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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों का पालन करते हुए, बुधवार को धौलपुर के जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मागो और सचिव रेखा यादव ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान, न्यायिक अधिकारियों ने नालसा द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, उनके मुकदमों की स्थिति, अधिवक्ताओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। संबंधित अधिवक्ताओं और जेल प्रशासन को बंदियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो और उन्हें उनके विधिक अधिकारों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, कारागृह के रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया ताकि बंदियों को दिए जाने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की जांच हो सके। न्यायिक अधिकारियों ने जिला कारागृह में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हेल्प डेस्क पर तैनात अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स से बातचीत कर यह समझा कि प्रतिदिन आने वाले फरियादियों की समस्याओं का पंजीकरण और निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया गया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। हेल्प डेस्क पर संधारित रजिस्टरों और अभिलेखों की भी जांच की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों और अधिकार मित्रों को यह निर्देश दिए गए कि सभी प्रविष्टियां नियमानुसार और प्रतिदिन अपडेट रखी जाएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। इस मासिक निरीक्षण के अवसर पर प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डण्डौतिया, चीफ एलएडीसी अमित कमठान, डिप्टी चीफ एलएडीसी पप्पू सिंह गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी दीपक सिकरवार और आराधना शर्मा सहित कारागृह स्टाफ एवं बंदीजन उपस्थित रहे।

4 hrs ago
user_Afaq ahmed
Afaq ahmed
Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों का पालन करते हुए, बुधवार को धौलपुर के जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मागो और सचिव रेखा यादव ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान, न्यायिक अधिकारियों ने नालसा द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, उनके मुकदमों की स्थिति, अधिवक्ताओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। संबंधित अधिवक्ताओं और जेल प्रशासन को बंदियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो और उन्हें उनके विधिक अधिकारों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, कारागृह के रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया ताकि बंदियों को दिए

जाने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की जांच हो सके। न्यायिक अधिकारियों ने जिला कारागृह में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हेल्प डेस्क पर तैनात अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स से बातचीत कर यह समझा कि प्रतिदिन आने वाले फरियादियों की समस्याओं का पंजीकरण और निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया गया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। हेल्प डेस्क पर संधारित रजिस्टरों और अभिलेखों की भी जांच की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों और अधिकार मित्रों को यह निर्देश दिए गए कि सभी प्रविष्टियां नियमानुसार और प्रतिदिन अपडेट रखी जाएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। इस मासिक निरीक्षण के अवसर पर प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डण्डौतिया, चीफ एलएडीसी अमित कमठान, डिप्टी चीफ एलएडीसी पप्पू सिंह गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी दीपक सिकरवार और आराधना शर्मा सहित कारागृह स्टाफ एवं बंदीजन उपस्थित रहे।

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  • धौलपुर जिले के अधन्नपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन पूज्य संत बाल ब्रह्मचारी अवधूत लोकेशानंद जी महाराज गुफाधाम जारौली टीला वालों ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग ही नहीं, बल्कि मनुष्य को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश भी देती है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों में प्रकृति को ईश्वर का साक्षात रूप बताया। महाराज श्री ने प्रकृति दर्शन, परीक्षित मोक्ष, उद्धव संवाद और सुदामा चरित्र पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी, पर्वत, वृक्ष और पशु-पक्षी सभी भगवान के विराट स्वरूप का अभिन्न हिस्सा हैं। भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र की पूजा रुकवाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कराने का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि यह हमें प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान और संरक्षण करने की सीख देता है। परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मृत्यु अटल है, परंतु ईश्वर भक्ति से इसका भय समाप्त हो जाता है, जैसा कि राजा परीक्षित ने शुकदेव जी के मुख से कथा सुनकर परम पद प्राप्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान कृष्ण ने जब अपने मित्र उद्धव को ब्रज भेजा, तो गोपियों के निश्छल और अनन्य प्रेम को देखकर उद्धव का ज्ञान का अहंकार टूट गया और उन्होंने भक्ति मार्ग को ज्ञान से श्रेष्ठ माना। संगीत कलाकारों के भजनों के माध्यम से जब कृष्ण और सुदामा की दिव्य मित्रता का प्रसंग सुनाया गया, तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने जोर देकर कहा कि भगवान धन-दौलत के नहीं, बल्कि सच्चे भाव और प्रेम के भूखे हैं। इस अवसर पर कथा आयोजक सोबरन सिंह अरेला और भगवंत प्रसाद पीटीआई के साथ राजेश मरैया, पुरुषोत्तम, संतोष, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, बृजेश उपाध्याय, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र, कृष्णकांत एवं अन्य श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा का समापन महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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    धौलपुर जिले के अधन्नपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन पूज्य संत बाल ब्रह्मचारी अवधूत लोकेशानंद जी महाराज गुफाधाम जारौली टीला वालों ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग ही नहीं, बल्कि मनुष्य को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश भी देती है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों में प्रकृति को ईश्वर का साक्षात रूप बताया।

