तहसील हर्रैया में ड्यूटी, मुख्यालय पर दरबार! जानिए कौन है वो लिपिक जिससे परेशान है बस्ती की जनता। अजीत मिश्रा (खोजी) 🎯भ्रष्टाचार का 'अंगद' बना पूर्ति लिपिक: 18 सालों से एक ही पटल पर जमाया कब्जा, मंत्री तक पहुंची शिकायत🎯 बस्ती मंडल ब्यूरो रिपोर्ट | उत्तर प्रदेश मलाईदार पटल का मोह: 18 साल, दर्जनों अफसर बदले पर नहीं हिला 'रसूखदार' लिपिक नवीन चौधरी। प्राइवेट मुंशी के दम पर वसूली का साम्राज्य! रसद मंत्री के दरबार में पहुंची बस्ती के 'भ्रष्ट' तंत्र की गूँज। बस्ती: पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी के खिलाफ रसद मंत्री से शिकायत, लंबे समय से एक ही जगह तैनाती पर सवाल। स्थानांतरण नीति की उड़ी धज्जियां: 18 वर्षों से डटे लिपिक पर अवैध वसूली और मनमानी का आरोप। भाजपा नेता ने खोला मोर्चा: बस्ती DSO कार्यालय के लिपिक पर गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग। सरकारी आदेश बेअसर: तबादला नीति को जेब में लेकर घूमता है पूर्ति विभाग का यह 'खास' बाबू। तहसील हर्रैया में ड्यूटी, मुख्यालय पर दरबार! जानिए कौन है वो लिपिक जिससे परेशान है बस्ती की जनता। भ्रष्टाचार का 'नवीन' मॉडल: प्राइवेट गुर्गों से वसूली और 18 साल का अटूट कब्जा। बस्ती। प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन बस्ती जनपद का जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) कार्यालय इस नीति को ठेंगा दिखा रहा है। यहाँ तैनात एक रसूखदार पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी पिछले 18 वर्षों से भ्रष्टाचार की जड़ें जमाए बैठा है। आलम यह है कि दर्जनों जिला पूर्ति अधिकारी आए और चले गए, लेकिन इस 'अंगद के पांव' को कोई हिला तक नहीं सका। अब इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है, जहां एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने सीधे खाद्य एवं रसद मंत्री से लिखित शिकायत कर लिपिक के काले साम्राज्य के अंत की मांग की है। स्थानांतरण नीति की उड़ी धज्जियां, 2007 से काट रहा मलाई शिकायती पत्र के अनुसार, नवीन चौधरी 4 दिसंबर 2007 से अब तक एक ही पटल पर तैनात होकर 'मलाई' काट रहा है। सरकारी नियमों के मुताबिक, तीन से पांच साल में पटल परिवर्तन या स्थानांतरण अनिवार्य है, लेकिन नवीन चौधरी के मामले में शासन की स्थानांतरण नीति बौनी साबित हो रही है। भाजपा नेता का आरोप है कि इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक अभेद्य तंत्र विकसित हो गया है। हर्रैया में तैनाती, जिला मुख्यालय पर 'दरबार' हैरानी की बात यह है कि नवीन चौधरी वर्तमान में तहसील हर्रैया आपूर्ति कार्यालय से संबद्ध है। नियमानुसार उसे हर्रैया में अपनी सेवाएं देनी चाहिए, लेकिन वह पूरे दिन जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय बस्ती में ही जमा रहता है। सूत्रों का कहना है कि जिले के रसद विभाग की पूरी कमान इसी लिपिक के इर्द-गिर्द घूमती है। विभागीय कार्यों में इसकी बेजा दखलंदाजी और मनमानी से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। प्राइवेट 'मुंशी' के जरिए अवैध वसूली का खेल शिकायत में एक चौंकाने वाला खुलासा प्रवीण कुमार नामक कथित निजी व्यक्ति (प्राइवेट मुंशी) को लेकर हुआ है। आरोप है कि नवीन चौधरी ने इस प्राइवेट व्यक्ति को अपना 'कलेक्शन एजेंट' बना रखा है। कोटेदारों से अवैध वसूली: राशन वितरण प्रणाली में सेटिंग-गेटिंग का काम इसी मुंशी के जरिए होता है। राशन कार्ड का खेल: नए राशन कार्ड बनवाने या यूनिट बढ़वाने के नाम पर पात्र लाभार्थियों से मोटी रकम ऐंठी जाती है। आम जनता बेहाल: बिना 'सुविधा शुल्क' के फाइलों का आगे बढ़ना नामुमकिन है, जिससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। "जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो गरीब पात्र लाभार्थी कहां जाए? 18 साल की तैनाती खुद में एक बड़ा सवाल है। हमने मंत्री जी से इस भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को तोड़ने और दोषी लिपिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।" — वरिष्ठ भाजपा नेता (शिकायतकर्ता) सरकार की छवि पर लग रहा बट्टा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) सीधे तौर पर प्रदेश के गरीब तबके से जुड़ी है। ऐसे में एक लिपिक द्वारा बिचौलियों के माध्यम से समानांतर सत्ता चलाना सरकार की साफ-सुथरी छवि को सीधी चुनौती है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई और दोषी को हटाया नहीं गया, तो भ्रष्टाचार की यह बेल पूरी व्यवस्था को खोखला कर देगी। मुख्य मांगें: पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण। प्राइवेट मुंशी के माध्यम से हो रही अवैध वसूली की विजिलेंस जांच। 18 वर्षों की लंबी तैनाती के दौरान हुए कार्यों की ऑडिट। दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई। अब देखना यह है कि खाद्य एवं रसद मंत्री इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा रुख अपनाते हैं या फिर नवीन चौधरी का 'रसूख' जांच की आंच को एक बार फिर ठंडी कर देगा।
