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अम्बाह नगर पालिका परिषद ने लगभग एक महीने पहले शहर में स्पीड ब्रेकर लगवाए थे। हालाँकि, अब इन ब्रेकरों का एक ही महीने के भीतर 'अंतिम संस्कार' कर दिया गया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर अम्बाह के इन स्पीड ब्रेकरों का इतनी जल्दी क्या हुआ।
Malkhan parmar
अम्बाह नगर पालिका परिषद ने लगभग एक महीने पहले शहर में स्पीड ब्रेकर लगवाए थे। हालाँकि, अब इन ब्रेकरों का एक ही महीने के भीतर 'अंतिम संस्कार' कर दिया गया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर अम्बाह के इन स्पीड ब्रेकरों का इतनी जल्दी क्या हुआ।
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- अम्बाह एसडीओपी रवि भदौरिया ने जनता से साइबर ठगों के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि लोग अपना बैंक खाता, एटीएम विवरण, ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। एसडीओपी भदौरिया ने सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और फोन पर प्राप्त होने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक से बचने की भी सलाह दी है। उन्होंने यह भी बताया कि ठग अक्सर नौकरी दिलाने, लॉटरी जीतने, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अपडेट करने या ऑनलाइन खरीदारी से संबंधित बहानों का उपयोग करके लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं। यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर या अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।1
- अंबाह में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए, एसडीओपी रवि सिंह भदौरिया ने क्षेत्र की जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों को नए-नए तरीकों से अपने जाल में फंसा रहे हैं, जिसके चलते नागरिकों को अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। एसडीओपी भदौरिया ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी, ओटीपी, सीवीवी नंबर, पासवर्ड या अन्य कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही, सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, ई-मेल या फोन कॉल के माध्यम से प्राप्त होने वाली किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधी अक्सर नौकरी दिलाने, लॉटरी लगने, केवाईसी अपडेट कराने, ऑनलाइन खरीदारी से जुड़े आकर्षक ऑफर, निवेश योजनाओं या अन्य प्रलोभनों के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच-पड़ताल अवश्य करनी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने यह भी अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करना चाहिए। एसडीओपी ने बताया कि समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से सतर्क और जागरूक रहने तथा दूसरों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है।1
- अंबाह एसडीओपी रवि सिंह भदौरिया ने क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने आगाह किया है कि साइबर ठग लोगों को नए-नए तरीकों से अपने जाल में फंसा रहे हैं, इसलिए नागरिकों को अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। एसडीओपी भदौरिया ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी, ओटीपी, सीवीवी नंबर, पासवर्ड या कोई अन्य गोपनीय जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही, सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, ई-मेल या फोन कॉल के माध्यम से प्राप्त होने वाली संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से भी बचें। एसडीओपी ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर नौकरी दिलाने, लॉटरी लगने, केवाईसी अपडेट कराने, ऑनलाइन खरीदारी से जुड़े आकर्षक ऑफर, निवेश योजनाएं और अन्य प्रलोभन देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विश्वास करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। भदौरिया ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए अथवा अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से सतर्क और जागरूक रहने के साथ-साथ दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है।1
- मध्य प्रदेश पुलिस ने आज से 'साइबर सेफ्टी 2.0' नामक अपना विशेष साइबर सुरक्षा अभियान अंबाह/मुरैना क्षेत्र में प्रारंभ किया है। इस अभियान के तहत, उप निरीक्षक विवेक सिंह तोमर ने जनता से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से यह चेतावनी दी कि यदि कोई अनजान व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहचान या रिश्तेदारी बताकर पैसे की मांग करता है, तो उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। उप निरीक्षक तोमर ने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधों से बचाव केवल जागरूकता से ही संभव है।1
- थारा में ग्राहकों के लिए ताज़ी सब्ज़ियाँ और फल उपलब्ध कराए गए हैं। अंबा की रेत से प्राप्त यह ताज़ी उपज ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने, स्कूल के पास बिक्री के लिए उपलब्ध है। इच्छुक ग्राहक यहाँ आकर अपनी ज़रूरत की ताज़ी सब्ज़ियाँ और फल खरीद सकते हैं। धन्यवाद और सभी को राम राम।1
- मध्य प्रदेश पुलिस ने आज से अपने विशेष 'साइबर सेफ्टी 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। यह 15 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम 24 जून से शुरू होकर लोगों को साइबर ठगी से बचाने पर केंद्रित है। अंबाह क्षेत्र में, मध्य प्रदेश पुलिस के थाना माता बसैया के थाना प्रभारी उप निरीक्षक विवेक सिंह तोमर ने इस अभियान के तहत जनता से विशेष अपील की है। उप निरीक्षक तोमर ने जोर देकर कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को सोशल मीडिया के माध्यम से, चाहे वह अपनी पहचान बताकर या रिश्तेदारी का हवाला देकर पैसे मांगे, उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, ओटीपी, सीवीसी या बैंक संबंधी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में माता बसैया थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर ने आम जनता को साइबर ठगी से बचाने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण वीडियो संदेश जारी किया है। लगभग डेढ़ मिनट के इस वीडियो में, थाना प्रभारी ने सरल एवं संतोषजनक शब्दों में लोगों को साइबर अपराधियों से बचने के उपाय बताए हैं। उन्होंने नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी को किसी के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया व ऑनलाइन लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। पुलिस ने साइबर ठगी की किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने की सलाह भी दी है। यह जागरूकता वीडियो आमजन के हित में जारी किया गया है, ताकि लोग सतर्क रहकर साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें।1
- पोरसा के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवाकेंद्र में योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी निकेता दीदी जी ने कहा कि योग दिवस हर साल शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाता है, लेकिन स्वस्थ शरीर के साथ-साथ एक शक्तिशाली मन का होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज हम ऐसे अनिश्चित समय से गुजर रहे हैं, जिसमें मन का शक्तिशाली होना हर परिस्थिति में स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। एक योगी की पहचान मान-अपमान, निंदा-स्तुति, हार-जीत, और सर्दी-गर्मी जैसी सभी द्वंद्वात्मक स्थितियों में समान रहना है। दीदी जी ने समझाया कि जैसे शरीर कमजोर होने पर बीमारियां घेर लेती हैं, वैसे ही मन के कमजोर होने पर व्यक्ति जल्दी आहत होता है, दुखी होता है, आसानी से रो पड़ता है और छोटी-छोटी बातें भी सहन नहीं कर पाता। कमजोर मन के हर संकल्प का प्रभाव न केवल शरीर पर, बल्कि संबंधों और पूरे वातावरण पर भी पड़ता है। इसलिए, उन्होंने मेडिटेशन के माध्यम से अपने हर संकल्प को शुद्ध और शक्तिशाली बनाने का आह्वान किया, ताकि बाहरी परिस्थितियां कैसी भी हों, मन शांत और शक्तिशाली बना रहे। ब्रह्माकुमारी संस्था पिछले कई दशकों से योग, राजयोग ध्यान, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवनशैली के प्रचार-प्रसार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है। आज के विश्व में बढ़ते तनाव, अवसाद और अशांति की चुनौतियों के बीच, राजयोग ध्यान आत्मिक शक्ति और आंतरिक शांति प्राप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम बनकर उभरा है।1