चन्दौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर में मनरेगा योजना के तहत हो रहे कार्यों में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। सरकार जहाँ ग्रामीण विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं यहाँ सरकारी धन के बंदरबांट की बात कही जा रही है, क्योंकि कागजों पर काम पूरा दिखाया जा रहा है जबकि धरातल पर कार्य अधूरा पड़ा है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत बरबसपुर में "बरबसपुर में चिखुर के घर से बुच्चू के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य" (कार्य कोड: 3171009/LD/958486255824812291) स्वीकृत किया गया था। स्थानीय निवासियों और रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों से बड़ी अनियमितताएं उजागर हुई हैं, जिसमें इस कार्य के लिए सामग्री मद में कुल ₹8,03,834.21 का भुगतान बकाया दिखाया गया है। इसको लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब कार्य ही अधूरा है, तो इतनी बड़ी राशि का हिसाब किस आधार पर तैयार किया गया और यह बकाया राशि किसके संरक्षण में है। ग्राम पंचायत बरबसपुर के निवासियों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा खंड विकास अधिकारी (BDO) से इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब काम अधूरा है, तो सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी क्यों की जा रही है। लोगों ने यह प्रश्न भी उठाया है कि क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर यह भ्रष्टाचार भी फाइलों में ही दबा दिया जाएगा।
चन्दौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर में मनरेगा योजना के तहत हो रहे कार्यों में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। सरकार जहाँ ग्रामीण विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं यहाँ सरकारी धन के बंदरबांट की बात कही जा रही है, क्योंकि कागजों पर काम पूरा दिखाया जा रहा है जबकि धरातल पर कार्य अधूरा पड़ा है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत बरबसपुर में "बरबसपुर में चिखुर के घर से बुच्चू के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य" (कार्य कोड: 3171009/LD/958486255824812291) स्वीकृत किया गया था। स्थानीय निवासियों और रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों से बड़ी अनियमितताएं उजागर हुई हैं, जिसमें इस कार्य के लिए सामग्री मद में कुल ₹8,03,834.21 का भुगतान बकाया दिखाया गया है। इसको लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब कार्य ही अधूरा है, तो इतनी बड़ी राशि का हिसाब किस आधार पर तैयार किया गया और यह बकाया राशि किसके संरक्षण में है। ग्राम पंचायत बरबसपुर के निवासियों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा खंड विकास अधिकारी (BDO) से इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब काम अधूरा है, तो सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी क्यों की जा रही है। लोगों ने यह प्रश्न भी उठाया है कि क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर यह भ्रष्टाचार भी फाइलों में ही दबा दिया जाएगा।
- चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी जनसमस्याओं के साथ पहुँचे। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, विद्युत, वन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 160 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से मौके पर ही तीन मामलों का निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपकर निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान के निर्देश दिए गए। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार भी समाधान दिवस में उपस्थित रहे और उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुना। सांसद ने अधिकारियों को नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा और शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी मामलों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। इस संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी शिव शंकर, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा, खंड विकास अधिकारी विकास कुमार, तहसीलदार राहुल सिंह, नौगढ़ रेंज वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव और जयमोहनी वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद, "पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं" और "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया गया। सांसद छोटेलाल खरवार, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल और उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, जनपद में चल रहे 40 लाख पौधरोपण अभियान को सांसद और जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।4
- जीआरएस से जुड़े एक मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने पैसे लेकर आवश्यक कागजात दबा दिए हैं। इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच की मांग की गई है, साथ ही मांग है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।2
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस घोषणा के बाद से प्रधानों में 'बड़ी टेंशन' देखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कैसे करते हैं।1
- उत्तर प्रदेश में मौसम संबंधी अपडेट जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि राज्य को आंधी, बारिश और भीषण गर्मी व तापमान का 'दोहरा हमला' झेलना पड़ रहा है।1