लगातार बारिश से कच्चे मकान ढहने का सिलसिला जारी मवईजार में मकान गिरने से चार मवेशी दबे हमीरपुर। विगत दिनों करीब 48 घंटे तक हुई लगातार बारिश अब कच्चे मकानों के लिए आफत बन गई है। बारिश के कारण दीवारों और छतों में आई सीलन से कच्चे मकान कमजोर होकर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह रहे हैं। बिवांर थाना क्षेत्र के मवईजार सहित आसपास के कई गांवों में कच्चे मकानों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मवईजार गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान के मलबे में चार मवेशी दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबा हटाया और चारों मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार 48 घंटे हुई बारिश से कच्चे मकानों की दीवारों में नमी और सीलन काफी बढ़ गई है। इसके चलते मकान कमजोर होकर अचानक गिर रहे हैं। बीते 24 घंटे में क्षेत्र में कई स्थानों पर कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों को अब अपने जर्जर मकानों के गिरने का डर सताने लगा है। हालांकि रविवार को बारिश थमी रहने से ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को दोबारा बारिश होने की आशंका सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बारिश से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
लगातार बारिश से कच्चे मकान ढहने का सिलसिला जारी मवईजार में मकान गिरने से चार मवेशी दबे हमीरपुर। विगत दिनों करीब 48 घंटे तक हुई लगातार बारिश अब कच्चे मकानों के लिए आफत बन गई है। बारिश के कारण दीवारों और छतों में आई सीलन से कच्चे मकान कमजोर होकर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह रहे हैं। बिवांर थाना क्षेत्र के मवईजार सहित आसपास के कई गांवों में कच्चे मकानों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मवईजार गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान के मलबे में चार मवेशी दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबा हटाया और चारों मवेशियों
को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार 48 घंटे हुई बारिश से कच्चे मकानों की दीवारों में नमी और सीलन काफी बढ़ गई है। इसके चलते मकान कमजोर होकर अचानक गिर रहे हैं। बीते 24 घंटे में क्षेत्र में कई स्थानों पर कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों को अब अपने जर्जर मकानों के गिरने का डर सताने लगा है। हालांकि रविवार को बारिश थमी रहने से ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को दोबारा बारिश होने की आशंका सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बारिश से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
- हमीरपुर :जिलाधिकारी ने ₹302 करोड़ की बाईपास परियोजना के निर्माणाधीन बेतवा एवं यमुना पुलों का किया स्थलीय निरीक्षण हमीरपुर। जनपद में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा शहर को भारी वाहनों के जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा संचालित ₹302 करोड़ की बेतवा एवं यमुना नदी पुल निर्माण परियोजना का जिलाधिकारी हमीरपुर श्री अशोक कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति, स्पैन निर्माण, पीडब्ल्यूडी से संबंधित कार्यों तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए परियोजना को न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि बेतवा एवं यमुना नदी पर निर्माणाधीन सेतु एवं बाईपास परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹302 करोड़ है। बेतवा नदी पर दोनों लेन में कुल 26 स्पैन बनाए जाने हैं, जिनमें 13-13 स्पैन प्रत्येक लेन में हैं। वर्तमान में एक लेन के सभी 13 स्पैन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। पीडब्ल्यूडी से संबंधित लगभग एक माह के अवशेष कार्य को तेजी से पूर्ण कराया जाए तो एक माह के भीतर बेतवा पुल की एक लेन पर यातायात प्रारंभ किए जाने की स्थिति बन सकती है। यमुना नदी पर दोनों तरफ 16-16, कुल 32 स्पैन बनाए जाने हैं। वर्तमान में एक तरफ के 5 स्पैन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष स्पैन के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूर्ण कराने के लिए उपलब्ध संसाधनों एवं मैनपावर का प्रभावी उपयोग किया जाए। सेतु निगम द्वारा परियोजना को दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, किंतु कार्य में विलंब को देखते हुए अब शेष कार्य को न्यूनतम संभव समय में गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेफ्टी इंजीनियर्स की नियमित निगरानी, सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य प्रयोग तथा निर्माण स्थल पर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमानुसार जांच कराने तथा समय-समय पर थर्ड-पार्टी क्वालिटी जांच भी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बेतवा एवं यमुना पुलों के शेष स्पैन तथा समानांतर लेन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना पूर्ण होने पर शहर में भारी वाहनों का दबाव कम हो और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। साथ ही निर्माण स्थल के एप्रोच रोड को व्यवस्थित रखने, अनावश्यक अवरोध एवं निर्माण सामग्री को हटाने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एनएच-34 तथा यमुना पुल के पहुंच मार्गों पर गड्ढों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों पर गड्ढों के चिह्नीकरण का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि चिह्नित सभी गड्ढों को एक माह के भीतर पूर्ण रूप से ठीक कराया जाए, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से संबंधित सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनपद की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं उप परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) श्री दिलीप कुमार, सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।3
