हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिरों में भक्तों की उमड़ी भारी भीड़, पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना लालसोट उपखंड में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर हनुमान जी के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमर पड़ा। भक्त सुबह से ही हनुमान जी के मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की व अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। लालसोट क्षेत्र में प्रमुख मंदिरों में बिनौरी बालाजी मंदिर आता है। यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी अपने पुत्र मकरध्वज के साथ विराजमान है। इस मंदिर में लगभग 24 वर्षों से अखंड रामायण के पाठ चल रहे हैं। यह मंदिर काफी प्राचीन है। पहले यह मंदिर घने जंगलों के बीच हुआ करता था। वहीं इसके पास होकर पानी का नाला भी बहा करता था। भक्त इस नाले को पार कर मंदिर जाया करते थे। धीरे-धीरे समय का बदलाव हुआ। और विकास हुआ जिससे पक्की सड़के बनी और भक्तों को आने-जाने में सुविधा होने लगी। और वक्त अधिक से अधिक संख्या में वहां पहुंचने लगे। इस मंदिर में मंगलवार व शनिवार को भक्तों की काफी भीड़ देखी जा सकती है। यहां पर भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्तों द्वारा बालाजी महाराज के चूरमा बाटी की सवामणि की जाती है। वही चूरमा बाटी का भोग बालाजी महाराज को चढ़कर प्रसादी वितरण की जाती है। यहां हमेशा भक्तों का मैला सा लगा रहता है। राजस्थान ही नहीं अपितु अनेक राज्यों के भक्त यहां पहुंचकर बालाजी महाराज का आशीर्वाद लेते हैं। यह मंदिर लालसोट क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों की गिनती में आता है। भक्तों की विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है।
हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिरों में भक्तों की उमड़ी भारी भीड़, पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना लालसोट उपखंड में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर हनुमान जी के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमर पड़ा। भक्त सुबह से ही हनुमान जी के मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की व अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। लालसोट क्षेत्र में प्रमुख मंदिरों में बिनौरी बालाजी मंदिर
आता है। यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी अपने पुत्र मकरध्वज के साथ विराजमान है। इस मंदिर में लगभग 24 वर्षों से अखंड रामायण के पाठ चल रहे हैं। यह मंदिर काफी प्राचीन है। पहले यह मंदिर घने जंगलों के बीच हुआ करता था। वहीं इसके पास होकर पानी का नाला भी बहा करता था। भक्त इस
नाले को पार कर मंदिर जाया करते थे। धीरे-धीरे समय का बदलाव हुआ। और विकास हुआ जिससे पक्की सड़के बनी और भक्तों को आने-जाने में सुविधा होने लगी। और वक्त अधिक से अधिक संख्या में वहां पहुंचने लगे। इस मंदिर में मंगलवार व शनिवार को भक्तों की काफी भीड़ देखी जा सकती है। यहां पर भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्तों द्वारा बालाजी महाराज के चूरमा बाटी
की सवामणि की जाती है। वही चूरमा बाटी का भोग बालाजी महाराज को चढ़कर प्रसादी वितरण की जाती है। यहां हमेशा भक्तों का मैला सा लगा रहता है। राजस्थान ही नहीं अपितु अनेक राज्यों के भक्त यहां पहुंचकर बालाजी महाराज का आशीर्वाद लेते हैं। यह मंदिर लालसोट क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों की गिनती में आता है। भक्तों की विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है।
