सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेहरना के जगदीशपुरा गांव में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों का जीवन मुश्किल कर दिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही गांव के अधिकांश हैंडपंप और कुएं सूख चुके हैं, जिससे लगभग 500 की आबादी वाले इस गांव में मात्र दो नल ही चालू रह गए हैं, जिनसे पूरे गांव की प्यास बुझाने की कोशिश की जा रही है। इस गंभीर स्थिति पर, एमपी न्यूज़ 24 लाइव की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो ग्रामीणों का दर्द और गुस्सा खुलकर सामने आया। महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोजाना कई किलोमीटर दूर खेतों में बने निजी कुओं और ट्यूबवेलों से पानी लाना पड़ रहा है, और कई जगहों पर वे अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे स्रोतों से मटमैला पानी भरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का जलस्तर लगातार नीचे जाने के कारण सभी पारंपरिक जल स्रोत जवाब दे चुके हैं, जिससे पानी की तलाश में महिलाओं और बच्चों का अधिकांश समय निकल जाता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस संकट से केवल इंसान ही नहीं, बल्कि गांव के मवेशी भी पानी के अभाव में परेशान हैं, क्योंकि तालाब और अन्य जल स्रोत सूख चुके हैं। ग्रामीण महिला दीपा गुरेले और गोराबाई ने यह भी बताया कि प्रशासन से पानी के टैंकर भेजने की कई बार मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। वहीं, ग्राम सरपंच अरविंद राय ने बताया कि पंचायत ट्यूबवेल के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रही है, लेकिन नल-जल योजना की पाइपलाइन ठेकेदार की लापरवाही से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पानी का पर्याप्त प्रेशर नहीं बन पा रहा है। सरपंच के मुताबिक, इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजी जा चुकी है और जल्द ही टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू करने के साथ-साथ बंद पड़े हैंडपंपों को सुधारने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीण प्रशासन के इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो से तीन दिनों के भीतर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील कार्यालय का घेराव और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर कब तक जगदीशपुरा के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करते रहेंगे और कब प्रशासन इस गंभीर संकट का स्थायी समाधान करेगा।
सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेहरना के जगदीशपुरा गांव में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों का जीवन मुश्किल कर दिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही गांव के अधिकांश हैंडपंप और कुएं सूख चुके हैं, जिससे लगभग 500 की आबादी वाले इस गांव में मात्र दो नल ही चालू रह गए हैं, जिनसे पूरे गांव की प्यास बुझाने की कोशिश की जा रही है। इस गंभीर स्थिति पर, एमपी न्यूज़ 24 लाइव की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो ग्रामीणों का दर्द और गुस्सा खुलकर सामने आया। महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोजाना कई किलोमीटर दूर खेतों में बने निजी कुओं और ट्यूबवेलों से पानी लाना पड़ रहा है, और कई जगहों पर वे अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे स्रोतों से मटमैला पानी भरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का जलस्तर लगातार नीचे जाने के कारण सभी पारंपरिक जल स्रोत जवाब दे चुके हैं, जिससे पानी की तलाश में महिलाओं और बच्चों का अधिकांश समय निकल जाता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस संकट से केवल इंसान ही नहीं, बल्कि गांव के मवेशी भी पानी के अभाव में परेशान हैं, क्योंकि तालाब
और अन्य जल स्रोत सूख चुके हैं। ग्रामीण महिला दीपा गुरेले और गोराबाई ने यह भी बताया कि प्रशासन से पानी के टैंकर भेजने की कई बार मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। वहीं, ग्राम सरपंच अरविंद राय ने बताया कि पंचायत ट्यूबवेल के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रही है, लेकिन नल-जल योजना की पाइपलाइन ठेकेदार की लापरवाही से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पानी का पर्याप्त प्रेशर नहीं बन पा रहा है। सरपंच के मुताबिक, इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजी जा चुकी है और जल्द ही टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू करने के साथ-साथ बंद पड़े हैंडपंपों को सुधारने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीण प्रशासन के इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो से तीन दिनों के भीतर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील कार्यालय का घेराव और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर कब तक जगदीशपुरा के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करते रहेंगे और कब प्रशासन इस गंभीर संकट का स्थायी समाधान करेगा।
