*मुख्य आरोपी रामू यादव गिरफ्तार 8 महीने की चुप्पी के बाद खुला खौफनाक सच: खेत में 6 फीट नीचे दफन मिला युवक का कंकाल, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल,परिवार का फूटा गुस्सा—लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों को कड़ी सजा की मांग* *मुख्य आरोपी रामू यादव गिरफ्तार 8 महीने की चुप्पी के बाद खुला खौफनाक सच: खेत में 6 फीट नीचे दफन मिला युवक का कंकाल, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल,परिवार का फूटा गुस्सा—लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों को कड़ी सजा की मांग* जिला क्राइम ब्यूरो रामू राजपूत फर्रुखाबाद/अमृतपुर। करीब 8 महीने से लापता युवक के मामले में आखिरकार ऐसा खुलासा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अमृतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई के दौरान युवक का कंकाल खेत में करीब 6 फीट नीचे दफन मिला। मौके से तौलिया, चप्पल और शर्ट भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रामू यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों में देवेंद्र यादव पुत्र जहर सिंह, गुलाब सिंह (तिलक) पुत्र फकीरे यादव, सुरजीत यादव पुत्र अजयपाल यादव, श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल और बंटी (रामऔतार) पुत्र मलखान शामिल हैं। पुलिस इन सभी की खबर लिखे जाने तक तलाश में जुटी है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कई थानों की फोर्स के साथ फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए। मृतक की पत्नी धर्मशीला को मौके पर बुलाकर पहचान कराई गई, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी का आरोप: पैसे लेकर दबाया गया मामला पीड़िता धर्मशीला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य ने आरोपियों से करीब ₹5 लाख लेकर मामले को दबा दिया। वहीं जांच अधिकारी रवि सोलंकी पर भी लापरवाही और पैसे लेने के आरोप लगाए। पीड़िता का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सही जांच करती, तो उसके पति की जान बच सकती थी। इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया कि पूर्व थाना अध्यक्ष ने उसके देवर को धमकाकर थाने में बैठाया था। दर-दर भटकता रहा परिवार पीड़ित परिवार न्याय के लिए थाना अमृतपुर से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक गुहार लगाता रहा, लेकिन 8 महीने तक पुलिस के हाथ खाली रहे। हाल ही में तहसील समाधान दिवस में पीड़िता का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिस अधीक्षक से हाथ जोड़कर न्याय की मांग करती नजर आई थी। मौके पर पहुंचे अफसर, जांच के आदेश घटना की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उनके साथ फतेहगढ़ कोतवाली के कोतवाल रणविजय सिंह, राजेपुर थाना प्रभारी सुदेश कुमार, कमालगंज पुलिस सहित कई थानों का फोर्स मौजूद रहा। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। साथ ही पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी विभागीय जांच होगी कि आखिर इतनी बड़ी घटना में 8 महीने तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उपजिलाधिकारी संजय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। जेसीबी से खुदाई में निकला कंकाल जानकारी के मुताबिक मृतक ओमबीर का शव रामू यादव के खेत में गाड़ा गया था, जिसे जेसीबी से खुदाई कर बाहर निकाला गया। परिवार की मांग: दोषियों को मिले कड़ी सजा घटना के बाद पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। परिवार ने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। जबकि मृतक की पत्नी धर्मशिला ने अमृतपुर थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने ही हमारे पति को तलाश कर मामले का खुलासा किया है जबकि इससे पूर्व रही थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य को मृतक की पत्नी कोसती रही और कहां की अगर वह समय से मेरे पति को तलाश लेती तो उनकी जान बच जाती।
*मुख्य आरोपी रामू यादव गिरफ्तार 8 महीने की चुप्पी के बाद खुला खौफनाक सच: खेत में 6 फीट नीचे दफन मिला युवक का कंकाल, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल,परिवार का फूटा गुस्सा—लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों को कड़ी सजा की मांग* *मुख्य आरोपी रामू यादव गिरफ्तार 8 महीने की चुप्पी के बाद खुला खौफनाक सच: खेत में 6 फीट नीचे दफन मिला युवक का कंकाल, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल,परिवार का फूटा गुस्सा—लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों को कड़ी सजा की मांग* जिला क्राइम ब्यूरो रामू राजपूत फर्रुखाबाद/अमृतपुर। करीब 8 महीने से लापता युवक के मामले में आखिरकार ऐसा खुलासा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अमृतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई के दौरान युवक का कंकाल खेत में करीब 6 फीट नीचे दफन मिला। मौके से तौलिया, चप्पल और शर्ट भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रामू यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों
में देवेंद्र यादव पुत्र जहर सिंह, गुलाब सिंह (तिलक) पुत्र फकीरे यादव, सुरजीत यादव पुत्र अजयपाल यादव, श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल और बंटी (रामऔतार) पुत्र मलखान शामिल हैं। पुलिस इन सभी की खबर लिखे जाने तक तलाश में जुटी है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कई थानों की फोर्स के साथ फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए। मृतक की पत्नी धर्मशीला को मौके पर बुलाकर पहचान कराई गई, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी का आरोप: पैसे लेकर दबाया गया मामला पीड़िता धर्मशीला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य ने आरोपियों से करीब ₹5 लाख लेकर मामले को दबा दिया। वहीं जांच अधिकारी रवि सोलंकी पर भी लापरवाही और पैसे लेने के आरोप लगाए। पीड़िता का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सही जांच करती, तो उसके पति की जान बच सकती थी। इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोप
लगाया कि पूर्व थाना अध्यक्ष ने उसके देवर को धमकाकर थाने में बैठाया था। दर-दर भटकता रहा परिवार पीड़ित परिवार न्याय के लिए थाना अमृतपुर से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक गुहार लगाता रहा, लेकिन 8 महीने तक पुलिस के हाथ खाली रहे। हाल ही में तहसील समाधान दिवस में पीड़िता का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिस अधीक्षक से हाथ जोड़कर न्याय की मांग करती नजर आई थी। मौके पर पहुंचे अफसर, जांच के आदेश घटना की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उनके साथ फतेहगढ़ कोतवाली के कोतवाल रणविजय सिंह, राजेपुर थाना प्रभारी सुदेश कुमार, कमालगंज पुलिस सहित कई थानों का फोर्स मौजूद रहा। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। साथ ही पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी विभागीय जांच होगी कि आखिर इतनी बड़ी घटना में 8 महीने तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उपजिलाधिकारी संजय कुमार सिंह
भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। जेसीबी से खुदाई में निकला कंकाल जानकारी के मुताबिक मृतक ओमबीर का शव रामू यादव के खेत में गाड़ा गया था, जिसे जेसीबी से खुदाई कर बाहर निकाला गया। परिवार की मांग: दोषियों को मिले कड़ी सजा घटना के बाद पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। परिवार ने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। जबकि मृतक की पत्नी धर्मशिला ने अमृतपुर थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने ही हमारे पति को तलाश कर मामले का खुलासा किया है जबकि इससे पूर्व रही थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य को मृतक की पत्नी कोसती रही और कहां की अगर वह समय से मेरे पति को तलाश लेती तो उनकी जान बच जाती।
- *खड़ंजे पर अवैध कब्जे से ग्रामीण परेशान,डीएम से लगाई गुहार,दबंगों पर रास्ता घेरने का आरोप,नाली जाम होने से घर तक पहुंचना मुश्किल* जिला क्राइम ब्यूरो रामू राजपूत *फर्रुखाबाद* जिले के राजेपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बनारसीपुर में खड़ंजे पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव निवासी अनुज सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि गांव के कुछ दबंग लोग खड़ंजे पर जानवर बांधकर और अपना सामान रखकर रास्ते को अवरुद्ध कर रहे हैं। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि खड़ंजे के किनारे बनी नाली भी पूरी तरह जाम हो चुकी है। नाली का गंदा पानी रास्ते पर भर रहा है, जिससे लोगों को घर आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित का आरोप है कि कई बार समझाने के बावजूद दबंग लोग झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं और फतेहगढ़ जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं, बावजूद इसके उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से खड़ंजे से अवैध कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।2
- जिला फर्रुखाबाद के थाना अमृतपुर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाले हत्या के मामले का पुलिस ने सफल खुलासा किया है। करीब 9 माह पूर्व लापता हुए युवक का कंकाल बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। *दोस्ती में विश्वासघात, शराब पिलाकर की हत्या* थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुजरपुर पमारान निवासी ओमवीर (26) पुत्र पेशकार राठौर 20 जुलाई 2025 की शाम घर से पत्नी से खाना निकालने को कहकर निकले थे। परिजनों के अनुसार, गांव का ही रामू यादव (25) पुत्र अजय पाल उन्हें अपने साथ बुलाकर ले गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। मामले में पहले मृतक की मां राजेश्वरी ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जबकि बाद में पत्नी धर्मशीला ने 31 अगस्त 2025 को नामजद मुकदमा दर्ज कराया। थाना अमृतपुर इंचार्ज रक्षा सिंह द्वारा मंगलवार और बुधवार की रात को थाना अमृतपुर क्षेत्र से आरोपी रामू को अरेस्ट किया गया। जब थाना इंचार्ज के द्वारा आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। और उसने मौत की पूरी कहानी तोते की तरह रट दी। