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चिलौली गांव निवासी महिला ने ससुरालियों पर गाली-गलौज करने व घर से बाहर निकालने व जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप, दी जानकारी रुरा थाना क्षेत्र के चिलौली गांव की रहने वाली महिला साक्षी ने अपने ससुरालियों पर गाली-गलौज करने व घर से बाहर निकालने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।वहीं पीड़िता ने मामले की जानकारी दी।
Arvind sharma kanpur dehat
चिलौली गांव निवासी महिला ने ससुरालियों पर गाली-गलौज करने व घर से बाहर निकालने व जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप, दी जानकारी रुरा थाना क्षेत्र के चिलौली गांव की रहने वाली महिला साक्षी ने अपने ससुरालियों पर गाली-गलौज करने व घर से बाहर निकालने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।वहीं पीड़िता ने मामले की जानकारी दी।
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- रुरा थाना क्षेत्र के चिलौली गांव की रहने वाली महिला साक्षी ने अपने ससुरालियों पर गाली-गलौज करने व घर से बाहर निकालने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।वहीं पीड़िता ने मामले की जानकारी दी।1
- जालौन के उरई पहुंचीं मैनपुरी सांसद डिंपल यादव, केंद्र और यूपी सरकार पर बोला हमला, गैस सिलेंडर किल्लत को लेकर डिंपल यादव का बड़ा बयान, “नोटबंदी, कोविड के बाद अब गैस के लिए लाइन में खड़ी जनता” – डिंपल यादव1
- उरई में सामूहिक विवाह सम्मेलन पर विवाद, निमंत्रण कार्ड में महिलाओं के नाम न होने पर उठे सवाल जालौन जिले के Orai में आयोजित कठेरिया समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर नया विवाद सामने आया है। कार्यक्रम के लिए छपवाए गए निमंत्रण कार्ड में किसी भी महिला पदाधिकारी का नाम न होने पर अब सवाल उठने लगे हैं। इस कार्यक्रम में Dimple Yadav भी शामिल हुई थीं। इसी मुद्दे को उठाते हुए Samajwadi Party की नेत्री Rakhi Rajpoot ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब कार्यक्रम इतना बड़ा था और महिला सशक्तिकरण की बात की जाती है, तो निमंत्रण कार्ड में महिला नेताओं के नाम क्यों नहीं लिखे गए। यहां तक कि महिला जिला अध्यक्ष का नाम भी शामिल नहीं किया गया, जिसको लेकर अब राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है!!??1
- 📌प्रशासन और गैस एजेंसियों की ओर से लोगों को किया गया आश्वस्त,कि नहीं होंगी गैस की कोई कमी।1
- उरई (जालौन)। यमुना नदी को अविरल और निर्मल बनाने के संकल्प के साथ बुंदेलखंड की जल सहेलियों द्वारा निकाली गई लगभग 500 किलोमीटर लंबी ‘अविरल-निर्मल यमुना यात्रा’ का समापन दिल्ली के वासुदेव घाट पर हुआ। यह यात्रा 29 जनवरी को जालौन जनपद के पंचनदा धाम से शुरू हुई थी और कई जिलों व सैकड़ों गांवों से गुजरते हुए दिल्ली पहुंची। यात्रा में करीब 620 जल सहेलियों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर लोगों को यमुना नदी की स्थिति से अवगत कराया और जल संरक्षण का संदेश दिया। यात्रा के दौरान 32 से अधिक विद्यालयों में लगभग 34 हजार विद्यार्थियों तथा करीब 61 हजार लोगों को नदी संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।1
- Post by MD ANISH KURAISHI1
- aved kabja1
- उरई में कठेरिया समाज का भव्य सामूहिक विवाह समारोह, सांसद डिम्पल यादव ने 17 जोड़ों को दिया आशीर्वाद उरई (जालौन)। शहर में कठेरिया समाज द्वारा आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 17 कन्याओं का विवाह पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मैनपुरी की सांसद Dimple Yadav ने पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की।समारोह में दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक परिधान में सजे-धजे मंच पर पहुंचे, जहां पंडितों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं। जैसे ही सात फेरे और कन्यादान की रस्में पूरी हुईं, वहां मौजूद परिजनों और समाज के लोगों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और आसपास के क्षेत्रों से आए नागरिक मौजूद रहे। आयोजन समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामग्री, कपड़े और अन्य उपयोगी उपहार भी भेंट किए गए।अपने संबोधन में Dimple Yadav ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में एकता, सहयोग और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो पाता है। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उनके सम्मान व सुरक्षा के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि कठेरिया समाज द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सामूहिक विवाह समारोह का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों की मदद करना और समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाना है।समारोह के अंत में सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर विदा किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा और समाज के लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।1