महाराज श्री ने प्रकृति दर्शन, परीक्षित मोक्ष, उद्धव संवाद और सुदामा चरित्र पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी, पर्वत, वृक्ष और पशु-पक्षी सभी भगवान के विराट स्वरूप का अभिन्न हिस्सा हैं। भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र की पूजा रुकवाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कराने का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि यह हमें प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान और संरक्षण करने की सीख देता है। परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मृत्यु अटल है, परंतु ईश्वर भक्ति से इसका भय समाप्त हो जाता है, जैसा कि राजा परीक्षित ने शुकदेव जी के मुख से कथा सुनकर परम पद प्राप्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान कृष्ण ने जब अपने मित्र उद्धव को ब्रज भेजा, तो गोपियों के निश्छल और अनन्य प्रेम को देखकर उद्धव का ज्ञान का अहंकार टूट गया और उन्होंने भक्ति मार्ग को ज्ञान से श्रेष्ठ माना।

संगीत कलाकारों के भजनों के माध्यम से जब कृष्ण और सुदामा की दिव्य मित्रता का प्रसंग सुनाया गया, तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने जोर देकर कहा कि भगवान धन-दौलत के नहीं, बल्कि सच्चे भाव और प्रेम के भूखे हैं। इस अवसर पर कथा आयोजक सोबरन सिंह अरेला और भगवंत प्रसाद पीटीआई के साथ राजेश मरैया, पुरुषोत्तम, संतोष, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, बृजेश उपाध्याय, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र, कृष्णकांत एवं अन्य श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा का समापन महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
    user_ANURAG BAGHEL
    ANURAG BAGHEL
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    54 min ago
  • धौलपुर में साइबर अपराध पुलिस थाना ने एक ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के बैंक खाते से निकाले गए 60 हजार 848 रुपये की पूरी राशि मात्र 24 घंटे के भीतर वापस दिलवा दी। सरमथुरा निवासी प्रेम सिंह के व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई थी, जिसे इंस्टॉल करते ही बिना किसी ओटीपी के उनके खाते से कुल 60,848 रुपये निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही पीड़ित प्रेम सिंह ने एक घंटे के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, साइबर अपराध पुलिस थाना धौलपुर में तैनात कांस्टेबल अमित शर्मा ने संबंधित बैंकों और वॉलेट कंपनियों के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधा। इस त्वरित समन्वय और कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ठगी की गई संपूर्ण राशि 24 घंटे के भीतर पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस कर दी गई। साइबर थाना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध मोबाइल ऐप को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर या अपने नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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    धौलपुर में साइबर अपराध पुलिस थाना ने एक ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के बैंक खाते से निकाले गए 60 हजार 848 रुपये की पूरी राशि मात्र 24 घंटे के भीतर वापस दिलवा दी। सरमथुरा निवासी प्रेम सिंह के व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई थी, जिसे इंस्टॉल करते ही बिना किसी ओटीपी के उनके खाते से कुल 60,848 रुपये निकाल लिए गए।

