प्रयागराज के मेजा स्थित नेवढ़िया में शनिवार को एसआरआरवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय ने सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन और फीता काटकर विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय का प्रत्येक बच्चा न केवल प्रदेश और देश में, बल्कि पूरे विश्व में नाम रोशन करेगा, जिससे प्रयागराज और भारत का कोना-कोना इस स्कूल का नाम याद रखेगा। समारोह के दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर आए हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया और बच्चों को देश का भविष्य करार दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश से गरीबी दूर करने के लिए बच्चों को शिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि 'पढ़ेंगे बच्चे तो बढ़ेंगे बच्चे'। न्यायमूर्ति ने बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ विद्यालय के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और अनुशासन की भी खुलकर सराहना की। कार्यक्रम का संचालन हरिप्रसाद पांडेय और शशि द्विवेदी उर्फ बबुआन ने किया, जबकि स्कूल के संचालक लल्ला सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी, हंडिया एसडीएम न्यायिक सुरेंद्र प्रताप यादव, भाजपा नेता राजू शुक्ला, सुशील मिश्रा, नित्यानंद उपाध्याय, पप्पू उपाध्याय, नाथू गुप्ता, मुकेश उपाध्याय, श्रीकांत यादव, गज्जू रॉय, स्कूल की प्रिंसिपल रुही परवीन, प्रीति सिंह, दिनेश सिंह, संतोष कुशवाहा, मनोज पटेल, मनोज कुमार यादव, साक्षी सिंह, क्षमा मिश्रा, आश्वि शर्मा, नीलम पटेल, सुनंदा पटेल, पिंकी गुप्ता, सुशीला पाल, सोनाक्षी मिश्रा, सुरेंद्र त्रिवेदी सहित तमाम अभिभावक मौजूद रहे। समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मुस्तैद था।
प्रयागराज के मेजा स्थित नेवढ़िया में शनिवार को एसआरआरवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय ने सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन और फीता काटकर विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय का प्रत्येक बच्चा न केवल प्रदेश और देश में, बल्कि पूरे विश्व में नाम रोशन करेगा, जिससे प्रयागराज और भारत का कोना-कोना इस स्कूल का नाम याद रखेगा। समारोह के दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर आए हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया और बच्चों को देश का भविष्य करार दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश से गरीबी दूर करने के लिए बच्चों को शिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि 'पढ़ेंगे बच्चे तो बढ़ेंगे बच्चे'। न्यायमूर्ति ने बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ विद्यालय के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और अनुशासन की भी खुलकर सराहना की। कार्यक्रम का संचालन हरिप्रसाद पांडेय और शशि द्विवेदी उर्फ बबुआन ने किया, जबकि स्कूल के संचालक लल्ला सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी, हंडिया एसडीएम न्यायिक सुरेंद्र प्रताप यादव, भाजपा नेता राजू शुक्ला, सुशील मिश्रा, नित्यानंद उपाध्याय, पप्पू उपाध्याय, नाथू गुप्ता, मुकेश उपाध्याय, श्रीकांत यादव, गज्जू रॉय, स्कूल की प्रिंसिपल रुही परवीन, प्रीति सिंह, दिनेश सिंह, संतोष कुशवाहा, मनोज पटेल, मनोज कुमार यादव, साक्षी सिंह, क्षमा मिश्रा, आश्वि शर्मा, नीलम पटेल, सुनंदा पटेल, पिंकी गुप्ता, सुशीला पाल, सोनाक्षी मिश्रा, सुरेंद्र त्रिवेदी सहित तमाम अभिभावक मौजूद रहे। समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मुस्तैद था।
- प्रयागराज के मेजा स्थित नेवढ़िया में शनिवार को एसआरआरवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय ने सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन और फीता काटकर विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय का प्रत्येक बच्चा न केवल प्रदेश और देश में, बल्कि पूरे विश्व में नाम रोशन करेगा, जिससे प्रयागराज और भारत का कोना-कोना इस स्कूल का नाम याद रखेगा। समारोह के दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर आए हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया और बच्चों को देश का भविष्य करार दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश से गरीबी दूर करने के लिए बच्चों को शिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि 'पढ़ेंगे बच्चे तो बढ़ेंगे बच्चे'। न्यायमूर्ति ने बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ विद्यालय के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और अनुशासन की भी खुलकर सराहना की। कार्यक्रम का संचालन हरिप्रसाद पांडेय और शशि द्विवेदी उर्फ बबुआन ने किया, जबकि स्कूल के संचालक लल्ला सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी, हंडिया एसडीएम न्यायिक सुरेंद्र प्रताप यादव, भाजपा नेता राजू शुक्ला, सुशील मिश्रा, नित्यानंद उपाध्याय, पप्पू उपाध्याय, नाथू गुप्ता, मुकेश उपाध्याय, श्रीकांत यादव, गज्जू रॉय, स्कूल की प्रिंसिपल रुही परवीन, प्रीति सिंह, दिनेश सिंह, संतोष कुशवाहा, मनोज पटेल, मनोज कुमार यादव, साक्षी सिंह, क्षमा मिश्रा, आश्वि शर्मा, नीलम पटेल, सुनंदा पटेल, पिंकी गुप्ता, सुशीला पाल, सोनाक्षी मिश्रा, सुरेंद्र त्रिवेदी सहित तमाम अभिभावक मौजूद रहे। समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मुस्तैद था।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के पांती गांव निवासी 14 वर्षीय समीर कुमार पुत्र राजाराम की हत्या के मामले में एक महीना तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है। यह स्थिति पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का विषय बनी हुई है। समीर का शव बीते 19 मई को गांव से लगभग 500 मीटर दूर मेजा रोड रेलवे स्टेशन के दक्षिण में, प्लेटफार्म नंबर 4 के पास डीएफसी रेलवे ट्रैक की बाउंड्री वॉल के समीप एक खेत में मिला था, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना के तत्काल बाद, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गांव के आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ साक्ष्य न होने के कारण पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एक महीना तीन दिन बीत जाने के बावजूद मामले का खुलासा न होने से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस जांच की रफ्तार धीमी है, जिससे न्याय मिलने में देरी हो रही है। मामले की पेचीदगी बताते हुए, थाना प्रभारी मेजा दीनदयाल सिंह ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में समीर की मौत का कारण हैंगिंग (फांसी) बताया गया है। हालांकि, उनके अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मौत फांसी से हुई, तो शव घर से 500 मीटर दूर खेत तक कैसे पहुंचा। