राजस्थान के खण्डीप गांव में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों की महापंचायत में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह किसान धरना 5 जून, 2026 से जारी है और आज इसका 15वां दिन है। कमाण्ड क्षेत्र के किसान माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। धरना स्थल पर प्रतिदिन विभिन्न गांवों के किसान, महिलाएं, युवा और पंच-पटेल पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। विधायक रामकेश मीना ने धरना स्थल से किसानों को संबोधित करते हुए इसे न्याय और अन्याय की लड़ाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है और वह कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को कम आंक रही है तथा उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसान केवल माननीय न्यायालय के आदेश का पालन चाहते हैं और सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहे हैं। उन्होंने देवलेन मोड़ पर आयोजित महापंचायत में 360 गांवों के किसानों की मांग का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें सभी क्षेत्रों को पानी मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है। मीना ने यह भी कहा कि राज्य के गृहमंत्री हाल ही में किसानों के धरना स्थल से कुछ ही किलोमीटर दूर कोड़िया गांव पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने किसानों से मिलने की आवश्यकता नहीं समझी, जिससे किसानों में निराशा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन को दबाने या डराने के प्रयासों से किसान पीछे नहीं हटेंगे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। इस आंदोलन को कमाण्ड और अनकमाण्ड दोनों क्षेत्रों के किसानों का लगातार समर्थन मिल रहा है। पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी भी आज धरना स्थल पर पहुंचीं और किसानों को संबोधित करते हुए पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने किसानों से सरकार या प्रशासन से भयभीत न होने का आह्वान किया और स्वयं भी किसानों के साथ धरने पर बैठने की इच्छा व्यक्त करते हुए बार-बार 'पानी खुलना चाहिए, पानी खुलना चाहिए' कहकर उनका उत्साहवर्धन किया। विधायक रामकेश मीना ने श्रीमती गोलमा देवी का आभार व्यक्त किया और उनसे आग्रह किया कि वे डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को भी जल्द धरना स्थल पर भेजें, ताकि किसानों का मनोबल और मजबूत हो तथा सरकार पर सकारात्मक पहल के लिए दबाव बने। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार निर्धारित जिम्मेदारियों के तहत किया जा रहा है। 19 और 20 जून को कुंसाय, मैड़ी, फुलवाड़ा और खोड़पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, जहां किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में पहुंचे। 20 से 21 जून तक धरना स्थल की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी ग्राम दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के किसानों की रहेगी, जिनके हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और मजबूती देने की उम्मीद है। विधायक रामकेश मीना और पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने उक्त सभी गांवों के किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से पूर्णतः शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाए, जिससे आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे।
राजस्थान के खण्डीप गांव में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों की महापंचायत में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह किसान धरना 5 जून, 2026 से जारी है और आज इसका 15वां दिन है। कमाण्ड क्षेत्र के किसान माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। धरना स्थल पर प्रतिदिन विभिन्न गांवों के किसान, महिलाएं, युवा और पंच-पटेल पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। विधायक रामकेश मीना ने धरना स्थल से किसानों को संबोधित करते हुए इसे न्याय और अन्याय की लड़ाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है और वह कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को कम आंक रही है तथा उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसान केवल माननीय न्यायालय के आदेश का पालन चाहते हैं और सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहे हैं। उन्होंने देवलेन मोड़ पर आयोजित महापंचायत में 360 गांवों के किसानों की मांग का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें सभी
क्षेत्रों को पानी मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है। मीना ने यह भी कहा कि राज्य के गृहमंत्री हाल ही में किसानों के धरना स्थल से कुछ ही किलोमीटर दूर कोड़िया गांव पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने किसानों से मिलने की आवश्यकता नहीं समझी, जिससे किसानों में निराशा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन को दबाने या डराने के प्रयासों से किसान पीछे नहीं हटेंगे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। इस आंदोलन को कमाण्ड और अनकमाण्ड दोनों क्षेत्रों के किसानों का लगातार समर्थन मिल रहा है। पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी भी आज धरना स्थल पर पहुंचीं और किसानों को संबोधित करते हुए पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने किसानों से सरकार या प्रशासन से भयभीत न होने का आह्वान किया और स्वयं भी किसानों के साथ धरने पर बैठने की इच्छा व्यक्त करते हुए बार-बार 'पानी खुलना चाहिए, पानी खुलना चाहिए' कहकर उनका उत्साहवर्धन किया। विधायक रामकेश मीना ने श्रीमती गोलमा देवी का आभार व्यक्त किया और उनसे आग्रह किया कि वे डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को भी जल्द धरना स्थल पर भेजें, ताकि किसानों का मनोबल और मजबूत
हो तथा सरकार पर सकारात्मक पहल के लिए दबाव बने। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार निर्धारित जिम्मेदारियों के तहत किया जा रहा है। 19 और 20 जून को कुंसाय, मैड़ी, फुलवाड़ा और खोड़पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, जहां किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में पहुंचे। 20 से 21 जून तक धरना स्थल की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी ग्राम दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के किसानों की रहेगी, जिनके हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और मजबूती देने की उम्मीद है। विधायक रामकेश मीना और पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने उक्त सभी गांवों के किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से पूर्णतः शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाए, जिससे आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे।
- माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।1
- हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।1
- लालसोट पंचायत समिति में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का समापन 20 जून को हुआ। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास को प्रदर्शित करने के लिए लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा, नगर महामंत्री भागचंद सैनी, नगर प्रवक्ता भानु प्रकाश चतुर्वेदी, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक शेड्डलाई, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी, नगर उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी रावत, नगर अनु शर्मा, सैनी मोहन सैनी, अवतार सैनी, जीतू शर्मा, विष्णु राजू शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी अवसर पर लालसोट महिला मंडल द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक पौधा भी लगाया गया। इस प्रकार, '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन हो गया।3
- करौली जिले के हिण्डोन स्थित फैली का पुरा भैरव जी मंदिर में एक आवारा जानवर ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को घायल कर दिया। इस घटना के बाद मंदिर के पुजारी टीकम चंदा और आसपास के घरों के बच्चों ने मिलकर जंगली जानवर, जिनमें कुत्ता और बिल्ली शामिल थे, को भगाकर घायल मोर को बचाया। जानकारी के अनुसार, इस घटना की सूचना वन विभाग की टीम को दे दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- सपोटरा क्षेत्र के 411 गाँवों से 22 जून को खण्डीप में एक विशाल जनसैलाब उमड़ने वाला है। यह आयोजन एक किसान महापंचायत के रूप में हो रहा है, जहाँ पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने की प्रमुख मांग को लेकर लोग एकजुट होंगे। इस महापंचायत में 'किसान एकता ज़िंदाबाद!' और 'पानी कमांड एरिया का अधिकार है हमारा!' जैसे नारे गूंजेंगे। किसानों का स्पष्ट संदेश है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पांचना बांध का पानी उनके कमांड एरिया तक नहीं पहुँच जाता। इस मौके पर 'जय जवान! जय किसान!' और 'इंकलाब ज़िंदाबाद!' के जोशीले नारे भी लगाए जाएंगे, जो किसानों के एकजुटता और निर्णायक संघर्ष का प्रतीक होंगे।1