तहसील हर्रैया में ड्यूटी, मुख्यालय पर दरबार! जानिए कौन है वो लिपिक जिससे परेशान है बस्ती की जनता। अजीत मिश्रा (खोजी) 🎯भ्रष्टाचार का 'अंगद' बना पूर्ति लिपिक: 18 सालों से एक ही पटल पर जमाया कब्जा, मंत्री तक पहुंची शिकायत🎯 बस्ती मंडल ब्यूरो रिपोर्ट | उत्तर प्रदेश मलाईदार पटल का मोह: 18 साल, दर्जनों अफसर बदले पर नहीं हिला 'रसूखदार' लिपिक नवीन चौधरी। प्राइवेट मुंशी के दम पर वसूली का साम्राज्य! रसद मंत्री के दरबार में पहुंची बस्ती के 'भ्रष्ट' तंत्र की गूँज। बस्ती: पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी के खिलाफ रसद मंत्री से शिकायत, लंबे समय से एक ही जगह तैनाती पर सवाल। स्थानांतरण नीति की उड़ी धज्जियां: 18 वर्षों से डटे लिपिक पर अवैध वसूली और मनमानी का आरोप। भाजपा नेता ने खोला मोर्चा: बस्ती DSO कार्यालय के लिपिक पर गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग। सरकारी आदेश बेअसर: तबादला नीति को जेब में लेकर घूमता है पूर्ति विभाग का यह 'खास' बाबू। तहसील हर्रैया में ड्यूटी, मुख्यालय पर दरबार! जानिए कौन है वो लिपिक जिससे परेशान है बस्ती की जनता। भ्रष्टाचार का 'नवीन' मॉडल: प्राइवेट गुर्गों से वसूली और 18 साल का अटूट कब्जा। बस्ती। प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन बस्ती जनपद का जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) कार्यालय इस नीति को ठेंगा दिखा रहा है। यहाँ तैनात एक रसूखदार पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी पिछले 18 वर्षों से भ्रष्टाचार की जड़ें जमाए बैठा है। आलम यह है कि दर्जनों जिला पूर्ति अधिकारी आए और चले गए, लेकिन इस 'अंगद के पांव' को कोई हिला तक नहीं सका। अब इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है, जहां एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने सीधे खाद्य एवं रसद मंत्री से लिखित शिकायत कर लिपिक के काले साम्राज्य के अंत की मांग की है। स्थानांतरण नीति की उड़ी धज्जियां, 2007 से काट रहा मलाई शिकायती पत्र के अनुसार, नवीन चौधरी 4 दिसंबर 2007 से अब तक एक ही पटल पर तैनात होकर 'मलाई' काट रहा है। सरकारी नियमों के मुताबिक, तीन से पांच साल में पटल परिवर्तन या स्थानांतरण अनिवार्य है, लेकिन नवीन चौधरी के मामले में शासन की स्थानांतरण नीति बौनी साबित हो रही है। भाजपा नेता का आरोप है कि इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक अभेद्य तंत्र विकसित हो गया है। हर्रैया में तैनाती, जिला मुख्यालय पर 'दरबार' हैरानी की बात यह है कि नवीन चौधरी वर्तमान में तहसील हर्रैया आपूर्ति कार्यालय से संबद्ध है। नियमानुसार उसे हर्रैया में अपनी सेवाएं देनी चाहिए, लेकिन वह पूरे दिन जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय बस्ती में ही जमा रहता है। सूत्रों का कहना है कि जिले के रसद विभाग की पूरी कमान इसी लिपिक के इर्द-गिर्द घूमती है। विभागीय कार्यों में इसकी बेजा दखलंदाजी और मनमानी से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। प्राइवेट 'मुंशी' के जरिए अवैध वसूली का खेल शिकायत में एक चौंकाने वाला खुलासा प्रवीण कुमार नामक कथित निजी व्यक्ति (प्राइवेट मुंशी) को लेकर हुआ है। आरोप है कि नवीन चौधरी ने इस प्राइवेट व्यक्ति को अपना 'कलेक्शन एजेंट' बना रखा है। कोटेदारों से अवैध वसूली: राशन वितरण प्रणाली में सेटिंग-गेटिंग का काम इसी मुंशी के जरिए होता है। राशन कार्ड का खेल: नए राशन कार्ड बनवाने या यूनिट बढ़वाने के नाम पर पात्र लाभार्थियों से मोटी रकम ऐंठी जाती है। आम जनता बेहाल: बिना 'सुविधा शुल्क' के फाइलों का आगे बढ़ना नामुमकिन है, जिससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। "जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो गरीब पात्र लाभार्थी कहां जाए? 18 साल की तैनाती खुद में एक बड़ा सवाल है। हमने मंत्री जी से इस भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को तोड़ने और दोषी लिपिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।" — वरिष्ठ भाजपा नेता (शिकायतकर्ता) सरकार की छवि पर लग रहा बट्टा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) सीधे तौर पर प्रदेश के गरीब तबके से जुड़ी है। ऐसे में एक लिपिक द्वारा बिचौलियों के माध्यम से समानांतर सत्ता चलाना सरकार की साफ-सुथरी छवि को सीधी चुनौती है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई और दोषी को हटाया नहीं गया, तो भ्रष्टाचार की यह बेल पूरी व्यवस्था को खोखला कर देगी। मुख्य मांगें: पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण। प्राइवेट मुंशी के माध्यम से हो रही अवैध वसूली की विजिलेंस जांच। 