- बहुजन समाज पार्टी ने बीना विधानसभा क्षेत्र में "गांव चलो अभियान, भाईचारा बनाओ अभियान" के तहत विभिन्न गांवों में जनसंपर्क और नुक्कड़ बैठकों का आयोजन किया। इस अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुना और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में ग्राम डुरुआ, कोहा, खेजरा, इज्जतमंडी, बामोरा, सेमरखेड़ी सहित कई अन्य गांवों में पोलिंग बूथ और सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया और उनकी समीक्षा भी की गई। इस दौरान, समाज में बढ़ते अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन देकर शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने, समाज के सभी वर्गों में भाईचारा स्थापित करने और बहुजन समाज पार्टी की नीतियों व जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। इन बैठकों में तुलसीराम अहिरवार, संतोष अहिरवार, मुकेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, प्रकाश अहिरवार, पूरनलाल, रामचरण, प्रमोद कुमार, काशीराम, नरेंद्र अहिरवार, जयराम, गणेशाराम, मुन्नालाल, कमल अहिरवार, इमारत लाल, राजा अहिरवार, दिनेश अहिरवार, सोनू अहिरवार, सुरेंद्र कुमार, जमुना प्रसाद और गोविंद अहिरवार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बहुजन समाज पार्टी ने अपने "गांव चलो, भाईचारा बनाओ" अभियान के तहत बीना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया। इस अभियान के दौरान, पार्टी पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।1
- बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में बीना विधानसभा क्षेत्र 35 के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुरुआ, कोहा, खेजरा, इज्जत मंडी, बामोरा और सेमर खेड़ी सहित कई गाँवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। संघर्ष, सादगी और जन सेवा की पहचान रखने वाले अहिरवार ने इस दौरान पोलिंग बूथ कमेटी और सेक्टर कमेटी का गठन व समीक्षा की। जनसंपर्क के दौरान समाज पर हो रहे अन्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विकास से वंचित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। साथ ही, शासन की योजनाओं से लाभान्वित न हो पाने वाले लोगों की शिकायतें भी दर्ज की गईं। दशरथ अहिरवार ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन के माध्यम से इन समस्याओं का शीघ्र हल करने का आश्वासन दिया। इस अभियान का उद्देश्य महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना, सर्व समाज में भाईचारा स्थापित करना और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के दिशा-निर्देशों के अनुसार सर्व समाज को पार्टी से जोड़ना था। कार्यकर्ताओं ने बहुजन समाज पार्टी की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में "बीएसपी की क्या पहचान, नीला झंडा हाथी निशान", "बहुजन समाज पार्टी जिंदाबाद", "मान्यवर कांशीराम साहब जिंदाबाद", और "बहन कुमारी मायावती जी जिंदाबाद" जैसे नारों से पार्टी का संदेश मुखर किया गया। इस अवसर पर संतोष अहिरवार, मुकेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, प्रकाश अहिरवार, पूरनलाल, रामचरण, प्रमोद कुमार, काशीराम, नरेंद्र अहिरवार, जय राम, गणेशाराम, मुन्नालाल, कमल अहिरवार, इमारत लाल, राजा अहिरवार, दिनेश अहिरवार, सोनू अहिरवार, सुरेंद्र कुमार, जमुना प्रसाद, गोविंद अहिरवार सहित अनेक बहुजन कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान पोलिंग बूथ कमेटी सेक्टर कमेटी का गठन लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना (सागर)बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में बीना विधानसभा क्षेत्र 35 के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुरुआ कोहा खेजरा इज्जत मंडी बामोरा सेमर खेड़ी आदि ग्रामों में बीएसपी के विधानसभा अध्यक्ष दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में पोलिंग बूथ कमेटी सेक्टर कमेटी का गठन व समीक्षा समाज पर हो रहे अत्याचार, स्वास्थ्य शिक्षा