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रामू यादव ने बताया कि ओमवीर उसका दोस्त था, लेकिन एक घटना के बाद उसने बदला लेने की ठान ली। आरोपी के अनुसार, ओमवीर ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की थी, जिससे वह आक्रोशित था। इसी रंजिश में उसने अपने साथी सुरजीत यादव के साथ मिलकर ओमवीर को खेत पर शराब पीने के बहाने बुलाया और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव को खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। *मजिस्ट्रेट व फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई, कंकाल बरामद* बुधवार 1 अप्रैल 2026 को आरोपी की निशानदेही पर फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के पास स्थित मक्के के खेत में मजिस्ट्रेट व फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई कराई गई, जहां से ओमवीर का कंकाल बरामद हुआ। मौके से तौलिया, चप्पल और कपड़े भी बरामद किए गए। फॉरेंसिक टीम के सदस्यों रविकांत, सचिन और यशनन्दन ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। *9 महीने तक भटकती रही पत्नी, पुलिस पर उठे सवाल* मृतक की पत्नी धर्मशीला ने अपने पति की तलाश में पिछले 9 महीनों तक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाए। पीड़िता द्वारा अब तक 108 प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने पुलिस पर शुरुआती दौर में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। *पूर्व प्रधान व अन्य पर भी आरोप* पीड़ित परिवार ने सपा नेता व पूर्व प्रधान देवेंद्र यादव पर भी हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया है। मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों में देवेंद्र यादव पुत्र जाहर सिंह, गुलाब सिंह उर्फ तिलक पुत्र फकीरे यादव, सुरजीत यादव पुत्र अजय पाल, श्यामवीर पुत्र कन्हैया लाल तथा बंटी उर्फ रामऔतार पुत्र मलखान शामिल हैं। वहीं, मृतक की पत्नी ने तत्कालीन थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य पर 5 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया। इस पर मोनू शाक्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एसओजी, सर्विलांस और ड्रोन के माध्यम से जांच कराई गई थी तथा उच्चाधिकारियों को पूरी जानकारी दी गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित हुईं टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कई टीमों का गठन किया गया था। डीसीआरबी के माध्यम से आसपास के जनपदों में तलाश की गई और मीडिया के जरिए भी प्रचार-प्रसार किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना स्वीकार कर ली। *भारी पुलिस बल तैनात, कानून-व्यवस्था रही कड़ी* घटनास्थल पर कंकाल बरामदगी के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। संवेदनशीलता को देखते हुए थाना अमृतपुर, फतेहगढ़, राजेपुर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रक्षा सिंह के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक संत कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। परिवार में शोक, न्याय की उम्मीद मृतक ओमवीर की शादी तीन वर्ष पूर्व धर्मशीला से हुई थी। वह साइकिल रिपेयरिंग का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में दो भाई राजवीर व राहुल तथा तीन बहनें हैं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है। घटना के खुलासे के बाद जहां परिजनों में शोक और आक्रोश है, वहीं आरोपी की गिरफ्तारी से उन्हें न्याय की उम्मीद भी जगी है। पुलिस का बयान अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। थाना अमृतपुर पुलिस के द्वारा मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की माता राजेश्वरी,पत्नी धर्मशिला सहित पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।3
- जनपद में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जहां 20 जुलाई 2025 को लापता हुए युवक की हत्या कर उसका शव खेत में दफना दिया गया था। करीब 7 माह 3 दिन बाद पुलिस ने शव का कंकाल बरामद कर पूरे मामले से पर्दा उठाया है। जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को राजेश्वरी देवी ने अपने पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लगातार प्रयासों के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाए। पीड़िता 16 फरवरी को मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक पहुंची और लगभग 15 बार पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में गुहार लगाई। हर तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पूर्व थानाध्यक्ष के कार्यकाल में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। यहां तक कि जांच के दौरान मृतक के भाई राजवीर उर्फ लालू को ही हिरासत में ले लिया गया, जिसे बाद में क्षेत्राधिकारी