हसनगंज पुलिस ने कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध एक विशेष समकालीन अभियान चलाया। इस व्यापक कार्रवाई के तहत, पुलिस ने हजारों लीटर अर्ध-निर्मित चुलाई शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हसनगंज थाना क्षेत्र के भर्रा आदिवासी टोला, पोखर टोल कालसर, बलुआ और छोटकी रटनी जैसे इलाकों में स्वान दस्ते (डॉग स्क्वायड) की मदद से सघन छापेमारी की। अभियान के दौरान, पुलिस दल ने विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गई अर्ध-निर्मित चुलाई शराब को खोज निकाला और शराब बनाने में उपयोग होने वाले पीले रंग के डिब्बों में रखी शराब को जमीन पर बहाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस संबंध में, थाना अध्यक्ष निक्की ने बताया कि समकालीन अभियान के तहत लगभग हजारों लीटर अर्ध-निर्मित चुलाई शराब नष्ट की गई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि शराब पीने और बनाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है, और किसी भी शराब विक्रेता या शराबी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान में पुलिस बल के जवान और अन्य कर्मी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
हसनगंज पुलिस ने कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध एक विशेष समकालीन अभियान चलाया। इस व्यापक कार्रवाई के तहत, पुलिस ने हजारों लीटर अर्ध-निर्मित चुलाई शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हसनगंज थाना क्षेत्र के भर्रा आदिवासी टोला, पोखर टोल कालसर, बलुआ और छोटकी रटनी जैसे इलाकों में स्वान दस्ते (डॉग स्क्वायड) की मदद से सघन छापेमारी की। अभियान के दौरान, पुलिस दल ने विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गई अर्ध-निर्मित चुलाई शराब को खोज निकाला और शराब बनाने में उपयोग होने वाले पीले रंग के डिब्बों में रखी शराब को जमीन पर बहाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस संबंध में, थाना अध्यक्ष निक्की ने बताया कि समकालीन अभियान के तहत लगभग हजारों लीटर अर्ध-निर्मित चुलाई शराब नष्ट की गई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि शराब पीने और बनाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है, और किसी भी शराब विक्रेता या शराबी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान में पुलिस बल के जवान और अन्य कर्मी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
- अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने के अवसर के लिए, शुरू ऐप डाउनलोड करने का आग्रह किया गया है।1
- कदवा प्रखंड के कुम्हड़ी डाक बंगला चौक पर स्थित नगमा नर्सिंग होम के संचालक ने खुद ही अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो को बाद में लोगों ने डाउनलोड कर वायरल कर दिया, जिसमें संचालक बिना किसी एमबीबीएस डिग्री के मरीजों को ब्लड देने और स्वयं डॉक्टर बनकर उन्हें सलाह देने की बात करता दिख रहा था। यह वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल नगमा नर्सिंग होम की जांच की। जांच के उपरांत विभाग ने इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है।1
- बिहार के पूर्णिया जिले में जमीन विवाद के कारण दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई है। यह घटना उस पुराने विवाद का ही परिणाम है, जिसने अब उग्र रूप ले लिया है। बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था, जिसके चलते यह हिंसक टकराव सामने आया।1
- बारसोई थाना क्षेत्र के पटोलबाड़ी गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ 14 वर्षीय किशोर मोहम्मद अख्तरुल की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के मात्र 12 घंटे के भीतर इसका खुलासा कर दिया है, साथ ही हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जाँच और पुलिस के खुलासे के अनुसार, हत्या का मुख्य कारण प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना रविवार शाम करीब 8 बजे घटी जब मोहम्मद अख्तरुल रंगामटिया हाट से अपने घर लौट रहा था। घर से लगभग एक किलोमीटर पहले रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोक लिया और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल अख्तरुल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलते ही बारसोई पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत जाँच शुरू कर दी। एफएसएल टीम और स्क्वाड डॉग की मदद से पुलिस ने मौके से वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अजय कुमार ने बताया कि एक युवती को लेकर दो दोस्तों के बीच चल रहे विवाद के चलते ही इस हत्या को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले में सफीकुल इस्लाम और मोहम्मद शरीफ नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले की आगे की जाँच अभी जारी है।1
- कटिहार के नगर भवन में सीमांचल सद्भावना मंच के तत्वावधान में दिवंगत पूर्व मंत्री मंसूर आलम की स्मृति में एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यमंत्री डॉ. राम प्रकाश महतो ने की, जहाँ मंसूर आलम को ‘बेदाग सियासत, सादगी और जनसेवा के प्रतीक’ के रूप में याद किया गया। इस अवसर पर देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया। इनमें पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सांसद तारिक अनवर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक अख्तरूल ईमान, किशनगंज सांसद मोहम्मद जावेद, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम, विधायक मनोहर प्रसाद, पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, जोकीहाट विधायक मुर्शीद आलम और पूर्व विधायक महबूब आलम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मंसूर आलम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। दिवंगत नेता के पुत्र एवं पूर्व कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर राजनीति की। उन्होंने बरारी क्षेत्र के विकास के साथ-साथ बिहार के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने सीमांचल की सामाजिक एकता को पूरे देश के लिए एक उदाहरण बताया और कहा कि मंसूर आलम राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते थे, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। सांसद तारिक अनवर ने उनकी सेवाओं और सामाजिक योगदान को अविस्मरणीय बताया, वहीं अख्तरूल ईमान ने उन्हें बिहार की राजनीति का कद्दावर नेता कहते हुए उनकी निस्वार्थ राजनीति और सामाजिक सौहार्द की भावना को आज भी प्रेरणास्रोत बताया। पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम ने इस बात पर जोर दिया कि मंसूर आलम का सभी वर्गों के लोगों से आत्मीय संबंध था, और गरीबों, बीमारों तथा जरूरतमंदों की सेवा उनके जीवन की प्राथमिकता रही।2
- हसनगंज पुलिस ने कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध एक विशेष समकालीन अभियान चलाया। इस व्यापक कार्रवाई के तहत, पुलिस ने हजारों लीटर अर्ध-निर्मित चुलाई शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हसनगंज थाना क्षेत्र के भर्रा आदिवासी टोला, पोखर टोल कालसर, बलुआ और छोटकी रटनी जैसे इलाकों में स्वान दस्ते (डॉग स्क्वायड) की मदद से सघन छापेमारी की। अभियान के दौरान, पुलिस दल ने विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गई अर्ध-निर्मित चुलाई शराब को खोज निकाला और शराब बनाने में उपयोग होने वाले पीले रंग के डिब्बों में रखी शराब को जमीन पर बहाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस संबंध में, थाना अध्यक्ष निक्की ने बताया कि समकालीन अभियान के तहत लगभग हजारों लीटर अर्ध-निर्मित चुलाई शराब नष्ट की गई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि शराब पीने और बनाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है, और किसी भी शराब विक्रेता या शराबी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान में पुलिस बल के जवान और अन्य कर्मी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।1