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शिवचंद्र राम ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है और उन्हें वादा करके धोखा दिया गया है। अपनी भावनात्मक घोषणा के समय वे रोने लगे।
छायाकार अमल कुमार
शिवचंद्र राम ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है और उन्हें वादा करके धोखा दिया गया है। अपनी भावनात्मक घोषणा के समय वे रोने लगे।
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- शिवचंद्र राम ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है और उन्हें वादा करके धोखा दिया गया है। अपनी भावनात्मक घोषणा के समय वे रोने लगे।1
- समस्तीपुर जिले के रोसड़ा सर्किल इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने एक महत्वपूर्ण और बड़ा खुलासा किया है।1
- गोदरगामा गांव के पास रात में बिजली नहीं मिलने से ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं। यह स्थिति बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का परिणाम है, जिसके कारण गांव वाले रात भर बिजली न होने से परेशान हैं।1
- रविवार को सहरसा जिला के पटेल मैदान स्थित प्रेक्षा गृह में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 को लेकर एक जिला स्तरीय स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर के विभिन्न प्रखंडों से लगभग पाँच हजार स्नातक मतदाताओं का भारी जुटान देखने को मिला। मंच पर पहुँचते ही, मतदाताओं ने रजनीश रंजन का फूलों और मालाओं से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि स्नातक मतदाताओं के बीच ऐसा संवाद कार्यक्रम 74 साल के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया है। उपस्थित मतदाताओं के अपार जनसमर्थन और आशीर्वाद को देखते हुए रजनीश रंजन ने घोषणा की कि यदि वे कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सम्मानित मतदाताओं के आशीर्वाद से एमएलसी बनते हैं, तो वे उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप अपने निम्न सात निश्चयों को प्राथमिकता के साथ लागू करवाने के लिए सदन में स्नातक मतदाताओं के हक व अधिकार हेतु आवाज़ बुलंद करने का काम करेंगे। उन्होंने अपने प्रमुख निश्चयों को गिनाते हुए बताया कि बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु पाँच लाख रुपये का ब्याज रहित अनुदान ऋण प्रदान किया जाएगा। दूसरे निश्चय के तहत 'एक पाठ्यक्रम एक वेतनमान' को लागू कराते हुए वित्त रहित कलंक को समाप्त करने की बात कही गई। तीसरे निश्चय के रूप में, सभी स्नातकों के लिए जीवन सुरक्षा बीमा लागू करने को अपनी प्राथमिकता बताया गया। चौथे निश्चय के तहत, सभी कोटि के शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, संविदा कर्मियों एवं बेरोजगार स्नातकों को स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु कैशलेस इलाज की व्यवस्था देने की मांग को अपना मुद्दा बताया। पाँचवें निश्चय के तहत, श्री रजनीश रंजन ने सभी कोटि के वकालतखानों के आधारभूत संरचना में सुधार की बात कही।1
- जदयू नेता सुनील सिंह ने मांग की है कि नौहट्टा में ही एक डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाए।1
- बेगूसराय के शाम्हो में हर साल बाढ़ के कारण पावर ग्रिड डूब जाता है, जिससे क्षेत्र में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। स्थानीय लोगों को न तो सड़कें मिल रही हैं और न ही पर्याप्त सुरक्षा, बावजूद इसके जनप्रतिनिधि अभी तक इस वार्षिक समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालने में असफल रहे हैं। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि आखिर कब इस गंभीर मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर स्थानीय निवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को 'डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति' के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्धजनों ने प्रखंड मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-सत्याग्रह आयोजित कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थापित करने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार के उस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसके तहत डिग्री कॉलेज को कासिमपुर पंचायत में प्रस्तावित किया गया है। प्रखंडवासियों का तर्क है कि डिग्री कॉलेज का निर्माण और संचालन अनिवार्य रूप से प्रखंड मुख्यालय में ही होना चाहिए, क्योंकि मुख्यालय में कॉलेज बनने से प्रखंड की सभी पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा होगी और सबको समान रूप से इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज के सफल संचालन के लिए आवश्यक पर्याप्त भूमि, भवन, सुगम आवागमन और अन्य सभी ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं। इसके बावजूद कॉलेज को किसी सुदूर या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय स्थानीय छात्रों के भविष्य और उनके हितों के साथ खिलवाड़ है। सोमवार के शांतिपूर्ण सत्याग्रह के बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि उनकी न्यायसंगत मांग पर तुरंत कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो मंगलवार से इस आंदोलन को और उग्र करते हुए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में डिग्री कॉलेज का यह मुद्दा नवहट्टा में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसकी चर्चा बाज़ार से लेकर गाँवों तक हर जगह है। अब यह देखना होगा कि इस सुलगते हुए स्थानीय मुद्दे और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए ज़िला प्रशासन और राज्य सरकार का अगला कदम क्या होता है।1
- नौहट्टा में शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया गया है। इस सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य नौहट्टा में एक डिग्री कॉलेज का संचालन कराना है।1