डुमरी और गिरिडीह क्षेत्र के लोगों को अब मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी एवं नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रांची या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसरी बाजार स्थित क्षितिज हॉस्पिटल में अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को विशेष न्यूरो सर्जरी ओपीडी का नियमित आयोजन किया जाएगा। 25 जुलाई, शनिवार को आयोजित पहली विशेष ओपीडी में रांची के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन एवं स्पाइन सर्जन डॉ. विजेंद्र कुमार यादव (एमबीएस, डीएनबी, एफआईएजईएस, एम.सीएच न्यूरो सर्जरी) ने मरीजों का परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने अपनी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ सलाह ली। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके घर के निकट ही उच्च गुणवत्ता वाली न्यूरोसर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूसरे शहरों की यात्रा न करनी पड़े। इस ओपीडी में स्लिप डिस्क, सर्वाइकल एवं लंबर स्पॉन्डिलाइटिस, रीढ़ की हड्डी की चोट व संक्रमण, सिरदर्द एवं माइग्रेन, ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, नसों से संबंधित रोग तथा मस्तिष्क व रीढ़ से जुड़ी अन्य बीमारियों का विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।
डुमरी और गिरिडीह क्षेत्र के लोगों को अब मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी एवं नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रांची या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसरी बाजार स्थित क्षितिज हॉस्पिटल में अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को विशेष न्यूरो सर्जरी ओपीडी का नियमित आयोजन किया जाएगा। 25 जुलाई, शनिवार को आयोजित पहली विशेष ओपीडी
में रांची के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन एवं स्पाइन सर्जन डॉ. विजेंद्र कुमार यादव (एमबीएस, डीएनबी, एफआईएजईएस, एम.सीएच न्यूरो सर्जरी) ने मरीजों का परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने अपनी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ सलाह ली। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके घर के निकट ही उच्च गुणवत्ता
वाली न्यूरोसर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूसरे शहरों की यात्रा न करनी पड़े। इस ओपीडी में स्लिप डिस्क, सर्वाइकल एवं लंबर स्पॉन्डिलाइटिस, रीढ़ की हड्डी की चोट व संक्रमण, सिरदर्द एवं माइग्रेन, ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, नसों से संबंधित रोग तथा मस्तिष्क व रीढ़ से जुड़ी अन्य बीमारियों का विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।
- डुमरी और गिरिडीह क्षेत्र के लोगों को अब मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी एवं नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रांची या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसरी बाजार स्थित क्षितिज हॉस्पिटल में अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को विशेष न्यूरो सर्जरी ओपीडी का नियमित आयोजन किया जाएगा। 25 जुलाई, शनिवार को आयोजित पहली विशेष ओपीडी में रांची के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन एवं स्पाइन सर्जन डॉ. विजेंद्र कुमार यादव (एमबीएस, डीएनबी, एफआईएजईएस, एम.सीएच न्यूरो सर्जरी) ने मरीजों का परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने अपनी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ सलाह ली। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके घर के निकट ही उच्च गुणवत्ता वाली न्यूरोसर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूसरे शहरों की यात्रा न करनी पड़े। इस ओपीडी में स्लिप डिस्क, सर्वाइकल एवं लंबर स्पॉन्डिलाइटिस, रीढ़ की हड्डी की चोट व संक्रमण, सिरदर्द एवं माइग्रेन, ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, नसों से संबंधित रोग तथा मस्तिष्क व रीढ़ से जुड़ी अन्य बीमारियों का विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।3