के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया। यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर 7 माह 3 दिन तक पूर्व थानाध्यक्ष क्या करती रहीं। मामले में 24 फरवरी को थानाध्यक्ष का तबादला हुआ और नई थानाध्यक्ष रक्षा सिंह ने कार्यभार संभाला। उनके निर्देशन में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाई और सर्विलांस व एसओजी टीम के सहयोग से जांच तेज की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी रामू यादव पुत्र अजयपाल युवक को अपने घर से बहला-फुसलाकर ले गया, जहां उसके साथ शराब पी गई और फिर अपने ही खेत में उसकी हत्या कर शव को दफना दिया गया। पुलिस ने जेसीबी मशीन से करीब 6 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया। पहली जगह पर कुछ नहीं मिला तो दूसरी जगह खुदाई कराई गई, जहां से कंकाल बरामद हुआ। फॉरेंसिक टीम के रविकांत, सचिन और यशुनंदन ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। इस मामले में ASP के आदेश पर 31 अगस्त को रामू यादव, अजयपाल, देवेंद्र यादव, जहर सिंह, गुलाब सिंह उर्फ तिलक, फकीरे यादव, सुरजीत यादव, श्यामवीर कन्हैयालाल और बंटी उर्फ रामऔतार पुत्र मलिखान सहित कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक की शादी करीब दो वर्ष पूर्व हुई थी। वह अपने परिवार में तीन भाइयों और तीन बहनों में से एक था। पिता ओमवीर की वर्ष 2015 में सर्पदंश से मृत्यु हो चुकी है। मृतक की पत्नी करिश्मा देवी हैं, जबकि उसकी दो बहनों पूजा और राधा की शादी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।5
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- नवाबगंज थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में सिरोली गांव के दो युवक घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक की हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सिरोली निवासी सौरभ (32 वर्ष) पुत्र राजबहादुर और प्रति मोहन (26 वर्ष) पुत्र सतेंद्र सिंह बुधवार दोपहर नवाबगंज से अपना काम निपटाकर कार से वापस अपने गांव सिरोली लौट रहे थे। नवाबगंज से सिरोली की ओर जाते समय ग्राम बांसमई मोड़ पर उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना नवाबगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाने के एसएसआई राम सिंह अपनी टीम के साथ, जिसमें कमल गंगवार और हर्षित चौहान शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचे। एम्बुलेंस को भी सूचित किया गया। एम्बुलेंस चालक दल सिंह और ईएमटी रजनीश ने घायलों को नवाबगंज सीएचसी पहुंचाया। वहां फार्मासिस्ट राजीव कुमार ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद प्रति मोहन यादव को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।3
- Post by CITY NEWS1
- शाहजहांपुर: विकास खंड जलालाबाद क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मढ़िया गुसाई में "स्कूल चलो अभियान" सत्र 2026 के अंतर्गत आज दिनांक 1 अप्रैल 2026 को वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में रॉकी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शिवम और अनमोल ने द्वितीय स्थान हासिल किया। शिवांगी को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर अभिभावकों एवं शिक्षकों की उपस्थिति में विद्यालय प्रबंधक समिति अध्यक्ष आजाद बाबू, प्रधानाध्यापक गौरव कुमार, शिक्षामित्र संतोष राना, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार, समाजसेवी पत्रकार तेजपाल कठेरिया, मुकेश कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए सभी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और अधिक से अधिक नामांकन कराने का आह्वान किया।1
- पूर्व सपा विधायक के घर धमाके का दर्दनाक अंत: घायल पूर्व प्रधान की मौत, गांव में मातम दो हफ्ते तक जिंदगी से जंग हार गए भैयालाल चौहान; सुरक्षा के बीच गांव पहुंचेगा शव फर्रुखाबाद। पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के आवास पर 17 मार्च को हुए जोरदार विस्फोट का मामला अब और दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल उनके समर्थक व पूर्व प्रधान भैयालाल चौहान निवासी नूरपुर की मंगलवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया गया कि उदय प्रताप उर्फ भैयालाल चौहान विस्फोट में बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह पिछले करीब दो सप्ताह से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। आखिरकार मंगलवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। बुधवार को गांव पहुंचेगा शव, बढ़ाई गई सुरक्षा जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर बाद उनका शव पैतृक गांव नूरपुर पहुंचने की संभावना है। गांव में गमगीन माहौल के बीच एहतियातन पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। धमाका इतना तेज कि दहल गया इलाका गौरतलब है कि 17 मार्च की देर शाम नाला मछरट्टा स्थित पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। जांच जारी, पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा रहा है।2