सावन की प्रथम सोमवारी पर बाबा उमानाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा गंगातट सावन की प्रथम सोमवारी पर बाबा उमानाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा गंगातट बाढ़। श्रावण मास की प्रथम सोमवारी पर उत्तरवाहिनी गंगा के पावन तट पर स्थित ऐतिहासिक बाबा उमानाथ धाम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत केंद्र बन गया। सोमवार तड़के से ही हजारों श्रद्धालु पटना सहित विभिन्न जिलों से बाबा भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए उमानाथ धाम पहुंचने लगे। पूरे दिन मंदिर परिसर और गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद कलश में गंगाजल भरकर लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत तथा पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के जयघोषों से दिनभर गुंजायमान रहा। भक्तिमय माहौल में पूरा उमानाथ धाम शिवमय दिखाई दिया और श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। धार्मिक मान्यता है कि सावन की सोमवारी पर भगवान शिव का व्रत एवं जलाभिषेक करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने बाबा उमानाथ के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। बाबा उमानाथ धाम की महिमा आज भी जनमानस में इस प्रसिद्ध कहावत के रूप में जीवंत है— "बाढ़-बनारस एक है, बसे गंग के तीर; उमानाथ के दर्शन से कंचन होत शरीर।" इसी मान्यता के कारण बाढ़ स्थित बाबा उमानाथ धाम की तुलना काशी से की जाती है। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्थित यह प्राचीन शिवधाम सावन के महीने में विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है। यहां से बड़ी संख्या में कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर), अशोक धाम, बैकुंठपुर सहित विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना होते हैं। सावन की प्रथम सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की यह विशाल भीड़ सनातन संस्कृति, शिवभक्ति और गंगा की पावन परंपरा का जीवंत स्वरूप बनकर सामने आई। पूरे दिन बाबा उमानाथ धाम हर-हर महादेव के जयघोष और भक्तों की आस्था से सराबोर रहा।
सावन की प्रथम सोमवारी पर बाबा उमानाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा गंगातट सावन की प्रथम सोमवारी पर बाबा उमानाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा गंगातट बाढ़। श्रावण मास की प्रथम सोमवारी पर उत्तरवाहिनी गंगा के पावन तट पर स्थित ऐतिहासिक बाबा उमानाथ धाम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत केंद्र बन गया। सोमवार तड़के से ही हजारों श्रद्धालु पटना सहित विभिन्न जिलों से बाबा भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए उमानाथ धाम पहुंचने लगे। पूरे दिन मंदिर परिसर और गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद कलश में गंगाजल भरकर लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत तथा पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के जयघोषों से दिनभर गुंजायमान रहा। भक्तिमय माहौल में पूरा उमानाथ धाम शिवमय दिखाई दिया और श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। धार्मिक मान्यता है कि सावन की सोमवारी पर भगवान शिव का व्रत एवं जलाभिषेक करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने बाबा उमानाथ के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। बाबा उमानाथ धाम की महिमा आज भी जनमानस में इस प्रसिद्ध कहावत के रूप में जीवंत है— "बाढ़-बनारस एक है, बसे गंग के तीर; उमानाथ के दर्शन से कंचन होत शरीर।" इसी मान्यता के कारण बाढ़ स्थित बाबा उमानाथ धाम की तुलना काशी से की जाती है। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्थित यह प्राचीन शिवधाम सावन के महीने में विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है। यहां से बड़ी संख्या में कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर), अशोक धाम, बैकुंठपुर सहित विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना होते हैं। सावन की प्रथम सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की यह विशाल भीड़ सनातन संस्कृति, शिवभक्ति और गंगा की पावन परंपरा का जीवंत स्वरूप बनकर सामने आई। पूरे दिन बाबा उमानाथ धाम हर-हर महादेव के जयघोष और भक्तों की आस्था से सराबोर रहा।
- भाजपा इतने वोटों से बांकीपुर उपचुनाव हारेगी कि कभी भी कुत्ता-बिल्ली को चुनाव लड़ाने की बात नहीं करेगी।1
