सूरत ग्रामीण जिला पुलिस ने 'तेरा तुझको अर्पण कार्यक्रम' के तहत चोरी हुए या गुम हुए कुल 222 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत ₹42,84,917/- है, CEIR पोर्टल की मदद से बरामद कर उनके आवेदकों को वापस सौंप दिए हैं। यह पहल गुजरात पुलिस द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को उनके खोए हुए सामान वापस दिलाना है। यह कार्यक्रम आज 22/06/2026 को सूरत जिले के कामरेज तालुका के वाव गांव स्थित श्री वशिष्ठ विद्यालय में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सूरत रेंज पुलिस विभाग, सूरत के महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह ने की। इस अवसर पर सूरत ग्रामीण जिला पुलिस के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढिया भी उपस्थित रहे। सूरत ग्रामीण जिले के विभिन्न पुलिस थानों में हाल ही में या कम समय में चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशनों से एकत्र की गई थी। सूरत ग्रामीण जिले की LCB की तकनीकी टीम और पुलिस स्टेशनों ने मिलकर CEIR पोर्टल के माध्यम से इन सभी मोबाइल फोन की पहचान की। आज कुल 222 मोबाइल फोन बरामद किए गए और 'तेरा तुझको अर्पण कार्यक्रम' थीम के तहत उनके मालिकों/धारकों को सौंप दिए गए।
सूरत ग्रामीण जिला पुलिस ने 'तेरा तुझको अर्पण कार्यक्रम' के तहत चोरी हुए या गुम हुए कुल 222 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत ₹42,84,917/- है, CEIR पोर्टल की मदद से बरामद कर उनके आवेदकों को वापस सौंप दिए हैं। यह पहल गुजरात पुलिस द्वारा की गई है,
जिसका उद्देश्य लोगों को उनके खोए हुए सामान वापस दिलाना है। यह कार्यक्रम आज 22/06/2026 को सूरत जिले के कामरेज तालुका के वाव गांव स्थित श्री वशिष्ठ विद्यालय में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सूरत रेंज पुलिस विभाग, सूरत के महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह ने की।
इस अवसर पर सूरत ग्रामीण जिला पुलिस के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढिया भी उपस्थित रहे। सूरत ग्रामीण जिले के विभिन्न पुलिस थानों में हाल ही में या कम समय में चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशनों से एकत्र की गई थी।
सूरत ग्रामीण जिले की LCB की तकनीकी टीम और पुलिस स्टेशनों ने मिलकर CEIR पोर्टल के माध्यम से इन सभी मोबाइल फोन की पहचान की। आज कुल 222 मोबाइल फोन बरामद किए गए और 'तेरा तुझको अर्पण कार्यक्रम' थीम के तहत उनके मालिकों/धारकों को सौंप दिए गए।
- प्रयागराज के मेजा में हुए हत्याकांड के मामले में एक प्रधान को जेल भेज दिया गया है। इस घटना को लेकर प्रधान के बरे गाँव के लोगों ने अपनी बात रखी है। वहीं, पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हिमांशु यादव को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित नेवढ़िया में शनिवार को एसआरआरवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय ने सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन और फीता काटकर विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय का प्रत्येक बच्चा न केवल प्रदेश और देश में, बल्कि पूरे विश्व में नाम रोशन करेगा, जिससे प्रयागराज और भारत का कोना-कोना इस स्कूल का नाम याद रखेगा। समारोह के दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर आए हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया और बच्चों को देश का भविष्य करार दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश से गरीबी दूर करने के लिए बच्चों को शिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि 'पढ़ेंगे बच्चे तो बढ़ेंगे बच्चे'। न्यायमूर्ति ने बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ विद्यालय के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और अनुशासन की भी खुलकर सराहना की। कार्यक्रम का संचालन हरिप्रसाद पांडेय और शशि द्विवेदी उर्फ बबुआन ने किया, जबकि स्कूल के संचालक लल्ला सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी, हंडिया एसडीएम न्यायिक सुरेंद्र प्रताप यादव, भाजपा नेता राजू शुक्ला, सुशील मिश्रा, नित्यानंद उपाध्याय, पप्पू उपाध्याय, नाथू गुप्ता, मुकेश उपाध्याय, श्रीकांत यादव, गज्जू रॉय, स्कूल की प्रिंसिपल रुही परवीन, प्रीति सिंह, दिनेश सिंह, संतोष कुशवाहा, मनोज पटेल, मनोज कुमार यादव, साक्षी सिंह, क्षमा मिश्रा, आश्वि शर्मा, नीलम पटेल, सुनंदा पटेल, पिंकी गुप्ता, सुशीला पाल, सोनाक्षी मिश्रा, सुरेंद्र त्रिवेदी सहित तमाम अभिभावक मौजूद रहे। समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मुस्तैद था।1
