रांची के रातू थाना परिसर में गुरुवार शाम करीब छह बजे एक नाग निकल आने से पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। नाग दिखने की खबर फैलते ही थाना परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और सभी लोग सतर्क हो गए। यह नाग करीब डेढ़ घंटे तक थाने के परिसर में ही इधर-उधर घूमता रहा, जिसके कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरतनी पड़ी। स्थिति को देखते हुए तत्काल दलादली निवासी सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ नारायण प्रमाणिक को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने थाने पहुंचकर बेहद सुरक्षित तरीके से नाग को पकड़ लिया। नाग के पकड़े जाने के बाद ही थाना परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते सांप को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, हालांकि इस वाकये के बाद काफी समय तक लोगों के बीच इसी को लेकर चर्चा होती रही।
रांची के रातू थाना परिसर में गुरुवार शाम करीब छह बजे एक नाग निकल आने से पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। नाग दिखने की खबर फैलते ही थाना परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और सभी लोग सतर्क हो गए। यह नाग करीब डेढ़ घंटे तक थाने के परिसर में ही इधर-उधर घूमता रहा, जिसके कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरतनी पड़ी। स्थिति को देखते हुए तत्काल दलादली निवासी सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ नारायण प्रमाणिक को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने थाने पहुंचकर बेहद सुरक्षित तरीके से नाग को पकड़ लिया। नाग के पकड़े जाने के बाद ही थाना परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते सांप को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, हालांकि इस वाकये के बाद काफी समय तक लोगों के बीच इसी को लेकर चर्चा होती रही।
- रांची के रातू थाना परिसर में गुरुवार शाम करीब छह बजे एक नाग निकल आने से पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। नाग दिखने की खबर फैलते ही थाना परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और सभी लोग सतर्क हो गए। यह नाग करीब डेढ़ घंटे तक थाने के परिसर में ही इधर-उधर घूमता रहा, जिसके कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरतनी पड़ी। स्थिति को देखते हुए तत्काल दलादली निवासी सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ नारायण प्रमाणिक को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने थाने पहुंचकर बेहद सुरक्षित तरीके से नाग को पकड़ लिया। नाग के पकड़े जाने के बाद ही थाना परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते सांप को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, हालांकि इस वाकये के बाद काफी समय तक लोगों के बीच इसी को लेकर चर्चा होती रही।1
- रांची के मांडर के कंडारी में आज सुबह एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक पालतू कुत्ते ने अपने घरवालों की जान बचाई। इस पालतू कुत्ते ने एक जहरीले सांप को काटकर मार डाला। यह घटना आज सुबह की है, जहां इस वफादार पालतू कुत्ते ने जहरीले सांप को काटकर मौत के घाट उतार दिया और घरवालों की जान सुरक्षित बचा ली।4
- हजारीबाग के चौपारण में लगातार चौथी बार भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकली है। इस दौरान पूरा चौपारण भगवान की भक्ति के माहौल में डूबा नजर आया।1
- 16 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे बशरतपुर क्षेत्र में जगन्नाथ जी महाराज की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जगन्नाथ जी की यात्रा में शामिल हुए। बशरतपुर में आयोजित इस यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं ने जगन्नाथ जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद तथा प्रसाद प्राप्त किया।4
- लातेहार के प्राथमिक विद्यालय गुलारिया ताड़ में सभी बच्चों का स्वास्थ्य एवं नेत्र जाँच किया गया। स्कूल के सभी बच्चों की आँखों की यह जाँच नेत्र सहायक सुनील कुमार जी के द्वारा की गई।1
- राँची के बेड़ो में चर्चित रविन्द्र मुण्डा हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास मुण्डा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक देशी पिस्टल और 3 जिंदा गोलियां भी बरामद की हैं। डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम को यह बड़ी सफलता मिली है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने हत्या की वजह का खुलासा कर दिया है। इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। राँची पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।1
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 19वें दिन उनसे मिलने के लिए अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंचे हैं। इस अहम मुलाकात के बाद से ही इस आंदोलन और इसे लेकर होने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। रांची क्लब टीवी के अनुसार, इस मुलाक़ात और पूरे घटनाक्रम के बाद से आंदोलन को लेकर लगातार नई अपडेट और जानकारियां सामने आ रही हैं।1
- रातू के ऐतिहासिक राजकिले की रथयात्रा पूजा और मेले में गुरुवार को आस्था का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। शाम ठीक 5 बजे भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर मौसी के घर के लिए प्रस्थान कर गए। इस दौरान पूरा वातावरण भगवान के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने राज किला स्थित जगन्नाथ मंदिर में देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रसाद वितरण के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। यह पूजा अनुष्ठान राजपुरोहित भोला शंकर मिश्र और अन्य पुजारियों द्वारा संपन्न कराया गया। नौ दिनों के विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ वापस मुख्य मंदिर लौटेंगे। इस अवसर पर आयोजित भव्य मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी थीं, जहां लोगों ने घरेलू सामानों के साथ-साथ चाउमीन, आम और मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। मेले में लगे झूलों का भी लोगों ने भरपूर आनंद लिया और इस दौरान ठेला-खोमचा वालों की जमकर कमाई हुई। मेले के सफल संचालन और सुरक्षा के लिए श्री साईं स्वयंसेवी संस्था द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था। इसके साथ ही सीएचसी, छात्र क्लब ग्रुप और विश्वकर्मा सुरक्षा मंच की ओर से मेलार्थियों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए थे। किला प्रबंधन की ओर से पेयजल का पुख्ता इंतजाम किया गया था, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए राजमहल की ओर से 100 से अधिक वॉलिंटियर तैनात किए गए थे। मेले में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम रहे, जिसकी कमान डीएसपी अजय आर्यन और थानेदार आदिकान्त महतो ने खुद संभाली। पूरे मेला क्षेत्र में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और ड्रोन कैमरों के जरिए भी मेलार्थियों पर पैनी नजर रखी जा रही थी। इस पूरे आयोजन और मेले को सफल बनाने में जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, कर्नल संजय नाथ शाहदेव, कुसलेंद्र सिंह, आदित्यनाथ शाहदेव, पृथ्वीनाथ शाहदेव, आदित्येन्द्र नाथ शाहदेव, नितेश लाल नाथ शाहदेव, कुमार अतुल राज, जितेंद्र सिंह, लाल प्रवीण नाथ शाहदेव, अभिषेक सिंह और दामोदर मिश्र सहित दर्जनों लोगों का सराहनीय योगदान रहा।1