चार साल से असुरक्षा का आरोप,अब 535 छात्राओं ने जड़ दिया स्कूल पर ताला धार। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। करीब 535 छात्राओं ने स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। *‘चार साल से असुरक्षा के साए में पढ़ाई’* प्रदर्शन कर रही छात्रा रोशनी कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और आए दिन बाहरी लोगों के प्रवेश से छात्राओं में भय का माहौल बना रहता है। छात्राओं के मुताबिक, परिसर में बाहरी लोगों के आने को लेकर कई बार विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। छात्राओं का आरोप है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से असुरक्षा के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। *कक्षाओं में पंखे गायब, ‘नेचुरल हवा’ का सहारा!* गर्मी और उमस के बीच छात्राओं ने कक्षाओं में पंखे नहीं होने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। छात्राओं का आरोप है कि जब वे पंखे लगाने की मांग करती हैं तो उन्हें ‘नेचुरल हवा’ लेने की सलाह देकर मामला टाल दिया जाता है। छात्राओं ने सवाल उठाया कि जब कक्षाओं में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं के लिए पंखों की व्यवस्था नहीं है, तो फिर विद्यालय में सुविधाओं का संतुलन आखिर कहां है? छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य कक्ष में एसी लगा हुआ है, जबकि छात्राएं गर्मी में बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं। *प्यास बुझाने के लिए दूसरे स्कूल या एसडीएम कार्यालय का चक्कर!* छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और उन्हें पास के स्कूल अथवा एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जहां बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने की बात होती है, वहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी छात्राओं को भटकना पड़े तो व्यवस्था की तस्वीर कैसी होगी? *शौचालयों की सफाई पर भी सवाल* विद्यालय के वॉशरूम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। छात्राओं का कहना है कि शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन से साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। *आवेदन पर आवेदन… फिर भी समाधान नहीं!* छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आखिरकार छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। *अब प्रशासन के आश्वासन की अग्निपरीक्षा* छात्राओं के प्रदर्शन के बाद तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि 535 छात्राओं के इस विरोध के बाद स्कूल की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरती हैं या फिर आश्वासन की फाइलें ही दौड़ती रहेंगी?
चार साल से असुरक्षा का आरोप,अब 535 छात्राओं ने जड़ दिया स्कूल पर ताला धार। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। करीब 535 छात्राओं ने स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। *‘चार साल से असुरक्षा के साए में पढ़ाई’* प्रदर्शन कर रही छात्रा रोशनी कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं
हैं और आए दिन बाहरी लोगों के प्रवेश से छात्राओं में भय का माहौल बना रहता है। छात्राओं के मुताबिक, परिसर में बाहरी लोगों के आने को लेकर कई बार विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। छात्राओं का आरोप है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से असुरक्षा के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। *कक्षाओं में पंखे गायब, ‘नेचुरल हवा’ का सहारा!* गर्मी और उमस के बीच छात्राओं ने कक्षाओं में पंखे नहीं होने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। छात्राओं का आरोप है कि जब वे पंखे लगाने की मांग करती हैं तो उन्हें ‘नेचुरल हवा’ लेने की सलाह देकर मामला टाल दिया जाता है। छात्राओं ने सवाल उठाया कि जब कक्षाओं में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं के लिए पंखों की व्यवस्था नहीं है, तो फिर विद्यालय में सुविधाओं का संतुलन आखिर कहां है?
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य कक्ष में एसी लगा हुआ है, जबकि छात्राएं गर्मी में बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं। *प्यास बुझाने के लिए दूसरे स्कूल या एसडीएम कार्यालय का चक्कर!* छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और उन्हें पास के स्कूल अथवा एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जहां बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने की बात होती है, वहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी छात्राओं को भटकना पड़े तो व्यवस्था की तस्वीर कैसी होगी? *शौचालयों की सफाई पर भी सवाल* विद्यालय के वॉशरूम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। छात्राओं का कहना है कि शौचालयों की नियमित
सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन से साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। *आवेदन पर आवेदन… फिर भी समाधान नहीं!* छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आखिरकार छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। *अब प्रशासन के आश्वासन की अग्निपरीक्षा* छात्राओं के प्रदर्शन के बाद तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि 535 छात्राओं के इस विरोध के बाद स्कूल की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरती हैं या फिर आश्वासन की फाइलें ही दौड़ती रहेंगी?
