जौनपुर के जंघई रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक लावारिस ट्रॉली बैग में बम होने की अफवाह से हड़कंप मच गया। सुबह करीब 6:30 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से सूचना मिली कि स्टेशन पर रखे एक ट्रॉली बैग से टिक-टिक की आवाज आ रही है। इस खबर के मिलते ही रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे स्टेशन परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया, लेकिन गहन जांच के बाद स्टेशन परिसर से कोई भी संदिग्ध ट्रॉली बैग या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जांच में यह सूचना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हुई, जिसके बाद राहत की सांस ली गई और रेल परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा। पुलिस ने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का मोबाइल फोन अब बंद आ रहा है, जिसकी पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
जौनपुर के जंघई रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक लावारिस ट्रॉली बैग में बम होने की अफवाह से हड़कंप मच गया। सुबह करीब 6:30 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से सूचना मिली कि स्टेशन पर रखे एक ट्रॉली बैग से टिक-टिक की आवाज आ रही है। इस खबर के मिलते ही रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे स्टेशन परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया, लेकिन गहन जांच के बाद स्टेशन परिसर से कोई भी संदिग्ध ट्रॉली बैग या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जांच में यह सूचना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हुई, जिसके बाद राहत की सांस ली गई और रेल परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा। पुलिस ने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का मोबाइल फोन अब बंद आ रहा है, जिसकी पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी के बेहद शांत स्वभाव की जमकर सराहना की जा रही है। संसद परिसर में रेणुका चौधरी ने धर्मेंद्र प्रधान के ठीक सामने खड़े होकर तीखे शब्दों में कहा कि "ये सब कायर हैं जो बच्चों पर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं" और उन्हें "राक्षस" भी कहा। यह सब सुनने के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला और वे पूरी तरह शांत रहे। ऐसे साधु और सज्जन व्यक्ति के पीछे लोगों के पड़े रहने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि 'अब रहने भी दो'।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में आंधी-पानी के कारण भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ है, जिसके चलते क्षेत्र के 91 गांवों की बिजली आपूर्ति लगातार 8 घंटे तक ठप रही। जनता न्यूज़ टीवी के ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय की रिपोर्ट के अनुसार, आंधी-पानी के दौरान पेड़ गिर जाने की वजह से 33 केवी की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण बिजली पूरी तरह ठप हो गई।1
- देशभर में लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था के विरोध में वाराणसी में बीएचयू (BHU) सिंहद्वार पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और युवाओं ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सपा नेताओं के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान युवा कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में 'पेपर लीक बंद करो' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' लिखी तख्तियां लेकर उग्र नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का सीधा आरोप लगाया। इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल भी मुस्तैद रहा। प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन में देशभर में नीट (NEET), नेट (NET) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों की मेहनत बर्बाद हो रही है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1
- दिल्ली और लखनऊ में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और सांसद डिंपल यादव की गिरफ्तारी के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सोमवार को लखनऊ की सड़कों पर उतर आए। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा के नेतृत्व में छात्र सभा और पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं ने इस जोरदार प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। लंबे समय बाद लखनऊ की सड़कों पर समाजवादी पार्टी का इतना बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला है। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का सीधा आरोप लगाया। इस दौरान मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक दिल्ली में गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया जाता और छात्रों पर की गई कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दरअसल, दिल्ली में बीते दिनों छात्रों के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी, जिसके बाद हुए लाठीचार्ज में सपा सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिया गया था।1
- वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में बिजली विभाग सड़क किनारे खोदाई का कार्य कर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस खोदाई के कारण कई स्थानों पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में वाराणसी में आधारभूत ढांचे से जुड़े कई अन्य कार्य भी चल रहे हैं।1
- जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र के अंतर्गत पुरेव बाजार से केराव परसाई पुर मार्ग पर कचरे का भारी अंबार लगा हुआ है। आज केराव नहोरा से कई माननीय लोग इसी कीचड़ और गंदे पानी से भरे रास्ते से गुजरते हुए और बदबूदार सुगंध लेते हुए अध्यक्ष जी का स्वागत करने पहुंचे थे। इस बदहाली पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि अगर इन लोगों ने इसी तिराहे पर भी अपना सम्मान समारोह आयोजित कर ध्यान आकर्षित कर दिया होता, तो क्या जाने लोगों को इस कीचड़ और गंदे पानी से राहत मिल गई होती।2
- अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सरकार नहीं बल्कि अहंकार है। उन्होंने कहा कि देश और युवा सरकार से नाराज हैं और यही नाराजगी दिल्ली में दिखाई दी है।1
- जंतर-मंतर पर "इंकलाब जिंदाबाद" और "मोदी हटाओ, देश बचाओ" के नारों के साथ दिल्ली पुलिस और सत्तापक्ष के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। दिल्ली पुलिस को बेहद घटिया बताते हुए सीधे तौर पर कहा गया है कि वे लोगों को बेरहमी से कुत्तों की तरह मार रहे हैं। इस बर्बरता पर तीखा हमला बोलते हुए पुलिसकर्मियों को थोड़ी भी शर्म करने की नसीहत दी गई है। उन्हें यह याद रखने को कहा गया है कि वे जिन्हें पीट रहे हैं, वे भी किसी न किसी के बच्चे हैं। भारी नाराजगी के बीच पुलिसवालों को शाप देते हुए कहा गया है कि उनके बच्चे आगे नहीं पढ़ पाएंगे। इसके साथ ही, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए उसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' कहा गया है।1