*जंगली हाथियों का आतंक: कई घर ध्वस्त, गरीब परिवारों को भारी नुकसान* महुआडांड़ प्रखंड के चम्पा पंचायत अंतर्गत गंशा गांव में शुक्रवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। इस घटना में कई गरीब परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिरमनी देवी (पति – मुनेश्वर नागेसिया) के घर में रखे लगभग 500 किलो धान और 30 किलो चावल को हाथियों ने बर्बाद कर दिया। वहीं बीरबल नागेसिया की पांच कांधी केला फसल भी हाथियों ने नष्ट कर दी।हाथियों के हमले से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग रातभर जागकर अपनी सुरक्षा करने को विवश हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत एवं सुरक्षा की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही हो रही है, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।घटना की सूचना मिलने पर विभागीय कर्मी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। वन विभाग के महेंद्र यादव एवं प्रसाद यादव सहित अन्य कर्मियों ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
*जंगली हाथियों का आतंक: कई घर ध्वस्त, गरीब परिवारों को भारी नुकसान* महुआडांड़ प्रखंड के चम्पा पंचायत अंतर्गत गंशा गांव में शुक्रवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। इस घटना में कई गरीब परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिरमनी देवी (पति – मुनेश्वर नागेसिया) के घर में रखे लगभग 500 किलो धान और 30 किलो चावल को हाथियों ने बर्बाद कर दिया। वहीं बीरबल नागेसिया की पांच कांधी केला फसल भी हाथियों ने नष्ट कर दी।हाथियों के हमले से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग रातभर जागकर अपनी सुरक्षा करने को विवश हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत एवं सुरक्षा की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही हो रही है, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।घटना की सूचना मिलने पर विभागीय कर्मी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। वन विभाग के महेंद्र यादव एवं प्रसाद यादव सहित अन्य कर्मियों ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
- संत जेवियर्स महाविद्यालय महुआडांड़ में शैक्षणिक सत्र 2025–29, 2024–28 एवं 2022–26 के सभी विभागों के सेमेस्टर 2, 4 एवं 6 के मिड सेमेस्टर परीक्षाएँ दिनांक 28 मार्च 2026 को शांतिपूर्वक संपन्न हुईं। परीक्षा में सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति संतोषजनक रही तथा उन्होंने अनुशासन का पालन करते हुए परीक्षा दी। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ पहले से ही सुनिश्चित की गई थीं। परीक्षा के दौरान कदाचार रोकने हेतु सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी और परीक्षा कक्षों में पर्याप्त संख्या में निरीक्षकों की तैनाती की गई थी। पूरे परीक्षा कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में शांति एवं व्यवस्था बनी रही। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के सहयोग से परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड अंतर्गत हुटाप पंचायत के हांका टोला में सोहबर सिंह की मिट्टी खपड़ैल का मकान बीती रामनवमी के दिन शुक्रवार रात को तेज आंधी तूफान ने घर को ध्वस्त कर दिया। बताते चले कि बीती रात्रि घर के सभी परिवार भोजन उपरांत कोठा घर में रात्रि में विश्राम कर रहे थे कि अचानक रात्रि में रट-रटाहट की आवाज से घर में सोए सभी परिवार मौत के मुंह से बचे। तुरंत सभी सदस्य घर से बाहर निकल कर अपनी जान बचाएं, लेकिन आंधी तूफान ने एक गरीब असहाय व्यक्ति का आशियाना पूरी तरह से उजाड़ दिया है और बेघर हो गए हैं। सारा खाद्य पदार्थ की सामग्री, एवं घर में उपयोग करने वाली वस्तुएं टूटे लकड़ी और खपरैल से दब गया है। पीड़ित सोहबर सिंह इस हृदय बीदारक घटना से काफी डरे एवं सहमे हुए हैं। पिड़ीत गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने तत्काल चंदवा प्रखंड प्रशासन अंचलाधिकारी से आर्थिक सहायता के लिए अपील किए हैं, साथ ही साथ एक आवास उपलब्ध कराने के लिए भी अंचल प्रशासन के पास आवेदन दिए हैं।4
- आंधी पानी तूफान ने हुटाप में गरीब काआशियाना उजाड़ा गरीब हुआ बेघर, लातेहार जिला के चंदवा चंदवा प्रखंड अंतर्गत हुटाप पंचायत के हांका टोला में सोहबर सिंह की मिट्टी खपड़ैल का मकान बीती रामनवमी के दिन शुक्रवार रात को तेज आंधी तूफान ने घर को ध्वस्त कर दिया । बताते चले कि बीती रात्रि घर के सभी परिवार भोजन उपरांत कोठा घर में रात्रि में विश्राम कर रहे थे घटना बेखौफ थे कि अचानक रात्रि सपनों में मौत के घर में सो रहे थे यम राज जीवन लेना चाह रहे थे कि अचानक घर रट रट टाहट घर ने परिवार को मौत से बचा सभी घर से निकल कर जान बचाएं लिए लेकिन आंधी तूफान ने एक गरीब सहायक व्यक्ति का आशियाना पूरी तरह से उजड़ गया है और बेघर हो गए हैं सारा सामान बर्बाद हो चुकी है घरेलू उपयोग वाले वस्तु एवं अन्य4
- मनिका लातेहार:-मनिका प्रखंड के नामुदाग रोड मोहल्ला के ग्रामीण पिछले दस दिनों से अंधेरा में रहने को मजबूर हैं,जिससे छात्रों को पढ़ाई करने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा ,तथा सबसे ज्यादा उन बुजुर्गों का मुश्किल हो रहा है जो बीमार है |बिजली विभाग के द्वारा पिछले दस दिनों में दो बार ट्रांसफार्मर दिया गया लेकिन जो ट्रांसफार्मर पहली बार दिया गया जिसे मनिका बिजली विभाग के कर्मचारियों ने चार्ज करने के कनेक्शन किया ,जब ट्रांसफार्मर चार्ज हो गया, तो कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई दिया |महज दो घंटे में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हो गया ग्रामीणों ने दूसरी बार बिजल विभाग लातेहार से ब्लास्ट ट्रांसफार्मर को जमा दे कर दूसरा ट्रांसफार्मर लाया जिसे मनिका बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दुबारा चार्ज में लगाया ,जब ट्रांसफार्मर चार्ज हो गया तो पावर सप्लाई दिया | इस बार ट्रांसफार्मर का उम्र एक घंटा बढ़ कर तीन घंटा हो गया और ब्लास्ट हो गया ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उन कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर बनाने का ठेका जिन कंपनी या ठेकेदार के पास है ,उनके कर्मचारियों के द्वारा ट्रांसफार्मर बनाने का काम सही ढंग से नहीं किया जा रहा है|1
- Post by Jharkhand local news1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Bikesh Oraon1
- महुआडांड़ प्रखंड के चम्पा पंचायत अंतर्गत गंशा गांव में शुक्रवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। इस घटना में कई गरीब परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिरमनी देवी (पति – मुनेश्वर नागेसिया) के घर में रखे लगभग 500 किलो धान और 30 किलो चावल को हाथियों ने बर्बाद कर दिया। वहीं बीरबल नागेसिया की पांच कांधी केला फसल भी हाथियों ने नष्ट कर दी।हाथियों के हमले से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग रातभर जागकर अपनी सुरक्षा करने को विवश हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत एवं सुरक्षा की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही हो रही है, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।घटना की सूचना मिलने पर विभागीय कर्मी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। वन विभाग के महेंद्र यादव एवं प्रसाद यादव सहित अन्य कर्मियों ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।1