विदिशा में 01 जून 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) भोपाल रेंज श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने पुलिस आरक्षक भर्ती-2025 के अंतर्गत चयनित 293 नवआरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर सभी नवआरक्षकों का मध्यप्रदेश पुलिस परिवार में स्वागत किया गया। कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया 'मिशन मोड' पर संचालित की जा रही है। विशेष बात यह रही कि चयनित 293 नवआरक्षकों में 36 ऐसे युवा भी शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक होमगार्ड के रूप में अपनी सेवाएँ देकर अनुभव अर्जित किया और अब अपने परिश्रम व समर्पण के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पद प्राप्त किया है। नियुक्ति पत्र वितरण से पहले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने नवआरक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों, CCTNS, ई-साक्ष्य, डिजिटल विवेचना, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों के महत्व से भी अवगत कराया। उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक समर्पित सेवा का माध्यम है। उन्होंने देशभक्ति, अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा के मूल आधार बताते हुए आमजन का विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद, सभी नवआरक्षक निर्धारित पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के लिए रवाना होंगे, जहाँ उन्हें शारीरिक, तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उनकी यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और रक्षित निरीक्षक श्री भूर सिंह चौहान सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। विदिशा पुलिस परिवार की ओर से सभी नवआरक्षकों को उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशिक्षण और गौरवपूर्ण सेवाकाल के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
विदिशा में 01 जून 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) भोपाल रेंज श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने पुलिस आरक्षक भर्ती-2025 के अंतर्गत चयनित 293 नवआरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर सभी नवआरक्षकों का मध्यप्रदेश पुलिस परिवार में स्वागत किया गया। कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया
'मिशन मोड' पर संचालित की जा रही है। विशेष बात यह रही कि चयनित 293 नवआरक्षकों में 36 ऐसे युवा भी शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक होमगार्ड के रूप में अपनी सेवाएँ देकर अनुभव अर्जित किया और अब अपने परिश्रम व समर्पण के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पद प्राप्त किया है। नियुक्ति पत्र वितरण से पहले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने नवआरक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही इनके
प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों, CCTNS, ई-साक्ष्य, डिजिटल विवेचना, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों के महत्व से भी अवगत कराया। उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक समर्पित सेवा का माध्यम है। उन्होंने देशभक्ति, अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा के मूल आधार बताते हुए आमजन का विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद, सभी नवआरक्षक निर्धारित पुलिस प्रशिक्षण
केंद्रों के लिए रवाना होंगे, जहाँ उन्हें शारीरिक, तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उनकी यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और रक्षित निरीक्षक श्री भूर सिंह चौहान सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। विदिशा पुलिस परिवार की ओर से सभी नवआरक्षकों को उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशिक्षण और गौरवपूर्ण सेवाकाल के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
- विदिशा में 01 जून 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) भोपाल रेंज श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने पुलिस आरक्षक भर्ती-2025 के अंतर्गत चयनित 293 नवआरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर सभी नवआरक्षकों का मध्यप्रदेश पुलिस परिवार में स्वागत किया गया। कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया 'मिशन मोड' पर संचालित की जा रही है। विशेष बात यह रही कि चयनित 293 नवआरक्षकों में 36 ऐसे युवा भी शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक होमगार्ड के रूप में अपनी सेवाएँ देकर अनुभव अर्जित किया और अब अपने परिश्रम व समर्पण के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पद प्राप्त किया है। नियुक्ति पत्र वितरण से पहले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने नवआरक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों, CCTNS, ई-साक्ष्य, डिजिटल विवेचना, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों के महत्व से भी अवगत कराया। उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक समर्पित सेवा का माध्यम है। उन्होंने देशभक्ति, अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा के मूल आधार बताते हुए आमजन का विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद, सभी नवआरक्षक निर्धारित पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के लिए रवाना होंगे, जहाँ उन्हें शारीरिक, तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उनकी यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और रक्षित निरीक्षक श्री भूर सिंह चौहान सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। विदिशा पुलिस परिवार की ओर से सभी नवआरक्षकों को उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशिक्षण और गौरवपूर्ण सेवाकाल के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।4
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के बड़े बाजार में आयोजित स्ट्रीट वेंडर कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले योजना से लाभान्वित एक गन्ने का ठेला लगाने वाले व्यक्ति से मुलाकात की और इस दौरान अपने हाथों से गन्ने की मशीन चलाकर जूस भी निकाला। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य स्ट्रीट वेंडरों से भी बातचीत करते हुए, शिवराज सिंह चौहान ने उनका हालचाल जाना। उन्होंने लाभान्वित स्ट्रीट वेंडरों के साथ जनसंवाद किया और उन्हें संबोधित करते हुए इस योजना को "पारस रूपी" बताया, साथ ही सभी को शुभकामनाएं दीं।4
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्वयं मंत्रों का उच्चारण करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने खेत की मिट्टी की पूजा भी की।1