- Sunil Nigwal reporterपीथमपुर, धार, मध्य प्रदेशखबर पर आपकी राय क्या है जरुर बताएं16 hrs ago
- कक्षाओं में पंखे गायब, पानी के लिए भटकती छात्राएं; गुस्से में स्कूल पर ताला शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। करीब 535 छात्राओं ने स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।1
- इन्दौर के ट्रांस्पोर्ट नगर मै 15 तारीख को हुईं चाकूबाजी की घटना मै मोहम्मद इरफान को Indore TV news1
- राहुल गांधी के ऊपर बना ये वीडियो देखिये पप्पू तू तो गधा है 🤣🤣🏹🏹🏹1
- बड़ा खुलासा: इंदौर में शिक्षा माफिया के आगे नतमस्तक सिस्टम, दफ्तर छोड़ चाय की टपरी पर 'सेटिंग' कर रहे सीएम हेल्पलाइन प्रभारी! मासूम के भविष्य पर डाका: सिटी पब्लिक स्कूल ने 5वीं की बच्ची से बोर्ड परीक्षा के नाम पर ₹1850 ऐंठे, रसीद थमाई और फिर सीधे स्कूल से बाहर निकाल फेंका। टपरी पर सरकारी तमाशा: महू नाका बीआरसी सीएम हेल्पलाइन प्रभारी विपिन गुप्ता दफ्तर भूलकर फरियादी को चाय होटल पर तलब कर रहे हैं, ताकि सीएम हेल्पलाइन कटवाई जा सके। माफिया का खेल, अफसर फेल: आरोप है कि शिक्षा माफिया विजय शर्मा के इशारे पर फाइल दबा दी गई और नोडल अधिकारी जांच करने के बजाय फीस वापस दिलाने का झुनझुना थमाकर शिकायत बंद कराने का खुला दबाव बना रहा है।1
- सिक्योरिटी कंपनी के कर्मचारियों को वेतन न देने का मामला है कलेक्टर के पास कलेक्टर इंदौर एक सिक्योरिटी कंपनी का मामला इंदौर कलेक्टर के पास पहुंच इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि हम लोग गरीब हैं और हमारा वेतन कंपनी नहीं दे रही है इससे हमें घर चलाने में बड़ी परेशानी हो रही है कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा ने आश्वासन दया के हम बात करके आपका वेतन दिलवाने का पूरा प्रयास करें1
- मध्य प्रदेश शासन में शिक्षकों द्वारा किस प्रकार के लापरवाही करना एक बहुत बड़ा अपराध है क्या खातेगांव और देवास प्रशासन ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई कर उनको बर्खास्त की कार्रवाई कर पाएगा या बच्चों को जीवन खराब करने का अधिकार उनको दे दिया जाएगा1
- चार साल से असुरक्षा का आरोप,अब 535 छात्राओं ने जड़ दिया स्कूल पर ताला धार। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। करीब 535 छात्राओं ने स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। *‘चार साल से असुरक्षा के साए में पढ़ाई’* प्रदर्शन कर रही छात्रा रोशनी कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और आए दिन बाहरी लोगों के प्रवेश से छात्राओं में भय का माहौल बना रहता है। छात्राओं के मुताबिक, परिसर में बाहरी लोगों के आने को लेकर कई बार विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। छात्राओं का आरोप है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से असुरक्षा के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। *कक्षाओं में पंखे गायब, ‘नेचुरल हवा’ का सहारा!* गर्मी और उमस के बीच छात्राओं ने कक्षाओं में पंखे नहीं होने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। छात्राओं का आरोप है कि जब वे पंखे लगाने की मांग करती हैं तो उन्हें ‘नेचुरल हवा’ लेने की सलाह देकर मामला टाल दिया जाता है। छात्राओं ने सवाल उठाया कि जब कक्षाओं में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं के लिए पंखों की व्यवस्था नहीं है, तो फिर विद्यालय में सुविधाओं का संतुलन आखिर कहां है? छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य कक्ष में एसी लगा हुआ है, जबकि छात्राएं गर्मी में बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं। *प्यास बुझाने के लिए दूसरे स्कूल या एसडीएम कार्यालय का चक्कर!* छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और उन्हें पास के स्कूल अथवा एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जहां बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने की बात होती है, वहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी छात्राओं को भटकना पड़े तो व्यवस्था की तस्वीर कैसी होगी? *शौचालयों की सफाई पर भी सवाल* विद्यालय के वॉशरूम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। छात्राओं का कहना है कि शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन से साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। *आवेदन पर आवेदन… फिर भी समाधान नहीं!* छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आखिरकार छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। *अब प्रशासन के आश्वासन की अग्निपरीक्षा* छात्राओं के प्रदर्शन के बाद तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि 535 छात्राओं के इस विरोध के बाद स्कूल की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरती हैं या फिर आश्वासन की फाइलें ही दौड़ती रहेंगी?4
- ढोल ग्यारस जुलूस में गड़बड़ी रोकने क्राइम ब्रांच की सख्त निगरानी ।। क्राइम ब्रांच की 50 सदस्य टीमों ने जुलूस में की मॉनिटरिंग ।। देर रात करीब 200 संदिग्धों की हुई चेकिंग चेकिंग में 7 संदिग्ध मिले भीड़ से अलग कर थानों के किया सुपुत्र कुछ संदिग्ध शराब पीते और नशीले पुड़िया के साथ मिले ।। गड़बड़ी के आशंका वाले लोगों पर की जा रही वैधानिक कार्रवाई। ।।1