- भदोही जिले में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से सोमवार को नगर पंचायत ज्ञानपुर और ग्राम पंचायत उवारी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर पंचायत ज्ञानपुर में, पुराने दीवानी परिसर के पास स्थित एक तालाब की भूमि पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जा करने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण में शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर उन्होंने तहसीलदार ज्ञानपुर को हरिशंकर नामक व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, तालाब की भूमि पर डाली गई मिट्टी को जेसीबी मशीन से तुरंत हटवाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि तालाबों और अन्य जल स्रोतों पर अतिक्रमण पर्यावरणीय संतुलन के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ जनहित के भी विपरीत है, और ऐसे मामलों में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बाद, जिलाधिकारी ग्राम पंचायत उवारी पहुंचे, जहां लगभग एक सप्ताह पूर्व ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। स्थलीय निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ लोग ग्राम पंचायत की इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों से जानकारी ली और भूमि संरक्षण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल राकेश कुमार को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिया कि वे तत्काल भूमि का सीमांकन और चिन्हांकन करवाकर ग्राम पंचायत की भूमि को सुरक्षित करें, और अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध राजस्व व अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने घोषणा की कि ग्राम समाज, तालाब, चारागाह, परती और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ पूरे जनपद में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण की पहचान करने और शिकायत का इंतजार किए बिना सक्रिय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सरकारी संपत्तियां जनता की धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान को इससे और अधिक गति मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।4
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के पांती गांव निवासी 14 वर्षीय समीर कुमार पुत्र राजाराम की हत्या के मामले में एक महीना तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है। यह स्थिति पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का विषय बनी हुई है। समीर का शव बीते 19 मई को गांव से लगभग 500 मीटर दूर मेजा रोड रेलवे स्टेशन के दक्षिण में, प्लेटफार्म नंबर 4 के पास डीएफसी रेलवे ट्रैक की बाउंड्री वॉल के समीप एक खेत में मिला था, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना के तत्काल बाद, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गांव के आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ साक्ष्य न होने के कारण पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एक महीना तीन दिन बीत जाने के बावजूद मामले का खुलासा न होने से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस जांच की रफ्तार धीमी है, जिससे न्याय मिलने में देरी हो रही है। मामले की पेचीदगी बताते हुए, थाना प्रभारी मेजा दीनदयाल सिंह ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में समीर की मौत का कारण हैंगिंग (फांसी) बताया गया है। हालांकि, उनके अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मौत फांसी से हुई, तो शव घर से 500 मीटर दूर खेत तक कैसे पहुंचा। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस और एसओजी टीम पूरी मुस्तैदी और तटस्थता के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले के खुलासे को लेकर क्षेत्र के लोगों की निगाहें पुलिस पर टिकी हुई हैं, और वे त्वरित न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।1
- प्रयागराज के बारा स्थित छिड़ी गांव की निवासी माला देवी नामक एक दलित महिला ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माला देवी का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के उनके मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। पीड़िता ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था। महिला ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब माला देवी इस मामले में गहन जांच कराने, अपने हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रही हैं। इस मामले में अभी तक प्रशासनिक पक्ष सामने आना बाकी है।1
- प्रयागराज में एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा है। इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई की मांग को लेकर लड़की के परिजन स्थानीय थाने पहुंचे हैं।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने 15 युवाओं की जान ले ली है। इस इमारत में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और गेमिंग जोन चल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयावह थी कि छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूदना पड़ा। इस दर्दनाक हादसे के बाद, प्रशासन की सुरक्षा संबंधी घोर लापरवाही और बिना एनओसी के चल रहे इन 'मौत के तहखानों' पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1