रोजगार विकास एवं शासन की योजनाओं से वंचित लोगों की जनसंपर्क के दौरान समस्याएं सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवेदन ज्ञापन के जरिए शीघ्र समस्या का हल करने का आश्वासन दिया और महापुरुषों के बताएं मार्ग पर चलने सर्व समाज में भाईचारा स्थापित करने बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के दिशा निर्देश अनुसार सर्व समाज को बीएसपी से जोड़ने और बहुजन समाज पार्टी के द्वारा की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया बीएसपी की क्या पहचान नीला झंडा हाथी निशान बहुजन समाज पार्टी जिंदाबाद मान्यवर कांशीराम साहब जिंदाबाद बहन कुमारी मायावती जी जिंदाबाद इस अफसर पर संतोष अहिरवार मुकेश अहिरवार विनोद अहिरवार प्रकाश अहिरवार पूरनलाल रामचरण प्रमोद कुमार काशीराम नरेंद्र अहिरवार जय राम गणेशाराम मुन्नालाल कमल अहिरवार इमारत लाल राजा अहिरवार दिनेश अहिरवार सोनू अहिरवार सुरेंद्र कुमार जमुना प्रसाद गोविंद अहिरवार आदि बहुजन कार्यकर्ता उपस्थित रहे1
- विश्व साइकिल दिवस और 'संडे ऑन साइकिल' अभियान के अवसर पर अशोकनगर जिले में स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा फिट जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और बड़ी संख्या में नागरिकों सहित 150 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साइकिल रैली की शुरुआत रविवार को प्रातः 6:30 बजे विमानों के चबूतरा तुलसी सरोवर तालाब से हुई। यह रैली गांधी पार्क, तुलसी पार्क स्टेशन रोड और अस्पताल चौराहा होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ इसका समापन हुआ। समापन अवसर पर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने साइकिल को एक सरल, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का साधन बताया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से साइकिल चलाने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है, प्रदूषण कम होता है और ईंधन की बचत भी होती है। उन्होंने नागरिकों से दैनिक जीवन में साइकिल के अधिक से अधिक उपयोग को अपनाने का आह्वान किया और अधिकारियों से भी व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए साइकिल के उपयोग पर जोर देने को कहा। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिले के पर्यटन और पुरातात्विक स्थलों को भी साइकिल रैली के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से साइकिल चलाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ, स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी समाज के निर्माण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राजेश जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह कंवर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्री शैलेंद्र यादव, डी पी सी श्री राहुल शर्मा और जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री अरूण रघुवंशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।2
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में 6 जून 2017 को फसलों के उचित दाम और पूर्ण कर्जमुक्ति की मांग को लेकर भड़की किसान क्रांति को आज पूरे नौ वर्ष बीत चुके हैं। तत्कालीन पुलिस फायरिंग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 6 युवा किसानों—अभिषेक, पुनमचंद, चैनराम, सत्यनारायण, कन्हैयालाल और घनश्याम की शहादत को याद करते हुए देश के किसानों में आज भी आक्रोश की चिंगारी बरकरार है। इसी शहादत दिवस के अवसर पर, शनिवार को भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के तत्वाधान में सागर जिले की जैसीनगर तहसील के ग्राम साजी (पंचायत सरखडी) में शहीद किसान दिवस आक्रामक रूप में मनाया गया। देर शाम सैकड़ों किसान हाथों में जलती मशालें लेकर पूरे गांव में एक विशाल मशाल जुलूस में शामिल हुए, जहाँ 'शहीद किसान अमर रहें' के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जुलूस के बाद, एकत्रित किसानों ने शहीद किसानों के तैलचित्र पर फूल-मालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला अध्यक्ष नितिन ठाकुर ने सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि नौ वर्ष बाद भी शहीद किसानों को न्याय क्यों नहीं मिला और दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 2017 में जिन कर्जा मुक्ति और फसलों के पूरे दाम के लिए मंदसौर के किसानों ने सीने पर गोलियां खाई थीं, आज भी देश और प्रदेश का किसान उसी हक के लिए भटकने को मजबूर है। उन्होंने शहीदों के सपनों को मंजिल तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प दोहराया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और लचर खरीद प्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने किसानों को प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी हैं, जहाँ अन्नदाता को यूरिया और डीएपी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सोसायटियों के बाहर लंबी लाइनों में रातें काटनी पड़ रही हैं। संदीप ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को दो महीने पहले बेची गई चना, मसूर और गेहूं की फसलों का भुगतान अब तक नहीं मिला है, और सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। उन्होंने पिछली बार मक्का, धान और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठीक से खरीद न होने से हुए भारी घाटे का भी जिक्र किया। यूनियन के प्रांतीय नेतृत्व ने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि चालू सीजन में किसानों की मक्का, धान और सोयाबीन की फसलों के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदीप ठाकुर ने मांग की कि इस बार सरकार को किसानों के सोयाबीन, मक्का और धान का एक-एक दाना तय सरकारी व्यवस्था के अनुसार एमएसपी पर खरीदना ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने खरीद में लापरवाही या आनाकानी की, तो पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा और उग्र किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह भी विदित है कि 2017 के मंदसौर किसान आंदोलन ने ही देशभर के बिखरे हुए किसान संगठनों को एक मंच पर लाकर 'अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति' (AIKSCC) और बाद में 'संयुक्त किसान मोर्चा' (SKM) के गठन की नींव रखी थी। मंदसौर के इसी संघर्ष की मजबूत विरासत ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 380 दिनों तक चले देश के सबसे बड़े और ऐतिहासिक किसान आंदोलन की नींव रखी, जिसने अंततः केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था।1
- ललितपुर के बानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंगरा में खेतों के बीच बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सामने आए इस वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा होकर जुआ खेलते देखा जा सकता है, जिसमें लाखों रुपये के दांव लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से जुए का कारोबार फल-फूल रहा है। इसके साथ ही, यह भी चर्चा है कि मध्य प्रदेश सीमा से सटे इलाकों से भी चर्चित जुआरी यहाँ पहुँचते हैं।1
- मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच मानव सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिल रहा है। यहां नि:शुल्क जल वितरण समिति, बीना (म.प्र.) के तत्वावधान में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों द्वारा रेल यात्रियों को प्रतिदिन नि:शुल्क ठंडा पेयजल वितरित किया जा रहा है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को गर्मी के मौसम में राहत पहुँचाने के उद्देश्य से यह सेवा अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। समिति द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली रेलगाड़ियों के यात्रियों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस जनसेवा अभियान में राजेंद्र कुमार सेन (रज्जू), ऑल इंडिया सेन जी महासंघ ट्रस्ट बीना, प्रभात रजक, सूरज आठ्या, विकास रजक, समन्वय मंडपम संस्था बीना और स्काउट-गाइड मास्टर संजय विश्वकर्मा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही, कुमारी रितु बघेल, कुमारी इशिका अहिरवार, तरुण राजपूत, धैर्य तिवारी, हर्षित राजपूत, विशेष प्रजापति, कनिष्क लोधी, कुमारी नमिता बघेल, आनंद बघेल और कुमारी कृतिका अहिरवार जैसे युवा स्वयंसेवक एवं स्काउट-गाइड छात्र-छात्राएँ भी अपनी सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। समिति के सदस्यों ने इस सेवा को 'मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म' बताया है और यात्रियों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानी है। यात्रियों ने भी इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए समिति और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया है। यह सेवा अभियान न केवल समाज में मानवता, सहयोग और सेवा भावना को मजबूत कर रहा है, बल्कि युवाओं को भी सामाजिक कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे भीषण गर्मी में जरूरतमंद यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है।1