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अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सरकार नहीं बल्कि अहंकार है। उन्होंने कहा कि देश और युवा सरकार से नाराज हैं और यही नाराजगी दिल्ली में दिखाई दी है।
गजेन्द्र कुमार सिंह
अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सरकार नहीं बल्कि अहंकार है। उन्होंने कहा कि देश और युवा सरकार से नाराज हैं और यही नाराजगी दिल्ली में दिखाई दी है।
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- प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत करने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री (PMO) जितेंद्र सिंह पहुंचे हैं। सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा है।1
- जौनपुर ब्रेकिंग अखिलेश राहुल की गिरफ्तारी के विरोध में सड़क पर उतरे सपा कांग्रेस के कार्यकर्ता जौनपुर ब्रेकिंग अखिलेश-राहुल की गिरफ्तारी के विरोध में सड़क पर उतरे सपाई, अंबेडकर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन जौनपुर के अंबेडकर चौराहे पर समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अखिलेश यादव और राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध जता रहे हैं। अंबेडकर चौराहे पर सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में पुलिस पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1
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- जनता न्यूज़ टीवी के ब्यूरो चीफ राजमणी पाण्डेय के अनुसार, चंदौली में जीवन ज्योति कंप्यूटर इंस्टीच्यूट का प्रथम स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है।1
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- नई दिल्ली में मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक सामने आई है, जहां काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च सोमवार दोपहर को सीधे लोकसभा संसद भवन के पास तक पहुंच गया। हाई प्रोफाइल सुरक्षा जोन में अचानक प्रदर्शनकारियों के घुसने से सुरक्षाबलों में अफरातफरी मच गई और उन्होंने आनन-फानन में संसद के मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिससे वहां दिनभर भारी बवाल मचा रहा। इस घटना को लोकसभा संसद भवन की सुरक्षा में एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है, क्योंकि सोमवार को दिल्ली पुलिस के तमाम सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नाकाम साबित हुए। बीते कई वर्षों से पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग थाने के पास रोकने में कामयाब हो जाती थी, लेकिन सीजेपी का यह मार्च वास्तविकता में संसद भवन के बिल्कुल करीब पहुंच गया। इस पूरे हंगामे और जान बचाकर भागते हुए प्रदर्शनकारियों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि पूरे बीस साल बाद कोई प्रदर्शनकारी मार्च संसद तक इस तरह दखल देने में कामयाब हुआ है। इससे पहले साल 2004-2005 में समाजवादी पार्टी का संसद मार्च पटेल चौक तक पहुंचा था। उस वक्त भी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए संसद के सामने बने रेल भवन और कृषि भवन के गोल चक्कर के पास लाठीचार्ज किया था और गैस के गोले दागे थे।1