ठगी का पता चलते ही पीड़ित प्रेम सिंह ने एक घंटे के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, साइबर अपराध पुलिस थाना धौलपुर में तैनात कांस्टेबल अमित शर्मा ने संबंधित बैंकों और वॉलेट कंपनियों के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधा। इस त्वरित समन्वय और कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ठगी की गई संपूर्ण राशि 24 घंटे के भीतर पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस कर दी गई।

साइबर थाना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध मोबाइल ऐप को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर या अपने नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    56 min ago
  • धौलपुर के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग मुक्त परिसर और भय मुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर एक रैली निकाली, जिसके माध्यम से सभी उपस्थित विद्यार्थियों को एंटी-रैगिंग के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने एंटी-रैगिंग संबंधी पोस्टर भी तैयार किए। कार्यक्रम में एंटी-रैगिंग के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाला एक नाटक भी मंचित किया गया। यह आयोजन प्रधानाचार्य डॉ. दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में, और सहायक आचार्य एनाटॉमी डॉ. संतोष कुमार एवं सहायक आचार्य माइक्रोबायोलॉजी डॉ. आशीष सारस्वत के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भविष्य में किसी भी प्रकार की रैगिंग न करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई सीनियर छात्र-छात्रा किसी जूनियर छात्र-छात्रा के साथ रैगिंग करता है, तो इसकी शिकायत नेशनल एंटी रैगिंग हेल्प लाइन नंबर 18001805522 पर की जा सकती है। इस जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. माधुरी गुप्ता, डॉ. हेमलता गुप्ता, अनिल गोयल, ध्रुव सिंह सिकरवार, मुकेश यादव और प्रेमराज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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    धौलपुर के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग मुक्त परिसर और भय मुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर एक रैली निकाली, जिसके माध्यम से सभी उपस्थित विद्यार्थियों को एंटी-रैगिंग के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने एंटी-रैगिंग संबंधी पोस्टर भी तैयार किए।