- मध्य प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' लागू करने से पहले राज्य सरकार द्वारा नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यह व्यवस्था विभिन्न धर्मों से आने वाली बहनों एवं महिलाओं को विवाह, विवाह-विच्छेद तथा अन्य पारिवारिक एवं नागरिक मामलों से संबंधित समस्याओं के समाधान में अधिक सुविधा और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।1
- सागर जिले में पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों की सतर्कता से एक महिला का लाखों रुपये मूल्य का गुम हुआ बैग मात्र तीन घंटे की लगातार मेहनत, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित समन्वय के बाद वापस मिल गया। ग्राम रजवास, तहसील रहली निवासी निधि कुर्मी अपने परिवार के साथ सागर बस स्टैंड जाने के लिए परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास एक ऑटो में बैठी थीं। इसी दौरान उन्होंने अपना पर्स ऑटो में रख दिया, जिसमें लगभग ₹54,000 की सोने की अंगूठी, ₹46,000 के सोने के कान के आभूषण और ₹4,000 नगद रखे थे। बच्चों को ऑटो में बैठाने के बाद परिवार ने पैदल बस स्टैंड जाने का फैसला किया और जल्दबाजी में पर्स ऑटो में ही छूट गया। पर्स गुम होने का पता चलने पर महिला ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कोतवाली ने महिला एवं उनके परिजनों को पुलिस कंट्रोल रूम भेजा और पूरे घटनाक्रम से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा को अवगत कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री सिन्हा ने प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को उपलब्ध सभी तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर ऑटो और पर्स का पता लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में आरक्षक रूद्रेश और आरक्षक नितेश की सीसीटीवी टीम सक्रिय हो गई। टीम ने शहर के विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से परीक्षण किया और लगभग तीन घंटे तक सैकड़ों कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद संबंधित ऑटो को विभिन्न स्थानों पर चिन्हित किया। हालांकि, ऑटो का पंजीयन क्रमांक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका, केवल अंतिम चार अंक ही दिखाई दिए, फिर भी टीम ने हार नहीं मानी और स्मार्ट सिटी कैमरों सहित अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से वाहन की पहचान के प्रयास जारी रखे। जब तकनीकी माध्यमों से वाहन का पूरा नंबर नहीं मिल सका, तो पुलिस कंट्रोल रूम ने ऑटो का फोटो और उपलब्ध विवरण विभिन्न पुलिस ग्रुप, मीडिया ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप यह सूचना शीघ्र ही संबंधित ऑटो चालक तक पहुंच गई। रात्रि लगभग 12:00 बजे ऑटो चालक स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा और ऑटो में छूटा हुआ बैग पुलिस को सौंप दिया। उस समय निधि कुर्मी और उनके परिजन भी कंट्रोल रूम में मौजूद थे। बैग की जांच करने पर उसमें रखी सोने की अंगूठी, सोने के कान के आभूषण और नगद राशि सहित समस्त सामग्री सुरक्षित पाई गई, जिसे विधिवत महिला को सुपुर्द कर दिया गया। अपना खोया हुआ बैग और कीमती सामान सुरक्षित वापस पाकर निधि कुर्मी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यप्रणाली की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, पुलिस की सक्रियता और जनसहयोग के समन्वय से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान संभव है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा श्री लोकेश कुमार सिन्हा, उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, आरक्षक रूद्रेश और आरक्षक नितेश सहित पुलिस कंट्रोल रूम की पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी गई।1
- विदिशा पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग और तकनीक आधारित अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले के विवेचकों को ई-विवेचना कार्य के लिए टैबलेट वितरित किए हैं। 01 जून 2026 को विदिशा के पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कुल 253 टैबलेट सौंपे, जो पुलिस मुख्यालय द्वारा विदिशा जिले को आवंटित किए गए थे। यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और स्मार्ट पुलिसिंग की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से की गई है। विदिशा जिले ने ई-विवेचना के प्रभावी क्रियान्वयन में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जहाँ यह जिला प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। विशेष रूप से, थाना सिरोंज ने ई-विवेचना के सफल संचालन में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। जिले के विवेचकों ने डिजिटल अनुसंधान प्रणाली को अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन टैबलेट के वितरण से विवेचकों को केस डायरी लेखन और अनुसंधान कार्यों को तेज़ी से पूरा करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, अपराध संबंधी दस्तावेजों और साक्ष्यों का डिजिटल संधारण सुनिश्चित होगा, जिससे विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता बढ़ेगी। कागजी कार्यवाही में कमी आने से अनुसंधान कार्य अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बन सकेगा, और न्यायालयीन कार्यवाही के लिए आवश्यक दस्तावेजों का बेहतर प्रबंधन संभव हो पाएगा। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित अनुसंधान से अपराधों के त्वरित निराकरण और बेहतर पुलिस सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी तथा विवेचकों से डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उप पुलिस महानिरीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने ज़ोर दिया कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग पुलिस अनुसंधान को अधिक सशक्त और परिणाममुखी बनाएगा, और विवेचकों को टैबलेट एवं डिजिटल एप्लिकेशनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर विवेचना की गुणवत्ता और दक्षता को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।2
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना स्थित गांधी चौराहे पर सोमवार को दिनदहाड़े गुंडागर्दी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए छह युवकों ने बेसबॉल के डंडों से लैस होकर एक ऑटो चालक पर हमला कर दिया। हमलावरों ने बीच सड़क पर ही ऑटो चालक के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान, मौके पर मौजूद कुछ साहसी लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग निकले। घायल ऑटो चालक को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यह पूरी वारदात पुलिस सहायता केंद्र के ठीक सामने हुई। इसके बावजूद, पुलिस को सूचना मिलने के लगभग 15 मिनट बाद ही मौके पर पहुंची। जून महीने की पहली तारीख को हुई इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, कि आखिर पुलिस सहायता केंद्र के सामने ही बदमाश इतने बेखौफ कैसे हो गए?1