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बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव ने कहा बंदर और कुत्ते की दोस्ती से पता चलता है जानवर भी कितने समझदार लेकिन मानव मानव में बैमनुष्यता जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान
डॉ फूल सिंह लोधी पूर्व सैनिक समाज सेवा
बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव ने कहा बंदर और कुत्ते की दोस्ती से पता चलता है जानवर भी कितने समझदार लेकिन मानव मानव में बैमनुष्यता जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान
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- जेसीबी खुदाई में निकले चांदी-तांबे के सैकड़ों पुराने सिक्के, प्रशासन ने कब्जे में लिए फतेहपुर। जहानाबाद कस्बे के मोहल्ला बिलासपुर में मंगलवार की शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पुराने कच्चे मकान की खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से बड़ी संख्या में प्राचीन सिक्के बरामद हुए। जानकारी के अनुसार, मदन कोरी के गिरे हुए पुराने मकान की जेसीबी से खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान मिट्टी के अंदर से एक छोटा सा लोटा मिला, जिसमें चांदी के 92 और तांबे के 180 सिक्के भरे हुए थे। सिक्के मिलने की खबर तेजी से इलाके में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और नायब तहसीलदार सुरेश चंद्र तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने सभी सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रूप से जहानाबाद थाने भिजवा दिया। नायब तहसीलदार सुरेश चंद्र ने बताया कि बरामद किए गए सभी सिक्कों को थाने में जमा करा दिया गया है और उनकी जांच व कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिक्कों की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व का आकलन करने के लिए संबंधित विभाग को भी सूचना दी जाएगी। घटना के बाद से क्षेत्र में इस खोज को लेकर काफी चर्चा बनी हुई है।1
- फतेहपुर के खागा में नौबस्ता मार्ग के भूमि पूजन के दौरान भाजपा विधायक कृष्णा पासवान और सपा विधायक ऊषा मौर्या के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. पूजा में बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद सियासी टकराव में बदल गया. घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.1
- Post by डॉ फूल सिंह लोधी पूर्व सैनिक समाज सेवा1
- असोथर (फतेहपुर): नगर पंचायत असोथर के खंड 3 और 4 में काफी समय से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। *जाम से समय की बर्बादी:* कारण मुख्य मार्गों पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्कूली बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस) को भी इस जाम में घंटों फंसे रहना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जो रास्ता चंद मिनटों में तय होना चाहिए, वहां अब घंटों लग रहे हैं। *बीमारियों का खतरा:* जाम के साथ-साथ उड़ती धूल और 'धूल-धक्कड़' ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। सड़कों पर फैली धूल की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। *जनता इस ओवरलोडिंग से पीड़ित है*1
- Post by Vimal kumar4
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- फतेहपुर जनपद के बहुआ ब्लाक के बड़ागांव गांव में मंगलवार सुबह 10बजे हाइटेंशन लाइन के इंसुलेटर से बहुआ निकली चिंगारी ने गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया।जिससे गेहूं की फसल में आग लगने से बड़ागांव निवासी किसान राजेश कुमार शुक्ला और अंकुर पाल के एक एक बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग लगने की सूचना पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ की टहनियों और पानी डालकर किसी तरह आग पर काबू पाया।जिससे कई किसानों की गेहूं की फसल जलने से बच गई। लेकिन तब तक दोनों किसानो की दो बीघा फसल जल गई। मौके पर हल्का लेखपाल ने जाकर दोनों किसानो के नुकसान की पड़ताल किया है।1
- क्या बेइज्जती के लिए बुलाया गया था?”—पीडब्ल्यूडी पर उठाए सवाल, कहा- मेरे विधानसभा में बिना मुझे बैठाए नहीं होगी पूजा खागा-नौबस्ता रोड के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब हुसैनगंज विधायक उषा मौर्या को पूजा में शामिल नहीं किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, उद्घाटन से पहले चल रही पूजा में विधायक को बैठने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे वह नाराज हो गईं और मौके पर ही उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। विधायक उषा मौर्या ने पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया था, तो पूजा में शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “क्या मुझे यहां बेइज्जती करने के लिए बुलाया गया था?” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई और मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम उनके विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है, ऐसे में उन्हें नजरअंदाज करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “मेरे विधानसभा में पूजा हो रही है, मैं नहीं बैठने दूंगी अगर मुझे शामिल नहीं किया जाएगा।” इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में समन्वय की कमी के कारण ही इस तरह के विवाद सामने आते हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का दौर जारी है।2