- बेगूसराय कांग्रेस पार्टी नेता ने जश्न मनाया.. बिहार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा मुक्त. मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की प्रचंड जीत मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की प्रचंड जीत और बांकीपुर उप चुनाव में भाजपा की करारी हार से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। शहर के नगरपालिका चौक पर ढोल नगारों और पटाखों के साथ मिठाइयां बांटी। युवा कांग्रेस के नेता मोहित सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। मोहित सिंह ने बताया कि दतिया और बांकीपुर में भाजपा की यह हार महज हार नहीं बल्कि भाजपा , संघ और सांप्रदायिक ताकतों के पतन की शुरुआत है। तमाम तिकड़मों के बाबजूद बांकीपुर जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अभेद्य सीट रही थी जनता ने वहां भी उनका गुरूर तोड़ दिया। दतिया की जीत से कांग्रेस ने साबित कर दिया कि जनता इस तानाशाही सरकार को उखाड़ने का मन बना चुकी है। जनता और मतदाता को कुत्ता बिल्ली कहकर अपमानित करने वाले भाजपा नेताओं का घमंड आज जनता ने तोड़ दिया। कांग्रेस की लीगल सेल अध्यक्ष संजय सम्राट, अधिवक्ता आलोक कुमार, शिक्षाविद मुकेश प्रियदर्शी, अधिवक्ता और कांग्रेस विचार मंच के जिलाध्यक्ष राम पदारथ , अधिवक्ता कुष्मेश शांडिल्य , युवा नेता सावर कुमार और कुमार रत्नेश टुल्लू ने जीत को ऐतिहासिक बताते हुए एक तरफ जहां मतदाताओं का आभार व्यक्त किया वहीं यह भी कहा कि आज राहुल गांधी के नेतृत्व में लोगों का भरोसा साबित हुआ है। तंत्र और सत्ता के दुरुपयोग से चुनाव जीतने बाली भाजपा को आज जनता ने नकार दिया है। मौके पर तपन झा, सचिन कुमार, विनीत कुमार, मो विट्टू, प्रभाकर सिंह, रूपक सिंह सिंघम सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।3
- शहर में जिला प्रशासन ने क्यों निकाला है फ्लेग मार्च, कई थानो में होकर गुजरेगी मार्च चहलुम पर्व आज: इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक किया जाएगा याद, शांति व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने निकाला फ्लेग मार्च शेखपुरा। इस्लाम धर्म के महत्वपूर्ण पर्व चहलुम को लेकर जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह पर्व हज़रत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में मनाया जाता है। मुहर्रम के 40 दिन बाद आने वाले इस अवसर पर मस्जिदों और इमामबाड़ों में विशेष मजलिस का आयोजन होगा, जहां इमाम हुसैन के बलिदान, सत्य और इंसाफ के संदेश पर प्रकाश डाला जाएगा। चहलुम के अवसर पर विभिन्न स्थानों से जुलूस भी निकाले जाएंगे। श्रद्धालु दुआ, फ़ातिहा और नियाज़ का आयोजन कर शहीद-ए-करबला को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कई स्थानों पर गरीबों और जरूरतमंदों के बीच भोजन एवं शर्बत का वितरण भी किया जाएगा। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। चहलुम का पर्व त्याग, मानवता, न्याय और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।1
- कहा था न! कहानी अभी बाकी है…1
- बांकीपुर में जनसुराज की ऐतिहासिक जीत, शेखपुरा में कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न शेखपुरा। पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर की जीत के बाद शेखपुरा में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। जीत की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर जनसुराज पार्टी के अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मोहम्मद कईम ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने विकास, पारदर्शिता और नई राजनीति के पक्ष में अपना जनादेश दिया है। उन्होंने इसे जनता की उम्मीदों की जीत बताते हुए कहा कि यह परिणाम बिहार की राजनीति में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। जश्न में शामिल कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जनसुराज की नीतियों और प्रशांत किशोर के नेतृत्व को लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पार्टी पूरे बिहार में और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी। इस मौके पर धीरज, अज्जू, शदाब, हिमांशु, गुलशन, रोहन, बंटी, वसीम, सन्नी, रौशन समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को जीत की बधाई दी और पार्टी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए भविष्य में संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- जमीन विवाद में सगे भाइयों पर जानलेवा हमला करने का आरोप, वृद्ध गंभीर घायल1