पीलीभीत के पूरनपुर स्थित बराही रेंज के पर्यटन मुख्य द्वार पर रविवार को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। बाइफरकेशन क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व वन दरोगा सुरेंद्र गौतम और फॉरेस्ट गार्ड विकास ने किया। बराही रेंज के समस्त स्टाफ के साथ-साथ पर्यटन से जुड़े गाइडों और ड्राइवरों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके तहत क्षेत्र में फैले कचरे को एकत्र कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया। यह सफाई अभियान बाइफरकेशन से मुस्तफाबाद मार्ग, बाइफरकेशन सप्त सरोवर मार्ग और बाइफरकेशन चुका मार्ग तक विस्तृत रूप से चलाया गया। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन, खाद्य सामग्री के रैपर और अन्य अपशिष्ट एकत्र किए गए, जो आमतौर पर पर्यटकों द्वारा पीछे छोड़ दिए जाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन स्थलों पर आने वाले कई पर्यटक अनजाने में या लापरवाहीवश कचरा छोड़ जाते हैं, जिससे प्राकृतिक वातावरण दूषित होता है। अधिकारियों ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि रात के समय जंगल क्षेत्र में विचरण करने वाले शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्य जीव इंसानों द्वारा छोड़े गए इस कचरे को भोजन समझकर खा सकते हैं। ऐसा होने पर उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और कई बार वन्यजीवों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। इसी गंभीर खतरे को ध्यान में रखते हुए यह विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया था। अधिकारियों ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे जंगल और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि वन और वन्यजीव हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
पीलीभीत के पूरनपुर स्थित बराही रेंज के पर्यटन मुख्य द्वार पर रविवार को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। बाइफरकेशन क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व वन दरोगा सुरेंद्र गौतम और फॉरेस्ट गार्ड विकास ने किया। बराही रेंज के समस्त स्टाफ के साथ-साथ पर्यटन से जुड़े गाइडों और ड्राइवरों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके तहत क्षेत्र में फैले कचरे को एकत्र कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया। यह सफाई अभियान बाइफरकेशन से मुस्तफाबाद मार्ग, बाइफरकेशन सप्त सरोवर मार्ग और बाइफरकेशन चुका मार्ग तक विस्तृत रूप से चलाया गया। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन, खाद्य सामग्री के रैपर और अन्य अपशिष्ट एकत्र किए गए, जो आमतौर पर पर्यटकों द्वारा पीछे छोड़ दिए जाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन स्थलों पर आने वाले कई पर्यटक अनजाने में या लापरवाहीवश कचरा छोड़ जाते हैं, जिससे प्राकृतिक वातावरण दूषित होता है। अधिकारियों ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि रात के समय जंगल क्षेत्र में विचरण करने वाले शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्य जीव इंसानों द्वारा छोड़े गए इस कचरे को भोजन समझकर खा सकते हैं। ऐसा होने पर उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और कई बार वन्यजीवों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। इसी गंभीर खतरे को ध्यान में रखते हुए यह विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया था। अधिकारियों ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे जंगल और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि वन और वन्यजीव हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
- पूरनपुर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से प्रेस क्लब पूरनपुर द्वारा एक शरबत प्याऊ का आयोजन किया गया है। यह पहल स्टेशन चौराहे पर स्थित पुलिस चौकी के पास की गई, जहाँ राहगीरों और स्थानीय लोगों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए ठंडे शरबत का वितरण किया जा रहा है।1
- बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि संपत्ति को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ करते हुए आगे की जांच कर रही है।1
- पीलीभीत में 'नारी शक्ति' का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ महिलाओं ने एक शराब के ठेके के विरोध में सड़क पर शराब की बोतलें बहा दीं। यह प्रदर्शन शराब पर चल रहे संग्राम का हिस्सा था, जिसमें महिलाओं ने इस ठेके को बंद करने की मांग को लेकर अपना कड़ा विरोध जताया। महिलाओं का कहना है कि इस शराब के ठेके के कारण गाँव के कई हंसते-खेलते परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और घरों की आर्थिक स्थिति भी चरमरा गई है। इस मामले में महिला प्रधान ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यह शराब का ठेका बंद नहीं हुआ, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर से बहस का विषय बन गया है। विधानसभा में हुई एक बहस के दौरान उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि किसी को "अल्लाह हू अकबर" का नारा अच्छा न लगे और वह उसे रोकने का प्रयास करे, तो क्या यह उचित होगा। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के माध्यम से धार्मिक नारों और आस्था के सम्मान के महत्व पर बात की थी। उनके इस बयान पर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई थीं। जहाँ एक ओर समर्थकों ने इसे सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करने और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाने का प्रयास बताया था, वहीं आलोचकों ने इसे एक विवादास्पद बयान करार दिया था। आज भी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाया हुआ है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा विषय मानते हुए इस पर अपनी राय रख रहे हैं, जबकि अन्य इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह बहस लगातार जारी है।1
- पीलीभीत में असलम खान आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के अपराधी के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मांग 'पीलीभीत की आवाज' और 'PILIBHIT LIVE' जैसे मंचों के माध्यम से उठाई जा रही है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रदेश सरकार का ध्यान इस गंभीर मामले की ओर आकर्षित करना है।1
- पीलीभीत जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ललौरी खेड़ा में एक शराब की दुकान को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है।1