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मुजफ्फरनगर में आजाद समाज पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
शहजाद पत्रकार
मुजफ्फरनगर में आजाद समाज पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
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- मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना पुलिस ने एक शातिर अवैध शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से हरियाणा निर्मित 150 पेटी अवैध शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान, शराब तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक अशोक लीलैंड वाहन भी जब्त किया गया। यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा दी गई।1
- मुजफ्फरनगर में मौसम ने करवट ली है, जहाँ शिव चौक और आस-पास के इलाकों में बारिश की पहली फुहारों ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। काले बादलों और ठंडी हवाओं के चलते पूरे शहर का मौसम बेहद सुहावना हो गया। बारिश शुरू होते ही शिव चौक और आसपास के बाजारों में कई लोग इस खुशनुमा मौसम का आनंद लेते दिखे, वहीं कुछ राहगीर दुकानों के बाहर रुककर बारिश थमने का इंतजार करते रहे।3
- मुजफ्फरनगर के शांतिनगर स्थित कंबोज हॉस्पिटल में एक गॉलब्लैडर ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने के आरोप लगाते हुए परिजनों ने जोरदार हंगामा किया। सूचना मिलने पर नई मंडी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। परिजनों का आरोप है कि बीते 15 जनवरी को हुए इस ऑपरेशन के बाद भी मरीज का दर्द कम नहीं हुआ और बाद में उसे एम्स ऋषिकेश रेफर करना पड़ा। हालांकि, अस्पताल संचालक डॉ. पी.के. कंबोज ने लापरवाही के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सफल रहा था, लेकिन मरीज में बाद में बाइल डक्ट में गांठ और कैंसर की आशंका सामने आई, जिसका ऑपरेशन से कोई सीधा संबंध नहीं है। इस पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई अब चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- मसूरी में एक चोर को पकड़ा गया है, जिस पर 35 मस्जिदों में चोरी करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, इस चोर की पहचान फैजान के रूप में हुई है, जिसके चेहरे पर डंडे का एक निशान भी है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े जाने के बाद फैजान ने खुद को तिलकधारी बताया है।1
- मुजफ्फरनगर में आजाद समाज पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।1
- मुज़फ्फरनगर जनपद के छपार थाना प्रांगण में आगामी कावड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीओ सदर विनय कुमार द्विवेदी, एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी और थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने नेशनल हाईवे-58 पर स्थित सभी होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ संवाद किया। अधिकारियों ने सभी संचालकों से कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की अपील की। उन्हें अपने प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने, साफ-सफाई बनाए रखने और खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीओ सदर विनय कुमार द्विवेदी ने विशेष रूप से कहा कि हाईवे पर जाम की स्थिति से बचने के लिए ढाबा संचालक अपने यहां वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराएं। साथ ही, ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए भी निर्देशित किया गया।2
- मुजफ्फरनगर शहर के शांतिनगर स्थित कंबोज हॉस्पिटल में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया जब पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) के ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार करते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार, सहारनपुर जनपद के देवबंद थानांतर्गत ग्राम अमरपुर गढ़ी निवासी अमरदीप पुत्र ताराचंद का 15 जनवरी को कंबोज हॉस्पिटल में दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) विधि से पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया था। परिजनों, जिनमें मरीज की पत्नी संजो भी शामिल हैं, का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी मरीज का दर्द खत्म नहीं हुआ और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद कई बार अस्पताल आने के बावजूद मरीज को राहत नहीं मिली और धीरे-धीरे उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे एम्स ऋषिकेश रेफर करना पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सही इलाज मिलता तो मरीज की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती; परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कंबोज हॉस्पिटल के संचालक डॉ. पी.के. कंबोज ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि मरीज का गॉलब्लैडर ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया था। उनके अनुसार, ऑपरेशन के बाद भी दर्द की शिकायत रहने पर मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया, जहां जांच में पित्त की नली (बाइल डक्ट) में गांठ होने की जानकारी मिली। डॉ. कंबोज ने बताया कि उस गांठ में कैंसर की आशंका का भी उल्लेख है और उसका उपचार एम्स जैसे सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की वर्तमान बीमारी का ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल, मरीज का इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है, जैसा कि परिजनों ने बताया है। अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच इन परस्पर विरोधी दावों के चलते, यह स्पष्टीकरण चिकित्सकीय रिकॉर्ड और विशेषज्ञ जांच के बाद ही सामने आ पाएगा कि मरीज की स्थिति किन कारणों से बिगड़ी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।3
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में आकाशीय बिजली गिरने से सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना पाली थाना क्षेत्र के दरियापुर बलभद्र गांव में हुई, जहाँ ये लोग खेत पर खीरे की फसल की गुड़ाई करा रहे थे। तेज बारिश से बचने के लिए सभी ग्रामीण खेत के किनारे बने एक लकड़ी के मचान के नीचे खड़े थे, तभी वे बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में घायल हुए लोगों में पाँच सदस्य एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। घटना से पूरे गाँव में हड़कंप मच गया, जिसके बाद परिजनों ने घायलों को तत्काल पाली पीएचसी पहुँचाया। वहाँ से सभी को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।1