18 वर्षों की लंबी तैनाती के दौरान हुए कार्यों की ऑडिट। दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई। अब देखना यह है कि खाद्य एवं रसद मंत्री इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा रुख अपनाते हैं या फिर नवीन चौधरी का 'रसूख' जांच की आंच को एक बार फिर ठंडी कर देगा।
- अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती (कलवारी)। भीषण गर्मी और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच कलवारी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर इन दिनों उपभोक्ताओं के सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है। आरोप है कि पंप पर डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। "तेल नहीं है" का बहाना बनाकर राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों इंतजार कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मनमानी की हद: घंटों इंतजार, फिर भी खाली हाथ स्थानीय लोगों और पंप पर आए ग्राहकों का सीधा आरोप है कि पंप संचालक और कर्मचारी अपनी मर्जी से सप्लाई को नियंत्रित कर रहे हैं। राहगीरों का कहना है कि जब वे तेल लेने पहुंचते हैं, तो कर्मचारी टालमटोल वाला रवैया अपनाते हैं। कई बार घंटों लाइन में लगने के बाद उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का सवाल: "अगर टैंक में तेल मौजूद है, तो उसे मशीनों तक क्यों नहीं पहुँचाया जा रहा? क्या प्रशासन की नाक के नीचे तेल की किल्लत का कृत्रिम संकट खड़ा किया जा रहा है?" सप्लाई में 'बाधा' या कोई बड़ी साजिश? हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहाँ जिला प्रशासन निर्बाध आपूर्ति के दावे करता है, वहीं कलवारी का यह पंप अपनी अलग ही रफ़्तार से चल रहा है। लोगों का मानना है कि स्टॉक होने के बावजूद सप्लाई रोकना किसी बड़ी लापरवाही या 'ब्लैक मार्केटिंग' की मंशा की ओर इशारा करता है। इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशान वो राहगीर हैं जिन्हें लंबी दूरी तय करनी है और रास्ते में ईंधन खत्म होने के डर से वे इस चिलचिलाती धूप में घंटों रुकने को मजबूर हैं। कार्रवाई की मांग नाराज ग्राहकों और स्थानीय नागरिकों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि: पंप के स्टॉक रजिस्टर और मशीन रीडिंग की तत्काल जांच की जाए। उपभोक्ताओं को परेशान करने वाले कर्मचारियों और संचालक पर कठोर कार्रवाई हो। क्षेत्र में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण किया जाए। ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।1
- बस्ती। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन तहसील इकाई हर्रैया की मासिक बैठक रविवार क को सिटकोहर गौर में सम्पन्न हुई। बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, संगठन की मजबूती और उनके हितों की रक्षा के लिए गहन विमर्श किया गया। इसमें निष्पक्ष पत्रकारिता, तहसील स्तर पर संगठन के विस्तार और समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार त्रिपाठी एवं संचालन जिला महामंत्री अनिल कुमार पांडेय ने किया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार का चरित्र उसकी विश्वसनीयता की नींव होता है। यदि पत्रकार ईमानदार, नैतिक और जिम्मेदार है, तो उसकी खबरें समाज में भरोसा पैदा करती हैं। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं बल्कि समाज का दर्पण है। दर्पण की स्पष्टता तभी बनी रहती है, जब उसमें चरित्र और निष्पक्षता की चमक हो। आज के दौर में, जब सोशल मीडिया और तेज सूचना प्रवाह के कारण गलत खबरें तेजी से फैलती हैं, तब चरित्र और निष्पक्षता का महत्व और भी बढ़ जाता है। एक सच्चा पत्रकार वही है जो दबाव, लालच और भय से ऊपर उठकर समाज के हित में सत्य को प्रस्तुत करे। जिला महामंत्र ने कहा कि पत्रकार हितों के लिए संगठन सदैव प्रयत्नशील है। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौतियों के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर संगठन पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने पत्रकारों को एकजुट होकर अपना हक मांगने और संगठन को तहसील स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। जिला उपाध्यक्ष जनार्दन पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार निश्चित रूप से आम जनमानस की आवाज हैं लेकिन अपने दायित्वों के निर्वहन में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का सुनिश्चित होना बेहद आवश्यक है। बड़ी संख्या में पत्रकारों ने बैठक में अपनी बात रखी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता कर रहे हैं लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही हैं। जिसके लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार अशोक पांडेय, शमशेर सिंह, प्रेम कुमार सिंह, बेनी माधव पाण्डेय, राम ललित यादव, बृजेश पाल सिंह, सत्यदेव शुक्ल, रामराज मिश्रा, राम जीत पाण्डेय, विवेक कांत पांडेय, रवीश मिश्र, रूबल कमलापुरी, राधे श्याम यादव, दिनेश चंद्र, मनोज सिंह, आदित्य सिंह, भूपेंद्र विक्रम मिश्रज विनोद कुमार, योगेंद्र मणि तिवारी सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।4
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- Post by हरिशंकर पांडेय1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा पुलिस लाइन संतकबीरनगर के परिसर में स्थित जीर्णोद्धार कराए गए पुलिस कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया गया तथा कैंटीन का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं गुणवत्ता का जायजा लिया । उद्घाटन के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता उनके मानसिक और शारीरिक कल्याण पर निर्भर करती है। ड्यूटी की व्यस्तता के बीच पुलिस कर्मियों को बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकें, इसके लिए पुलिस प्रशासन सदैव प्रयासरत है । यह कैंटीन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । उद्देश्य पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली दैनिक उपयोगी वस्तुएं और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना । सुविधाएं जीर्णोद्धार के पश्चात कैंटीन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इसमें सामानों के रख-रखाव के लिए बेहतर रैक, बैठने की समुचित व्यवस्था और डिजिटल भुगतान की सुविधा सुनिश्चित की गई है । गुणवत्ता पर जोर उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंटीन में सामानों की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए ।4
- Post by Vipin Rai Journalist1
- ✍️ #आशुसिंह संतकबीरनगर। जनपद के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खलीलाबाद में नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा घोषणा की गई है कि कक्षा 11 (प्रथम वर्ष) की नियमित कक्षाएं आगामी 24 अप्रैल से प्रारंभ होंगी। सीबीएसई बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में विद्यालय के छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद संस्थान में नामांकन को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया तेजी से चल रही है और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपना पंजीकरण कराकर सीटें सुनिश्चित कर रहे हैं। विद्यालय की ओर से इस वर्ष भी एक विशेष पहल के तहत 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को निशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा। प्रबंधन का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ते हुए आधुनिक शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देना है। प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां 2 अप्रैल से ही सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और प्रवेश प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि जो छात्र अभी तक नामांकन नहीं करा सके हैं, वे शीघ्र प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 अप्रैल से कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होंगी, इसलिए समय पर प्रवेश लेना आवश्यक है ताकि छात्र सत्र के पहले दिन से ही अपनी पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के शुरू कर सकें। #liveuponenews2
- *पब्लिक का भी ग़ज़ब हाल है!* *हापुड में रेलवे लाइन के पास पालीथीन में महिला की हेयर विग पड़ी थीं।* *किसी ने पुलिस को सूचना सरका दी,रेलवे लाइन के पास "महिला का सिर कटा पड़ा है"।* *पुलिस पहुंची,जांच की तो कटे सर का रहस्य पुलिस की समझ में आ गया।* *मौके पर बरामद स्टाइलिश हेयर विग को देखकर पुलिस भी हंसी नहीं रोक पाई।*1