सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के मोहकमपुर गांव में बिजली लाइन की खराबी ठीक कराने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने मामूली पैसों का लालच देकर एक व्यक्ति को बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया। लाइन सही करने के दौरान अचानक करंट दौड़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने का प्रयास कर रहा था, तभी लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और उसे जोरदार झटका लगा। करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल घायल को नीचे उतारा और उपचार के लिए सीतापुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ रविवार को उसे भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। हादसे के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जहाँ स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली संबंधी कार्य प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराया जाना चाहिए था और बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा तकनीकी जानकारी के किसी व्यक्ति को खंभे पर चढ़ाना बेहद लापरवाही भरा कदम है। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन भी मामले की जानकारी जुटाने में लगा है, और यदि लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस हादसे ने बिजली कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के मोहकमपुर गांव में बिजली लाइन की खराबी ठीक कराने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने मामूली पैसों का लालच देकर एक व्यक्ति को बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया। लाइन सही करने के दौरान अचानक करंट दौड़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने का प्रयास कर रहा था, तभी लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और उसे जोरदार झटका लगा। करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल घायल को नीचे उतारा और उपचार के लिए सीतापुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ रविवार को उसे
भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। हादसे के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जहाँ स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली संबंधी कार्य प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराया जाना चाहिए था और बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा तकनीकी जानकारी के किसी व्यक्ति को खंभे पर चढ़ाना बेहद लापरवाही भरा कदम है। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन भी मामले की जानकारी जुटाने में लगा है, और यदि लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस हादसे ने बिजली कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के मोहकमपुर गांव में बिजली लाइन की खराबी ठीक कराने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने मामूली पैसों का लालच देकर एक व्यक्ति को बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया। लाइन सही करने के दौरान अचानक करंट दौड़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने का प्रयास कर रहा था, तभी लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और उसे जोरदार झटका लगा। करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल घायल को नीचे उतारा और उपचार के लिए सीतापुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ रविवार को उसे भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। हादसे के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जहाँ स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली संबंधी कार्य प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराया जाना चाहिए था और बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा तकनीकी जानकारी के किसी व्यक्ति को खंभे पर चढ़ाना बेहद लापरवाही भरा कदम है। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन भी मामले की जानकारी जुटाने में लगा है, और यदि लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस हादसे ने बिजली कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।2
- एक सरकारी नल लंबे समय से खराब पड़ा है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है। इसे लेकर संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- सार्थक, जिसकी उम्र मात्र 18 साल है, अपनी सोच, साहस और सिद्धांतों में किसी से कम नहीं है। उसने अपने साथी निसर्ग के साथ मिलकर वह कर दिखाया है जो देश के बड़े मीडिया हाउस और खोजी पत्रकार भी नहीं कर पाए थे; इन दोनों युवाओं ने CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने उजागर किया है। पोस्ट के अनुसार, मोदी जी चाहते हैं कि हमारे युवा केवल रील्स बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें और अपनी आँखें न खोलें। लेकिन इन बच्चों ने न केवल सवाल पूछे बल्कि उनके जवाब भी ढूँढ निकाले। दावा किया गया है कि देश का 18 साल का बच्चा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से भी तेज़ निकला, और नौजवानों की यह जीत सही मायने में सरकार की हार है। इसे भारत की असली युवा शक्ति – जो जिज्ञासु, जागरूक और जानकार है – बताया गया है, और यह भी कहा गया है कि देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।1