- लालसोट उपखंड में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर हनुमान जी के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमर पड़ा। भक्त सुबह से ही हनुमान जी के मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की व अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। लालसोट क्षेत्र में प्रमुख मंदिरों में बिनौरी बालाजी मंदिर आता है। यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी अपने पुत्र मकरध्वज के साथ विराजमान है। इस मंदिर में लगभग 24 वर्षों से अखंड रामायण के पाठ चल रहे हैं। यह मंदिर काफी प्राचीन है। पहले यह मंदिर घने जंगलों के बीच हुआ करता था। वहीं इसके पास होकर पानी का नाला भी बहा करता था। भक्त इस नाले को पार कर मंदिर जाया करते थे। धीरे-धीरे समय का बदलाव हुआ। और विकास हुआ जिससे पक्की सड़के बनी और भक्तों को आने-जाने में सुविधा होने लगी। और वक्त अधिक से अधिक संख्या में वहां पहुंचने लगे। इस मंदिर में मंगलवार व शनिवार को भक्तों की काफी भीड़ देखी जा सकती है। यहां पर भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्तों द्वारा बालाजी महाराज के चूरमा बाटी की सवामणि की जाती है। वही चूरमा बाटी का भोग बालाजी महाराज को चढ़कर प्रसादी वितरण की जाती है। यहां हमेशा भक्तों का मैला सा लगा रहता है। राजस्थान ही नहीं अपितु अनेक राज्यों के भक्त यहां पहुंचकर बालाजी महाराज का आशीर्वाद लेते हैं। यह मंदिर लालसोट क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों की गिनती में आता है। भक्तों की विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है।4
- माँ बाड़ी शिक्षा सहयोगियों की मासिक बैठक सम्पन्न रामगढ़ पचवारा। पांची की ढाणी, जीतपुर केंद्र पर गुरुवार को माँ बाड़ी शिक्षा सहयोगियों की मासिक बैठक आयोजित हुई। मुख्य समन्वयक जी.एस. मीणा ने नामांकन बढ़ाने, शिक्षा स्तर सुधारने व बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रत्येक केंद्र पर 30 बच्चों का नामांकन अनिवार्य बताया गया। बैठक में विभिन्न केंद्रों के शिक्षा सहयोगी उपस्थित रहे।1
- Post by सुरेंद्र हरसौरा1
- उदयपुर में एक बेकाबू टैंकर ने सड़क पर 12 से ज्यादा वाहनों को टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन एक-दूसरे से भिड़ते गए। टैंकर की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो कार और बाइक बुरी तरह पिचक गई। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घटना देबारी हाईवे पर पावर हाउस के सामने की है। सूचना पर प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से साइड कराया गया। प्रतापनगर थानाधिकारी पूरण सिंह राजपुरोहित ने बताया- बेकाबू टैंकर ने 12 से ज्यादा वाहनों को चपेट में लिया है। इसमें 4 से 5 कार, लोडिंग टेंपो, बाइक आदि शामिल हैं। हादसे में 6 लोग घायल हैं। सभी को एमबी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया है। प्राथमिक जांच में टैंकर के ब्रेक फेल होने की बात सामने आ रही है। हादसे के बाद टैंकर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। #breakingnews #udaipur #udaipurnews #rajasthan1
- Post by Khemraj Joshi2
- बांदीकुई/दौसा, अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,1
- मलारना डूंगर उपखंड दौर में हाडोती कस्बे में पहुंचे कृषि मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा इस दौरान कई कार्यक्रम और लोकार्पण इस दोरान राजकीय बालिका विद्यालय के दो कक्षा कक्षो का किया लोकार्पण, भाड़ोती सीएससी मे नये भवनो भूमि पूजन कार्य किया शिलान्यास, इसके बाद कृषि मंत्री पुनीराम कॉलेज के वार्षिक उत्सव में हुए शामिल जहां कन्हैया दंगल का आयोजन रहा,वार्षिक उत्सव के दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन, सभी छात्र-छात्राओं को पद चिन्ह भेंट किए गए तथा सिविल सेवा परीक्षा में चयनित हुए आईएएस प्रधुमन मीना किया सम्मान इस अवसर पर बामनवास विधायक इंदिरा मीणा मलाना डूंगर पंचायत समिति के प्रधान देवपाल मीणा भाजपा के मंडल अध्यक्ष जिला अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे वही मलारना डूंगर पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा अपने पुलिस स्टाफ के साथ तथा मलारना डूंगर उपखंड के समस्त अधिकारी मौके पर रहे मौजूद4
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | मातोर (दौसा) मातोर गांव में एक दर्दनाक हादसा 😢 खेत में काम करते समय युवक थ्रेसर मशीन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई 💔 बताया जा रहा है कि फसल निकालते समय अचानक मशीन में फंसने से यह हादसा हुआ। घटना के बाद गांव में मातम छा गया। ⚠️ सावधान रहें: थ्रेसर जैसी मशीनों के पास काम करते समय ढीले कपड़े न पहनें और पूरी सुरक्षा बरतें। #BreakingNews #Dausa #Accident #Rajasthan #SadNews #SafetyFirst1