शिव मंदिर के त्रिशूल पर गिरी आकाशीय बिजली, गुंबद क्षतिग्रस्त बड़ा हादसा टला, मंदिर के ऊपरी हिस्से में पड़े दरार और काले निशान मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के खौर गांव स्थित एक शिव मंदिर पर मंगलवार को बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार मंगलवार गांव में स्थित शिव मंदिर के त्रिशूल पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही मंदिर का ऊपरी हिस्सा कई जगह से फट गया और वहां काले निशान पड़ गए। गांव निवासी लालचन्द्र ने बताया कि उन्होंने अपने घर के पास ही इस शिव मंदिर का निर्माण कराया है। मंदिर के ऊपरी हिस्से में त्रिशूल लगा हुआ है, जिस पर आकाशीय बिजली गिरी। उन्होंने बताया कि घटना के समय मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। वहीं, मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।
शिव मंदिर के त्रिशूल पर गिरी आकाशीय बिजली, गुंबद क्षतिग्रस्त बड़ा हादसा टला, मंदिर के ऊपरी हिस्से में पड़े दरार और काले निशान मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के खौर गांव स्थित एक शिव मंदिर पर मंगलवार को बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार मंगलवार गांव में स्थित शिव मंदिर के त्रिशूल पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही मंदिर का ऊपरी हिस्सा कई जगह से फट गया और वहां काले निशान पड़ गए। गांव निवासी लालचन्द्र ने बताया कि उन्होंने अपने घर के पास ही इस शिव मंदिर का निर्माण कराया है। मंदिर के ऊपरी हिस्से में त्रिशूल लगा हुआ है, जिस पर आकाशीय बिजली गिरी। उन्होंने बताया कि घटना के समय मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। वहीं, मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।
- प्रयागराज के नैनी स्थित विद्युत उपकेंद्र अरैल लिंक मार्ग पर पानी भरा हुआ है। यानी की बारिश के दौरान बरसात का पानी लबा-लब सड़क पर भरा हुआ है। साथ ही विद्युत उपकेंद्र अरैल में भी बारिश का पानी दाखिल हो चुका है। बता दें कि जब कभी भी बारिश की गति अधिक होती है, तो विद्युत उपकेंद्र अरैल में पानी पूरी तरह से भर जाता है। प्रयागराज के नैनी स्थित विद्युत उपकेंद्र अरैल लिंक मार्ग पर पानी भरा हुआ है। यानी की बारिश के दौरान बरसात का पानी लबा-लब सड़क पर भरा हुआ है। साथ ही विद्युत उपकेंद्र अरैल में भी बारिश का पानी दाखिल हो चुका है। बता दें कि जब कभी भी बारिश की गति अधिक होती है, तो विद्युत उपकेंद्र अरैल में पानी पूरी तरह से भर जाता है।1
- निषाद पार्टी से मिल सकता है संजय शुक्ला को बना सकते हैं उम्मीदवार सूत्रों की माने तो2
- रूस में टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। 2026 में अब तक करीब 25 लाख पर्यटक रूस पहुंच चुके हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है। इसकी जानकारी एक रूसी अधिकारी ने दी। भारतीयों के लिए रूस जाना अब पहले से आसान हो गया है। टूरिस्ट ई-वीजा के लिए किसी इनविटेशन की जरूरत नहीं है। इसे करीब 4 दिन में हासिल किया जा सकता है। रूस का मतलब सिर्फ मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग नहीं है। यहां घूमने के लिए कई और खूबसूरत जगहें भी हैं।1
- मांडा ब्लाक क्षेत्र गौरैया व भरारी की सड़क पर जलनिगम की पाइप लाइन जेसीबी से खोद कर बिछाया गया जिससे पूरी रोड खराब हो गई है अभी तक मरम्मत नहीं हुआ जिससे ग्रामीण को परेशानी हो रही है2
- सावन मास में जिला अभिषेक करने निकले कांवरियों को आद्या जगत गुरु शंकराचार्य ने दी बधाइयां *महिलाओं को शंकराचार्य बनने का अधिकार, भेदभाव समाप्त हो: आद्या जगतगुरु शंकराचार्य*1
- लटकता बिजली पोल बना खतरा, कभी भी हो सकता है हादसा बारिश में कमजोर हुई जमीन, करंट की चपेट में आने का बढ़ा खतरा मेजा, प्रयागराज। तहसील मेजा के विकासखंड उरुवा अंतर्गत रामनगर क्षेत्र के उपाध्याय का पूरा (कजरी तालाब) में एक बिजली का पोल लंबे समय से लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले पेड़ गिरने की वजह से यह पोल असंतुलित हो गया था, तभी से यह खतरनाक स्थिति में है। ग्रामीण पुदन गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, रामदीन, जंगीलाल और सुरेश गौड़ ने बताया कि बरसात के चलते जमीन भी कमजोर हो गई है, जिससे पोल कभी भी गिर सकता है। यदि यह पोल गिरता है तो आसपास गुजर रहे लोग करंट की चपेट में आ सकते हैं, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों व मवेशियों के लिए भी यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। रास्ते से आने-जाने वाले लोग डर के साये में गुजरने को मजबूर हैं और हमेशा किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बताया कि कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।1
- *जमुना नगर में सीवर निर्माण की लापरवाही, हादसे को दे रही खुली चुनौती* क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश ने नगर निगम और जलकल विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नैनी चक रघुनाथ वार्ड संख्या-20 स्थित जमुना नगर गली में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदा गया गड्ढा बारिश के पानी से पूरी तरह भर गया, जिससे वह राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि पूर्व में हुई घटनाओं से भी जिम्मेदार विभागों ने कोई सबक नहीं लिया। अब जमुना नगर में भी वही लापरवाही दोहराई जा रही है, जिससे लोगों में भय और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है1