्गों की महिलाओं को आरक्षण मिले न्याय मिले प्रतिनिधत्व मिले! कांग्रेस और पूरा विपक्ष जातिगत जनगणना के बाद सर्वदलीय प्रतिनिधित्व वाली परिसीमन आयोग चाहता है जो सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखते हुए क्षेत्र के हिसाब से सीमा निर्धारण कर सीटें बढ़ाने का निर्णय करे!1
- कटनी नगर//- *पार्षद जयनारायण निषाद एवम समाज सेवी श्याम निषाद* जी की देखरेख में सरस्वती स्कूल के पास की बची हुई सड़क का डामलीकरण कार्य विगत रात्रि में पूर्ण रूप से किया गया *आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद(पत्रकार)* *7509747686* #निर्माण #सड़क #प्रगति1
- भक्ति और उत्साह से गूंजा पाली, भगवान परशुराम प्राकट्य उत्सव धूमधाम से संपन्न उमरिया तपस गुप्ता जिले के पाली नगर में भगवान श्री परशुराम जी के पावन प्राकट्य उत्सव को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। माता बिरासिनी मंदिर प्रांगण में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान परशुराम जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ पूजन से हुई, जिसमें भक्तों ने आस्था के साथ भाग लिया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से माहौल आध्यात्मिक बना रहा। पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उत्सव का मुख्य आकर्षण विशाल और भव्य शोभायात्रा रही, जिसे नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला गया। शोभायात्रा में भगवान परशुराम जी की सुसज्जित झांकी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लिए, जयकारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा में युवाओं, महिलाओं और बच्चों की सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। नगरवासियों ने जगह-जगह जलपान और स्वागत की व्यवस्था कर अपनी आस्था और सहयोग का परिचय दिया। अंत में शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम जी के दर्शन कर कार्यक्रम का समापन किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था सराहनीय रही। इस पावन अवसर पर नगर में धार्मिक एकता, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी के मन को भक्ति से भर दिया।4