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बिहार से सामने आई एक तस्वीर हर किसी को झकझोर कर रख देने वाली है। यहाँ विकास के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए देखा जा सकता है कि कैसे एक मासूम बच्चे की पढ़ाई के लिए उसके पिता को उफनती नदी पार करनी पड़ रही है। इस लाचारी को देखने के बाद व्यवस्था से सीधा और तीखा सवाल पूछा गया है कि क्या वाकई यही विकास है?
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बिहार से सामने आई एक तस्वीर हर किसी को झकझोर कर रख देने वाली है। यहाँ विकास के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए देखा जा सकता है कि कैसे एक मासूम बच्चे की पढ़ाई के लिए उसके पिता को उफनती नदी पार करनी पड़ रही है। इस लाचारी को देखने के बाद व्यवस्था से सीधा और तीखा सवाल पूछा गया है कि क्या वाकई यही विकास है?
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- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया में सफाई अभियान चलाए जाने के बावजूद मंदिर परिसर आज भी नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही इस धार्मिक स्थल पर नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। इस वजह से श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मंदिर परिसर में नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, साथ ही उचित कार्रवाई की जाए ताकि इस धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहे।1
- पश्चिम चंपारण के बगहा अंतर्गत मंगलपुर क्षेत्र में पड़ने वाले आसानी हॉट वार्ड नंबर 6 के बीच में भारी मात्रा में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। नगर पालिका द्वारा सारा कचरा लाकर इसी इलाके में डाला जा रहा है, जिससे यहाँ कचरे का बड़ा अंबार लग गया है। इस गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों में बीमारी फैलने की 100 प्रतिशत आशंका बनी हुई है। लोगों ने इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द सुनवाई करने और इलाके से कचरे की तुरंत सफाई कराने की पुरजोर मांग की है।2
- पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत पखनाहा से बेतिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित पखनाहा बाजार में हल्की बारिश के बाद ही जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर पानी भर जाने के कारण आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने शुक्रवार की दोपहर को इस समस्या को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि मामूली बारिश होने पर भी सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है और बाजार आने-जाने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने जलजमाव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इसके जरिए उन्होंने स्थानीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल एवं विधायक नारायण प्रसाद से शीघ्र और स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से भी सड़क की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने तथा इस जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।1
- पश्चिम चंपारण के डुमरी पंचायत अंतर्गत रघुनाथपुर वार्ड संख्या-6 में घर की सफाई के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां विषैले कोबरा के डसने से नागेंद्र मुखिया की पुत्री कुमकुम कुमारी की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुमकुम अपने घर की साफ-सफाई कर रही थी और पोछा लगाने के लिए फर्श पर डालने हेतु मिट्टी निकाल रही थी, तभी मिट्टी में छिपे विषैले कोबरा ने अचानक उसके पैर में डस लिया। सांप के काटते ही वह दर्द से चीख उठी। शोर सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे एक निजी क्लीनिक ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जब घर के आसपास तलाश की तो उन्हें वही कोबरा सांप मिल गया, जिसे ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से मारकर ढेर कर दिया। बरसात के मौसम में लगातार बढ़ रही सर्पदंश की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता काफी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से गांवों में जागरूकता अभियान चलाने, सर्पदंश से बचाव की जानकारी देने तथा ग्रामीण अस्पतालों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम और बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।1
- बिहार के पश्चिमी चंपारण के फतेहपुर अंचल गेट के सामने घंटों से लगातार पानी बर्बाद हो रहा है। इस पानी की बर्बादी को लेकर अब सीधे तौर पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? इस मामले में नगर पंचायत और जल विभाग के रवैये पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर घंटों से बह रहे इस पानी की जवाबदेही किसकी बनती है।1
- बिहार से सामने आई एक तस्वीर हर किसी को झकझोर कर रख देने वाली है। यहाँ विकास के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए देखा जा सकता है कि कैसे एक मासूम बच्चे की पढ़ाई के लिए उसके पिता को उफनती नदी पार करनी पड़ रही है। इस लाचारी को देखने के बाद व्यवस्था से सीधा और तीखा सवाल पूछा गया है कि क्या वाकई यही विकास है?1