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बिहार में बेलवा डैम के उद्घाटन के अवसर पर सांसद लवली आनंद ने पूर्व सांसद आनंद मोहन को लेकर एक बेहद भावुक बयान दिया है। कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सांसद लवली आनंद काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने पूर्व सांसद आनंद मोहन को लेकर अपनी बातें रखीं।
Vinod Singh Rajput, shivhar News
बिहार में बेलवा डैम के उद्घाटन के अवसर पर सांसद लवली आनंद ने पूर्व सांसद आनंद मोहन को लेकर एक बेहद भावुक बयान दिया है। कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सांसद लवली आनंद काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने पूर्व सांसद आनंद मोहन को लेकर अपनी बातें रखीं।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो गाड़ियों को जब्त किया है और एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई कांटी थाना क्षेत्र के सेरना के पास की गई, जहां एक पिकअप से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी कार्रवाई बरूराज थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में की गई, जहां एक स्कॉर्पियो से विदेशी शराब बरामद की गई और पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया है।1
- बिहार में एक वायरल वीडियो सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ है, जिसके आधार पर समस्तीपुर और मोतिहारी के शातिर चोर गिरोह को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस मामले में शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से चोरी का सामान भी बरामद हो गया है।1
- पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में गड़हिया थाना पुलिस द्वारा की गई अवैध गिरफ्तारी और पुलिस बर्बरता के खिलाफ ऑल इंडिया सेन्ट्रल कॉउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना देकर मांग पत्र सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन गड़हिया थाना कांड संख्या-166/2026 के तहत तीन निर्दोष व्यक्तियों की अवैध हिरासत और पुलिस अत्याचार के विरोध में किया गया। इस शांतिपूर्ण धरने में सभी वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और बाद में जिलाधिकारी के शिष्टमंडल को अपनी मांगें सौंपीं। आरोप है कि आगामी 10 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे गड़हिया थाना पुलिस ने तीन व्यक्तियों—रसोइया शंभू शरण, जबरन सेवा से हटाए गए रात्रि प्रहरी रजनीश कुमार और मिथिलेश कुमार को उमेश नंदन सिंह पर हुए हमले के एक फर्जी फर्द बयान के आधार पर गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 58 का खुला उल्लंघन करते हुए इन्हें 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश नहीं किया गया और गड़हिया थाने की हाजत में अवैध रूप से रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि के दबाव में, थानाध्यक्ष मधुबन और SDPO पकड़ीदयाल की उपस्थिति में रात भर इनकी बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई और भय दिखाकर मनमाफिक बयान पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगवाए गए। इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी स्कूल की सफाईकर्मी शिवकली देवी हैं, जिनका वीडियो बयान मौजूद है जिसमें वे कह रही हैं कि हमलावर अज्ञात था, जिससे इन तीनों की निर्दोषता साफ प्रमाणित होती है। धरने के माध्यम से दिनेश प्रसाद कुशवाहा एवं ऐक्टू ने जिलाधिकारी से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। इसमें 10 और 11 जुलाई 2026 के गड़हिया व मधुबन थाने के सीसीटीवी फुटेज व हाजत रजिस्टर को तुरंत जब्त करने, बर्बर पिटाई से घायल तीनों पीड़ितों की री-मेडिकल जांच और इलाज कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा दोषी थानाध्यक्ष गड़हिया, थानाध्यक्ष मधुबन और SDPO पकड़ीदयाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें तत्काल निलंबित करने तथा निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एसआईटी (SIT) गठित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में इस पूरे कांड के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे स्थानीय विधायक राणा रणधीर सिंह, कथित रूप से अवैध तरीके से बहाल रात्रि प्रहरी सूर्यभूषण सिंह, प्रधानाध्यापक राकेश कुमार और शिक्षिका ममता कुमारी की भूमिका (मोबाइल सीडीआर) की जांच कराने की भी मांग की गई है। साथ ही, माध्यमिक विद्यालय खोदादपुर के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की जांच करने, विधायक द्वारा जबरन हटाए गए दर्जनों रात्रि प्रहरियों और फर्जी आयु अभिलेख बनाकर सेवामुक्त किए गए रसोइयों को अविलंब बहाल करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग उठाई गई है।1
- सीतामढ़ी के गुदरी बाजार में हुई एक घटना के बाद सीतामढ़ी-सोनबरसा पथ को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था, जिसे अब सीतामढ़ी प्रशासन द्वारा जाम खत्म कराकर बहाल कर दिया गया है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिनकी पहचान एक रिक्शा चालक के रूप में की जा रही है। मृत व्यक्ति सीतामढ़ी के मेहसौल के रहने वाले थे।1
- नेपाल से बिहार में बाढ़ का विस्तार हो रहा है, जिसके कारण बिहार पूरी तरह जलमग्न हो गया है। वर्ष 2026 की इस गंभीर स्थिति के बीच अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या बाढ़ का यह पानी आपके क्षेत्र तक भी पहुंच गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों ने नेट पेपर लीक के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में प्रदर्शनकारी छात्र ने इसे देश की असली सच्चाई बताया है। वहीं, नेट पेपर लीक मामले पर धर्मेंद्र प्रधान के एसपी को लेकर एक लड़की ने अपनी बात रखी है, जिसे सुनने की बात कही जा रही है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई में उफनती बागमती नदी के बीच लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पीपा पुल पार कर रहे हैं। नदी में आए उफान के बावजूद लोग इस पीपा पुल से गुजरने को तैयार हैं, जिससे उनकी जान पर लगातार खतरा बना हुआ है।1