- बोकारो जिले के बेरमो थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल करगली क्षेत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने कोयला माफिया के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ा अभियान चलाया है। सीआईएसएफ सीसीएल मुख्यालय रांची के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री सुमंत सिंह ने करगली क्षेत्र का दौरा कर माइंस और सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोनार साइडिंग, कारो साइडिंग, वॉशरी एरिया, विभिन्न चेक पोस्ट, ढोरी एरिया की अमलो रेलवे साइडिंग, तारमी रेलवे साइडिंग, मैगजीन, काँटाघर और आई-ट्रिपल सी का जायजा लिया। उन्होंने बल की तैनाती, निगरानी प्रणाली और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा का मूल्यांकन करते हुए चिन्हित कमियों को दूर करने के लिए कमांडेंट को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के साथ ही गुप्त सूचना के आधार पर ढोरी एरिया स्थित 05 नंबर पीपल धोड़ा बस्ती में कमांडेंट श्री आशुतोष चौधरी के नेतृत्व में अचानक छापेमारी की गई। सीआईएसएफ, सीसीएल सुरक्षा, बेरमो पुलिस और जेसीबी-हाइवा की मदद से चलाए गए इस अभियान में अवैध रूप से संग्रहित 110 टन कोयला जब्त कर सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया। एमएमडीआर एक्ट के तहत करगली क्षेत्र में इसे अब तक की सबसे बड़ी जब्ती माना जा रहा है, जिसमें कुल बरामदगी का नेट वजन 120.010 टन दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान उप कमांडेंट श्री गारा अभिलाष, सहायक कमांडेंट के.वी.ए. श्रीधर, डी.के. पांडे, निरीक्षक आर.के. सरोज, एस.आर. नायक, पी.के. सिंह और सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार तिवारी भी मौजूद रहे। डीआईजी ने कहा कि सीसीएल परियोजना की संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन करने और सतत निगरानी बनाए रखने से ही अवैध खनन और भंडारण पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सकेगा।4
- लोग अक्सर ठंड या सर्दी के मौसम में ही विटामिन सी को याद करते हैं, लेकिन शरीर के लिए इसका काम इससे कहीं ज्यादा है। विटामिन सी शरीर में कोलेजन बनाने का काम करता है, इम्यूनिटी को सपोर्ट करता है और आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है। चूंकि हमारा शरीर विटामिन सी को स्टोर करके नहीं रख पाता है, इसलिए इसका नियमित सेवन करना बेहद जरूरी है।1
- धनबाद सदर अस्पताल परिसर में प्रस्तावित 400 बेड के नए अस्पताल के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीन के सीमांकन और बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य शुरू करते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर जिला प्रशासन बाउंड्री वॉल का निर्माण करा रहा है, वह उनकी निजी जमीन है और बिना उचित प्रक्रिया अपनाए जबरन घेराबंदी की जा रही है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य को तत्काल रोकने और पहले जमीन के स्वामित्व की जांच कराने की मांग की है। वहीं, मौके पर मौजूद धनबाद के अंचल अधिकारी (सीओ) रामप्रवेश कुमार ने बताया कि संबंधित खाता नंबर 135 सरकारी भूमि है और सरकारी अभिलेखों के आधार पर ही सीमांकन एवं बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति का इस जमीन पर दावा है तो वह अपने सभी वैध दस्तावेज जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करे, जिस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। फिलहाल किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य जारी है।1
- बोकारो में सात दिनों तक मौसीबाड़ी में प्रवास के बाद शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की बहुरी यात्रा बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। इस यात्रा की शुरुआत सेक्टर-1 स्थित राम मंदिर से हुई, जहाँ भगवान अपने भाई-बहन के साथ सात दिनों तक विराजमान थे। रथ के निकलते ही श्रद्धालुओं में दर्शन की होड़ लग गई। फूलों से सजे रथ को श्रद्धालु खुद खींचते हुए आगे बढ़े और 'जय जगन्नाथ' के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंची, जहाँ विधि-विधान के साथ भगवान को पुनः मंदिर में विराजमान कराया गया, जिसके बाद अब श्रद्धालु प्रतिदिन यहाँ दर्शन कर सकेंगे। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच भक्त भक्ति में सराबोर नजर आए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु अमृता मिश्रा ने कहा कि इस आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है और उन्होंने भगवान से सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की है। वहीं कीर्तन मंडली के सदस्य प्रह्लाद सुना ने बताया कि सात दिन बाद भगवान अपने मंदिर लौटे हैं और उन्होंने पूरे रास्ते भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा पूरी की, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। बहुरी यात्रा को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके साथ ही यात्रा मार्ग में जगह-जगह भक्तों के लिए प्रसाद और पीने के पानी की उचित व्यवस्था भी की गई थी।1
- सच तक झारखंड न्यूज ने पटना की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि हमारे पटना में आखिर क्या चल रहा है।1