- सीतापुर जिले के महमूदाबाद स्थित ग्राम सहजानी में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। गांव की सड़कों पर, साथ ही नालियों में भी, हर तरफ कूड़े का ढेर लगा है, जिससे यहां का हाल बड़ा बेहाल हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा चिंता व्यक्त की जा रही है कि आखिर क्यों नगर पालिका द्वारा इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- लखनऊ के हरिओमनगर क्षेत्र में आयोजित जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज की भव्य अमृत कथा का समापन भक्ति और जनसेवा के अद्भुत संगम के रूप में हुआ। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में, क्षेत्रवासियों ने अपनी वर्षों पुरानी सड़क समस्या के समाधान की मांग करते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि हरिओमनगर क्षेत्र में शिवकुमार मिश्रा के मकान से आशीष मिश्रा की डेयरी तक और आशीष वर्मा के मकान से संदीप सिंह के मकान तक का मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बरसात में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। जनहित को देखते हुए, उन्होंने सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराने की मांग की। कथा समाप्ति के बाद, विधायक डॉ. नीरज बोरा ने जनता से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। इंडिया लाइव न्यूज़ के संवाददाता अंकित श्रीवास्तव से विशेष बातचीत में विधायक ने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हरिओमनगर की सड़क का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। जनप्रतिनिधि और जनता के बीच धार्मिक आयोजन के दौरान हुआ यह संवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक के आश्वासन के बाद रविनाथ राय, पहलवान शुक्ल, महेश पटेल, शिव बहादुर सिंह, रामप्रकाश चौधरी, संदीप कुमार, रंजीत कुमार, संदीप सिंह, पूनम देवी, प्रशांत वर्मा, शशांक वर्मा सहित बड़ी संख्या में ज्ञापन सौंपने वाले क्षेत्रवासियों में खुशी और उम्मीद की लहर है कि उनकी वर्षों पुरानी सड़क समस्या का समाधान अब जल्द ही होगा।1
- लखनऊ जिले के एक गांव से नागरिक सुविधाओं की अनदेखी का मामला सामने आया है, जहाँ की नालियां और सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। इन समस्याओं के कारण, गांव की नालियां पूरी तरह से जाम हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायतें सुनने के लिए नगर निगम का कोई भी अधिकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया के 69वें वर्ष के अवसर पर उनके जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से सामने आए हैं। बताया गया है कि फिल्म 'बॉबी' की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर को डिंपल कपाड़िया के नाम से छेड़ा करते थे। इसके अलावा, डिंपल कपाड़िया एक समय अक्षय कुमार को गे समझती थीं, जिसके चलते उन्होंने उनका जेनेटिक टेस्ट भी करवाया था।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सिधौली विकासखंड क्षेत्र के अटरिया कस्बे में रविवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्टेशन रोड स्थित रेलवे स्टेशन के पास एक वर्षों पुराना विशालकाय पेड़ अचानक तेज चिरचिराहट की आवाज के साथ भरभराकर सड़क किनारे बाजार क्षेत्र में गिर पड़ा। इस घटना में एक पान मसाला विक्रेता सहित कई लोग घायल हो गए, वहीं विद्युत तारों से टकराने के कारण जोरदार विस्फोट होने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय बाजार में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, तभी लोगों ने पेड़ से असामान्य आवाजें सुननी शुरू कीं। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते, विशाल पेड़ धराशायी हो गया। पेड़ के नीचे स्टेशन रोड पर ठेले के माध्यम से पान मसाले की दुकान चलाने वाले हंसराम और उनके परिवार के सदस्य आ गए, जिससे वे घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के दौरान पेड़ पास से गुजर रही विद्युत लाइन पर भी गिरा, जिससे तारों के आपस में टकराने से तेज धमाके और चिंगारियां निकलने लगीं, जिसके कारण कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। यह उल्लेखनीय है कि घटना के समय न तो बारिश हो रही थी और न ही तेज हवाएं चल रही थीं; मौसम पूरी तरह सामान्य था। अचानक पेड़ गिरने से लोग हैरान हैं, और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि वर्षों से राहगीरों और दुकानदारों को छाया देने वाले इस पेड़ की आंतरिक स्थिति कमजोर रही होगी। घटना के बाद कुछ समय तक स्टेशन रोड पर आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू किए। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने कस्बेवासियों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कस्बे में मौजूद पुराने एवं जर्जर पेड़ों का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1