कार्यक्रम में एंटी-रैगिंग के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाला एक नाटक भी मंचित किया गया। यह आयोजन प्रधानाचार्य डॉ. दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में, और सहायक आचार्य एनाटॉमी डॉ. संतोष कुमार एवं सहायक आचार्य माइक्रोबायोलॉजी डॉ. आशीष सारस्वत के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भविष्य में किसी भी प्रकार की रैगिंग न करने की हिदायत दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई सीनियर छात्र-छात्रा किसी जूनियर छात्र-छात्रा के साथ रैगिंग करता है, तो इसकी शिकायत नेशनल एंटी रैगिंग हेल्प लाइन नंबर 18001805522 पर की जा सकती है। इस जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. माधुरी गुप्ता, डॉ. हेमलता गुप्ता, अनिल गोयल, ध्रुव सिंह सिकरवार, मुकेश यादव और प्रेमराज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
    user_Mukesh Sootel
    Mukesh Sootel
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • धौलपुर में नौतपा की भीषण गर्मी और आग उगलती दोपहरी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों की पीड़ा को समझते हुए एडवोकेट, पत्रकार और आमजन ने मिलकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार निभाया है। मई-जून की तपती गर्मी से पक्षियों के गले सूख रहे हैं और आवारा पशु पानी की तलाश में भटक रहे हैं, ऐसे में शहर के अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था का बीड़ा उठाया है। इस पहल के तहत, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आमजन द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधे जा रहे हैं, जिनमें रोजाना ताजा पानी भरा जाता है ताकि चिड़िया, कबूतर और अन्य पक्षी अपनी प्यास बुझा सकें। वहीं, सड़कों, मंदिरों के पास और सुनसान इलाकों में बेसहारा गाय, कुत्ते, बंदर जैसे जानवरों के लिए लोगों ने अपनी ओर से बड़ी पानी की टंकियां रखवाई हैं। इन टंकियों में भी रोजाना पानी भरा जाता है, जिससे सैकड़ों बेजुबान जानवरों को बड़ी राहत मिल रही है। पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने इस अवसर पर कहा कि न्यायालय में हम इंसानों के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन प्रकृति और उसके जीवों का भी हम पर उतना ही हक है, और नौतपा में एक बर्तन पानी रख देना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने बताया कि कानून हमें दया और करुणा सिखाता है, और जब इंसान अपने स्वार्थ में अंधा होता है, तो ये बेजुबान जानवर सबसे पहले पीड़ित होते हैं। उन्होंने इस संयुक्त प्रयास को समाज को नई दिशा देने वाला बताया और हर नागरिक से अपने स्तर पर एक परिंडा लगाने का आह्वान किया। अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नौतपा के 9 दिन धरती का तापमान सबसे अधिक होता है, जिससे प्रकृति और जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाता है। उनका मानना है कि प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करे। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपने घर की छत, बालकनी, दुकान या मोहल्ले में एक मिट्टी का बर्तन पानी से भरकर रखें, क्योंकि एक छोटा सा प्रयास किसी पक्षी की जान बचा सकता है। स्थानीय युवा, अधिवक्ता, पत्रकार और आमजन प्रतिदिन सुबह-शाम परिंडे और टंकियों की सफाई कर उन्हें फिर से भर रहे हैं, और यह सेवा अभियान गर्मी कम होने तक लगातार जारी रहेगा। रमा पंडित, सचिन पाराशर, सार्थक उपाध्याय, हिमांशु, धीरेंद्र कुशवाह, मीनेश मीना, अनिल मीणा, हेमंत सिंह, अनुराग कटारा, अजीत, रजित शर्मा, रमाकांत शर्मा, अजीत परिहार, हरवीर शर्मा और भानु शर्मा सहित कई लोग इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जो नौतपा की इस तपिश में पशु-पक्षियों के लिए जीवनदान और इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन रहा है।
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    धौलपुर में नौतपा की भीषण गर्मी और आग उगलती दोपहरी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों की पीड़ा को समझते हुए एडवोकेट, पत्रकार और आमजन ने मिलकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार निभाया है। मई-जून की तपती गर्मी से पक्षियों के गले सूख रहे हैं और आवारा पशु पानी की तलाश में भटक रहे हैं, ऐसे में शहर के अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था का बीड़ा उठाया है।

इस पहल के तहत, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आमजन द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधे जा रहे हैं, जिनमें रोजाना ताजा पानी भरा जाता है ताकि चिड़िया, कबूतर और अन्य पक्षी अपनी प्यास बुझा सकें। वहीं, सड़कों, मंदिरों के पास और सुनसान इलाकों में बेसहारा गाय, कुत्ते, बंदर जैसे जानवरों के लिए लोगों ने अपनी ओर से बड़ी पानी की टंकियां रखवाई हैं। इन टंकियों में भी रोजाना पानी भरा जाता है, जिससे सैकड़ों बेजुबान जानवरों को बड़ी राहत मिल रही है।

पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने इस अवसर पर कहा कि न्यायालय में हम इंसानों के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन प्रकृति और उसके जीवों का भी हम पर उतना ही हक है, और नौतपा में एक बर्तन पानी रख देना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने बताया कि कानून हमें दया और करुणा सिखाता है, और जब इंसान अपने स्वार्थ में अंधा होता है, तो ये बेजुबान जानवर सबसे पहले पीड़ित होते हैं। उन्होंने इस संयुक्त प्रयास को समाज को नई दिशा देने वाला बताया और हर नागरिक से अपने स्तर पर एक परिंडा लगाने का आह्वान किया।

अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नौतपा के 9 दिन धरती का तापमान सबसे अधिक होता है, जिससे प्रकृति और जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाता है। उनका मानना है कि प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करे। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपने घर की छत, बालकनी, दुकान या मोहल्ले में एक मिट्टी का बर्तन पानी से भरकर रखें, क्योंकि एक छोटा सा प्रयास किसी पक्षी की जान बचा सकता है। स्थानीय युवा, अधिवक्ता, पत्रकार और आमजन प्रतिदिन सुबह-शाम परिंडे और टंकियों की सफाई कर उन्हें फिर से भर रहे हैं, और यह सेवा अभियान गर्मी कम होने तक लगातार जारी रहेगा। रमा पंडित, सचिन पाराशर, सार्थक उपाध्याय, हिमांशु, धीरेंद्र कुशवाह, मीनेश मीना, अनिल मीणा, हेमंत सिंह, अनुराग कटारा, अजीत, रजित शर्मा, रमाकांत शर्मा, अजीत परिहार, हरवीर शर्मा और भानु शर्मा सहित कई लोग इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जो नौतपा की इस तपिश में पशु-पक्षियों के लिए जीवनदान और इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन रहा है।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • धौलपुर के बाड़ी उपखंड और तहसील कार्यालयों पर 26 मई को कर्मचारियों ने अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर एक घंटे का सामूहिक कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजस्थान सरकार द्वारा कर्मचारी हितों पर किए जा रहे कथित कुठाराघात के विरोध में था, जिसमें कर्मचारियों का तीखा आक्रोश देखने को मिला। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. रनजीत मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. रनजीत मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और सुविधाओं पर लगातार चोट कर रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में आरजीएचएस (RGHS) योजना का निजीकरण रोकना, बीमा कंपनियों के प्रवेश को रोकना और समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) के भुगतान पर लगी अघोषित रोक को तत्काल हटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, महासंघ के 25 सूत्री मांग पत्र को पूरा करने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने दुख व्यक्त किया कि उन्हें अपने स्वयं के जीपीएफ से पैसा निकालने के लिए 6-6 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिसे उन्होंने कर्मचारियों के साथ कुठाराघात बताया। इस सामूहिक कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी और भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें जिला अध्यक्ष चंद्रभान चौधरी, कर्मचारी नेता डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव (जिला आयुर्वेद चिकित्सक संघ अध्यक्ष), गोपाल कृष्ण शर्मा (आयुर्वेद संघर्ष समिति अध्यक्ष), टीकम सिंह जाट (शिक्षक संघ महामंत्री), आईएलआर सुनील कुमार परमार, जितेंद्र सिंह मीणा, हृदेश पाठक, हितेंद्र कुमार व्यास, टीएलआई ब्रजराज मीणा, सूचना सहायक प्रकाश सामरिया, वरिष्ठ सहायक सोनू शर्मा, कनिष्ठ सहायक महेश कुमार मीणा, और अध्यापक अशोक कुमार मीणा जैसे अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया और कर्मचारियों की आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी कि वह जल्द से जल्द कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम उठाए और 25 सूत्री मांग पत्र को पूरा करे। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज व उग्र किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।
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    धौलपुर के बाड़ी उपखंड और तहसील कार्यालयों पर 26 मई को कर्मचारियों ने अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर एक घंटे का सामूहिक कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजस्थान सरकार द्वारा कर्मचारी हितों पर किए जा रहे कथित कुठाराघात के विरोध में था, जिसमें कर्मचारियों का तीखा आक्रोश देखने को मिला। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. रनजीत मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. रनजीत मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और सुविधाओं पर लगातार चोट कर रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में आरजीएचएस (RGHS) योजना का निजीकरण रोकना, बीमा कंपनियों के प्रवेश को रोकना और समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) के भुगतान पर लगी अघोषित रोक को तत्काल हटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, महासंघ के 25 सूत्री मांग पत्र को पूरा करने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने दुख व्यक्त किया कि उन्हें अपने स्वयं के जीपीएफ से पैसा निकालने के लिए 6-6 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिसे उन्होंने कर्मचारियों के साथ कुठाराघात बताया।