- हमीरपुर 302 करोड़ की बाईपास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण 📍 बेतवा पुल की एक लेन का निर्माण लगभग पूरा, जल्द शुरू हो सकता है यातायात। 📍 यमुना पुल के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश। 📍 डीएम अशोक कुमार ने गुणवत्ता, सुरक्षा और थर्ड पार्टी जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश। 📍 एनएच-34 व पहुंच मार्गों के गड्ढे एक माह में ठीक कराने के निर्देश।1
- #कौशाम्बी : खेत में पानी के गड्ढे में मिला अधेड़ का शव, इलाके में मचा हड़कंप... पूरी खबर पढ़ने के लिए चैनल को फेसबुक यूट्यूब इंस्टाग्राम पर फॉलो करें...1
- Ghandhi gram road me pani girne ki wajah se gadha dikhai nhi de rha tha Ghandhi gram road me 2 goal patar Rakh wai gai1
- *भोगनीपुर में धुलाई सेंटरों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई।* उप जिलाधिकारी, भोगनीपुर द्वारा अवगत कराया गया कि धुलाई सेंटरों के संचालन के संबंध में बीती रात्रि क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान कोई भी धुलाई सेंटर संचालित अवस्था में नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त, NHAI की टीम के सहयोग से संबंधित केंद्रों तक आवागमन के रास्तों को JCB के माध्यम से कटवा दिया गया है, जिससे इन स्थानों पर धुलाई सेंटरों का संचालन न हो सके। उप जिलाधिकारी, भोगनीपुर ने बताया कि क्षेत्र में निरंतर चेकिंग एवं निगरानी की जा रही है तथा धुलाई सेंटरों के संचालन को पूर्णतया बंद कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- 🚨 माधौगढ़ थाने में DM-SP का औचक निरीक्षण माधौगढ़ (जालौन)। सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने थाना माधौगढ़ का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण में 48 हिस्ट्रीशीटर दर्ज मिले। कुछ रिकॉर्ड में जन्मतिथि और पुराने फोटो की त्रुटियां मिलने पर सभी का नए सिरे से सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। आगामी विधानसभा चुनाव और त्योहारों को देखते हुए संवेदनशील गांवों, मतदान केंद्रों और विवाद संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। CCTV, बीट व्यवस्था, महिला हेल्प डेस्क, मिशन शक्ति केंद्र और अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। #Jalaun #Madhogarh #JalaunPolice #DMJalaun #SPJalaun1
- केबिल में शॉर्ट सर्किट से दो ट्रांसफार्मर जले आधा दर्जन दुकानें आग की चपेट में आने से बचीं हमीरपुर। शनिवार रात करीब 11 बजे निरीक्षण भवन सुमेरपुर के समीप हाईवे किनारे रखे विद्युत ट्रांसफार्मरों में एलटी लाइन की केबिल में फाल्ट होने से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास रखे दूसरे ट्रांसफार्मर को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों ट्रांसफार्मर जलकर खाक हो गए। ट्रांसफार्मरों के समीप स्थित करीब आधा दर्जन दुकानें भी आग की चपेट में आने से बाल-बाल बच गईं। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दो ट्रांसफार्मर जलने से वार्ड संख्या 15 के आधे हिस्से में अंधेरा छाया हुआ है। करीब 18 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण मोहल्लेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत वितरण उपखंड के अवर अभियंता कार्तिकेय त्रिपाठी ने बताया कि एलटी लाइन की केबिल में फाल्ट के कारण आग लगी है। दोनों ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- हमीरपुर :भारी बारिश से मौदहा-कपसा मार्ग जलमग्न, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा श्यामला नाला पुल के नीचे ट्रक फंसा, पढ़ोरी में रपटा के ऊपर बह रहा चंद्रावल नदी का पानी; रविवार को बारिश थमने से लोगों ने ली राहत की सांस मौदहा (हमीरपुर)। लगातार हुई मूसलाधार बारिश से मौदहा तहसील क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौदहा-कपसा मार्ग पर श्यामला नाला पुल के निचले हिस्से में सड़क जलमग्न होने से मौदहा की तरफ से बांदा जा रहा एक ट्रक पानी में फंस गया। ट्रक फंसने के कारण मार्ग पर कई घंटों तक आवागमन ठप रहा। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। उधर पढ़ोरी गांव में रपटा के ऊपर से चंद्रावल नदी का पानी बह रहा है। लगातार बारिश के चलते गांव के अंदर भी पानी घुसने लगा है। पंचायत सचिवालय परिसर में भी पानी भर गया है। जलभराव और नदी के तेज बहाव के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश और नदियों-नालों के उफान के चलते मौदहा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भरने से आवागमन बाधित है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रविवार को बारिश थमने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। बारिश बंद होने के बाद जलस्तर और जलभराव कम होने की उम्मीद जगी है, लेकिन कई इलाकों में अभी भी पानी भरा होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार हैं।2
- जनपद के समस्त सर्किल स्तर पर "परिवार जागृति" विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों का आयोजन, 6 परिवारों में आपसी सहमति से कराया गया सफल समझौता पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में जनपद के समस्त सर्किल स्तर पर संचालित *"परिवार जागृति" विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक विवादों से संबंधित प्रकरणों में दोनों पक्षों की निष्पक्ष, संवेदनशील एवं धैर्यपूर्ण काउंसलिंग कर आपसी संवाद एवं समझौते के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान का प्रयास किया गया।कार्यक्रम के दौरान सर्किल अकबरपुर में 5 तथा सर्किल डेरापुर में 1 परिवार में आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इस प्रकार कुल 6 परिवारों को पुनः एक सूत्र में जोड़ते हुए उनके पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। शेष प्रकरणों में प्रभावी काउंसलिंग करते हुए अगली तिथि नियत की गई।परिवार जागृति विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों का त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से निस्तारण करते हुए परिवारों में संवाद, विश्वास एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1