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस और एसओजी टीम पूरी मुस्तैदी और तटस्थता के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले के खुलासे को लेकर क्षेत्र के लोगों की निगाहें पुलिस पर टिकी हुई हैं, और वे त्वरित न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।1
- लोगों से एक नए सुनहरे मौके का निश्चित रूप से उपयोग करने का आग्रह किया गया है। यह मौका बच्चों के भविष्य से संबंधित है, जिस पर सभी को एक बार अवश्य सोचने की सलाह दी गई है।1
- प्रयागराज जनपद के घूरपुर सब्जी मंडी के पास इन दिनों रांग साइड वाहनों का आतंक बढ़ गया है, जिससे सड़क दुर्घटना का खतरा हर समय मंडरा रहा है। प्रयागराज की ओर से आने वाले मार्ग पर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। भीटा-लालापुर की ओर जाने वाले वाहन चालक निर्धारित कटिंग का उपयोग करने के बजाय सीधे सब्जी मंडी के पास से ही गलत दिशा में वाहन निकाल रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भीटा-लालापुर मार्ग पर जाने वाले वाहनों की सुविधा और सुरक्षा के लिए घूरपुर गेट के सामने विधिवत कटिंग बनाई गई है। इसके बावजूद, कई वाहन चालक कुछ मिनट बचाने के लालच में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर रांग साइड वाहन चला रहे हैं। सब्जी मंडी क्षेत्र में दिनभर एम्बुलेंस, बाइक, ई-रिक्शा, ऑटो, मैजिक, कार, ट्रक, डम्पर और पिकअप जैसे वाहन गलत दिशा से गुजरते देखे जा सकते हैं, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और सड़क पर जाम व दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रांग साइड वाहनों के कारण कई बार आमने-सामने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यह बाजार क्षेत्र होने के कारण पैदल राहगीरों और खरीदारी करने आने वाले लोगों की संख्या भी अधिक रहती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और यातायात विभाग से इस मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यातायात नियमों का कड़ाई से पालन और नियमित निगरानी ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।1
- प्रयागराज के बारा स्थित ग्राम पंचायत छीड़ी में मनरेगा के तहत करीब 15 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे खेल मैदान की भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण और निर्माण को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। उपजिलाधिकारी (SDM) बारा के निर्देश पर राजस्व विभाग और बारा थाने की टीम ने जेसीबी की सहायता से इस अवैध कब्जे को हटाया। आरोप है कि गांव के ही एक दबंग व्यक्ति ने रातों-रात पक्की दीवार और टीनशेड बनाकर खेल मैदान की जमीन पर कब्जा कर लिया था। इस मामले में ग्राम प्रधान की शिकायत पर एसडीएम ने जांच कराई थी, जिसके बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की। सुबह नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और बारा थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और जेसीबी से अवैध दीवार व टीनशेड को ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान सैकड़ों ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। एसडीएम बारा ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। खेल मैदान की पैमाइश कराकर सीमांकन किया जा रहा है और अगर दोबारा कब्जे की कोशिश की गई तो आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई पर ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त की और जल्द से जल्द खेल मैदान का निर्माण पूरा कराने की मांग भी की।1
- मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना से जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिससे निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय पत्रकार रामलाल साहनी अपनी वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने उन्हें निकास द्वार से प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने दूसरे मार्ग से दर्शन किए। कुछ समय बाद, पत्रकार ने देखा कि वही पुलिसकर्मी अपने परिचितों को उसी निकास द्वार से दर्शन के लिए भेज रहा था। पत्रकार ने कथित तौर पर इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, जिस पर नाराज पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की, जिससे पत्रकार घायल हो गए। घायल पत्रकार रामलाल साहनी ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों और अन्य पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़े लोगों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की संभावित कार्रवाई का इंतजार है।1
- प्रयागराज के बारा स्थित छिड़ी गांव की निवासी माला देवी नामक एक दलित महिला ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माला देवी का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के उनके मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। पीड़िता ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था। महिला ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब माला देवी इस मामले में गहन जांच कराने, अपने हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रही हैं। इस मामले में अभी तक प्रशासनिक पक्ष सामने आना बाकी है।1
- मुख्यमंत्री ने जनपद लखनऊ में हुई आग की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचने और राहत एवं बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के लिए कहा है और राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार के साथ ही उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।1