राजस्थान सरकार की ट्रांसपोर्ट विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाने के लिए भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (BGTA) ने आज ट्रांसपोर्ट नगर स्थित यूनियन हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने की और संचालन सचिव अरिहंत जैन द्वारा किया गया। इस दौरान 4 जुलाई को भीलवाड़ा में आयोजित ऐतिहासिक बंद और 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर हुए शक्ति प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें प्रदेशभर के ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार द्वारा न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय न लिए जाने पर 13 जुलाई से राज्यव्यापी चक्का जाम करने का सामूहिक निर्णय लिया था। भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से इस आगामी आंदोलन को तन, मन और धन से पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया है। इस निर्णय के तहत 13 जुलाई से भीलवाड़ा ट्रांसपोर्ट नगर पूर्णतः बंद रहेगा और किसी भी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि बाहर से आने वाले मालवाहक वाहनों की अनलोडिंग केवल यूनियन हॉल में उपस्थित पदाधिकारियों की अनुमति से ही संभव होगी। अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय वर्षों से उपेक्षा और आर्थिक बोझ का सामना कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में व्यापक रूप ले लेगा और अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की होगी। वहीं, संरक्षक जयकुमार पाटनी ने प्रदेश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और आमजन से इस चक्का जाम को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की है। बैठक में सैकड़ों ट्रांसपोर्टरों, ट्रक-ट्रेलर मालिकों और मोटर मालिकों ने उपस्थित होकर सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की और अपनी मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
राजस्थान सरकार की ट्रांसपोर्ट विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाने के लिए भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (BGTA) ने आज ट्रांसपोर्ट नगर स्थित यूनियन हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने की और संचालन सचिव अरिहंत जैन द्वारा किया गया। इस दौरान 4 जुलाई को भीलवाड़ा में आयोजित ऐतिहासिक बंद और 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर हुए शक्ति प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें प्रदेशभर के ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार द्वारा न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय न लिए जाने पर 13 जुलाई से राज्यव्यापी चक्का जाम करने का सामूहिक निर्णय लिया था। भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से इस आगामी आंदोलन को तन, मन और धन से पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया है। इस निर्णय के तहत 13 जुलाई से भीलवाड़ा ट्रांसपोर्ट नगर पूर्णतः बंद रहेगा और किसी
भी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि बाहर से आने वाले मालवाहक वाहनों की अनलोडिंग केवल यूनियन हॉल में उपस्थित पदाधिकारियों की अनुमति से ही संभव होगी। अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय वर्षों से उपेक्षा और आर्थिक बोझ का सामना कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में व्यापक रूप ले लेगा और अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की होगी। वहीं, संरक्षक जयकुमार पाटनी ने प्रदेश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और आमजन से इस चक्का जाम को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की है। बैठक में सैकड़ों ट्रांसपोर्टरों, ट्रक-ट्रेलर मालिकों और मोटर मालिकों ने उपस्थित होकर सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की और अपनी मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- चित्तौड़गढ़ से तीन बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। इन प्रेरक तस्वीरों में स्वास्थ्य सेवा, गौसेवा और मेवाड़ की बेटी द्वारा जिले का मान बढ़ाए जाने की कहानी शामिल है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है।1
- चित्तौड़गढ़ की बढ़वाई पंचायत से जुड़े एक मामले में, एक साल पहले स्वीकृत हुए 24 फीट के रास्ते पर तहसील के तहसीलदार और पटवारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में भारी तकलीफ हो रही है और वे काफी परेशान हैं। खास तौर पर बारिश के मौसम में स्थिति बदतर हो जाती है, जब इस मार्ग पर बाइक या फोर-व्हीलर ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन यहां से पैदल ही जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आम रास्ता विधायक (MLA) फंड से बने 'मामादेव बंध' के कारण बंद हो गया है। यह बांध 1 करोड़ 50 हजार की लागत से स्वीकृत हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कोई फायदा होने के बजाय उनका रास्ता ही बंद हो गया है। बांध निर्माण के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें आने-जाने का रास्ता दिया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस बारे में ठेकेदार से बात की, तो उसने साफ कह दिया कि आगे से जो निर्देश आया है, वह वही करेगा। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से बहुत कोशिश की, लेकिन आज दिन तक उनकी इस समस्या पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।4
- चित्तौड़गढ़ के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल में श्वास, दमा और अस्थमा जैसी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से इन रोगों के उपचार का दावा किया गया है और मरीज स्वयं अपने सफल इलाज का अनुभव साझा कर रहे हैं।1
- निम्बाहेड़ा के कोतवाली पुलिस थाने में तैनात सीआई रामसुमेर मीणा का चयन एसीबी यानी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में हुआ है। उनके इस चयन से विभागीय क्षेत्र में चर्चाएं हैं।1
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- राजस्थान के भीलवाड़ा का सबसे बड़ा महात्मा गांधी अस्पताल इस समय प्रसूताओं की लगातार मौतों को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस अस्पताल में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही 5 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बीच, अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की सैम्पलिंग रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ओटी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने के बाद अब अस्पताल प्रशासन की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और साफ-सफाई पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि विभाग द्वारा स्टरलाइजेशन और डिसइंफेक्शन में बरती गई लापरवाही ही इन प्रसूताओं के लिए जानलेवा साबित हुई है। फिलहाल, प्रसूताओं की हुई मौतों और ओटी में मिले बैक्टीरिया के बीच सीधे संबंध की जांच की जा रही है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ मार्ग की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शाहपुरा से चलानिया तक के रास्ते में जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं और सड़क की साइडें भी खराब हो चुकी हैं। इस वजह से यहां दूर-दराज से दर्शन और पेशी के लिए आने वाले यात्रियों को, विशेषकर शनिवार और रविवार को, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन साधनों की भी भारी कमी है। शनिवार की रात और रविवार की सुबह केवल गिने-चुने ऑटो रिक्शा ही चलते हैं। सवारी मिलने पर ये ऑटो चालक रास्ते में आने वाले एक-दो गांवों का किराया भी चलानिया के हिसाब से ही वसूलते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है। चलानिया भैरुनाथ के पास सड़क के किनारों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों को मोड़ने और साइड लेने में बेहद दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।4
- चित्तौड़गढ़ के एक होमगार्ड जवान ने अपनी कड़ी मेहनत और पाई-पाई जोड़कर आखिरकार अपने सपनों का घर तैयार कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद जवान ने अपने पूरे परिवार के साथ हर्षोल्लास के माहौल में नए घर में गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है।1