इस सामूहिक कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी और भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें जिला अध्यक्ष चंद्रभान चौधरी, कर्मचारी नेता डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव (जिला आयुर्वेद चिकित्सक संघ अध्यक्ष), गोपाल कृष्ण शर्मा (आयुर्वेद संघर्ष समिति अध्यक्ष), टीकम सिंह जाट (शिक्षक संघ महामंत्री), आईएलआर सुनील कुमार परमार, जितेंद्र सिंह मीणा, हृदेश पाठक, हितेंद्र कुमार व्यास, टीएलआई ब्रजराज मीणा, सूचना सहायक प्रकाश सामरिया, वरिष्ठ सहायक सोनू शर्मा, कनिष्ठ सहायक महेश कुमार मीणा, और अध्यापक अशोक कुमार मीणा जैसे अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया और कर्मचारियों की आवाज बुलंद की।

प्रदर्शन के दौरान सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी कि वह जल्द से जल्द कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम उठाए और 25 सूत्री मांग पत्र को पूरा करे। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज व उग्र किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।
    user_OM PRAKASH
    OM PRAKASH
    Journalist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) राजस्थान के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री बीके कुशवाहा का अभिनंदन किया गया है। इस अवसर पर उन्हें साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
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    भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) राजस्थान के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री बीके कुशवाहा का अभिनंदन किया गया है। इस अवसर पर उन्हें साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
    user_NATION MEDIA AB
    NATION MEDIA AB
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • राजस्थान के बाड़ी में युवाओं और छात्रों ने मारवाड़ी भाषा को राजस्थानी भाषा बनाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में स्पष्ट किया गया कि पूर्वी राजस्थान किसी भी स्थिति में मारवाड़ी भाषा को स्वीकार नहीं करेगा। प्रदर्शनकारियों ने ब्रज भाषा को ही क्षेत्र की पहचान बनाए रखने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि इस विरोध प्रदर्शन को आगे जिला और संभाग मुख्यालयों तक ले जाया जाएगा।
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    राजस्थान के बाड़ी में युवाओं और छात्रों ने मारवाड़ी भाषा को राजस्थानी भाषा बनाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।

पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में स्पष्ट किया गया कि पूर्वी राजस्थान किसी भी स्थिति में मारवाड़ी भाषा को स्वीकार नहीं करेगा। प्रदर्शनकारियों ने ब्रज भाषा को ही क्षेत्र की पहचान बनाए रखने की पुरजोर मांग की है।

इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि इस विरोध प्रदर्शन को आगे जिला और संभाग मुख्यालयों तक ले जाया जाएगा।
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    20 min ago
  • राजाखेड़ा क्षेत्र के खोड़ गाँव, पंचायत बरेठा में दो दिन पहले हुई एक भीषण आगजनी की घटना में एक परिवार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस हादसे में कप्तान सिंह पुत्र रामचरण कुशवाह के घर में बंधी चार भैंस, एक बकरा, अनाज और पूरा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया, जिससे परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा पीड़ित परिवार से मिलने गाँव पहुँचे। उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही, विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की और उन्हें निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव मदद दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस दौरान, ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार को सहायता मुहैया कराने की मांग उठाई।
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    राजाखेड़ा क्षेत्र के खोड़ गाँव, पंचायत बरेठा में दो दिन पहले हुई एक भीषण आगजनी की घटना में एक परिवार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस हादसे में कप्तान सिंह पुत्र रामचरण कुशवाह के घर में बंधी चार भैंस, एक बकरा, अनाज और पूरा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया, जिससे परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा पीड़ित परिवार से मिलने गाँव पहुँचे। उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही, विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की और उन्हें निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव मदद दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस दौरान, ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार को सहायता मुहैया कराने की मांग उठाई।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
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