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मध्य प्रदेश पुलिस ने आज से अपने विशेष 'साइबर सेफ्टी 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। यह 15 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम 24 जून से शुरू होकर लोगों को साइबर ठगी से बचाने पर केंद्रित है। अंबाह क्षेत्र में, मध्य प्रदेश पुलिस के थाना माता बसैया के थाना प्रभारी उप निरीक्षक विवेक सिंह तोमर ने इस अभियान के तहत जनता से विशेष अपील की है। उप निरीक्षक तोमर ने जोर देकर कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को सोशल मीडिया के माध्यम से, चाहे वह अपनी पहचान बताकर या रिश्तेदारी का हवाला देकर पैसे मांगे, उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, ओटीपी, सीवीसी या बैंक संबंधी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
मध्य प्रदेश पुलिस ने आज से अपने विशेष 'साइबर सेफ्टी 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। यह 15 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम 24 जून से शुरू होकर लोगों को साइबर ठगी से बचाने पर केंद्रित है। अंबाह क्षेत्र में, मध्य प्रदेश पुलिस के थाना माता बसैया के थाना प्रभारी उप निरीक्षक विवेक सिंह तोमर ने इस अभियान के तहत जनता से विशेष अपील की है। उप निरीक्षक तोमर ने जोर देकर कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को सोशल मीडिया के माध्यम से, चाहे वह अपनी पहचान बताकर या रिश्तेदारी का हवाला देकर पैसे मांगे, उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, ओटीपी, सीवीसी या बैंक संबंधी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
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- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में गेहूँ खरीदी से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में लगभग एक करोड़ रुपये का घोटाला होने की बात कही जा रही है।1
- अंबाह प्रखंड की समीपवर्ती ग्राम पंचायत थरा, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के दिमनी विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है, उसे एक आदर्श और निर्मल ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में वर्तमान सरपंच भानु प्रताप सिंह तोमर जलौनी द्वारा सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत, ग्राम पंचायत सचिवालय का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जहाँ ब्लॉक बिछाने का कार्य जारी है। यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है क्योंकि पिछले कई कार्यकालों में अनेक सरपंचों के बदलने के बावजूद, सचिवालय की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया था, और वह उपेक्षित अवस्था में था। वर्तमान सरपंच की इस पहल को स्थानीय लोगों के बीच एक अत्यंत सराहनीय कार्य के रूप में देखा जा रहा है, जो थरा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- आज माता बसैया में साइबर सुरक्षा को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंक कर्मियों और ग्राहकों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने और विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही सभी को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक किया गया। इसके उपरांत, माता बसैया थाना प्रभारी श्री विवेक सिंह तोमर द्वारा चलाए जा रहे "सेफ क्लिक अभियान 2.0" के तहत पीए श्री केवी स्कूल, जींगनी, अंबाह-मुरैना रोड में छात्र-छात्राओं से भी संवाद किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा विषय पर एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। साथ ही, विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, और उन्हें इंटरनेट व सोशल मीडिया का सुरक्षित तथा जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।1
- मध्यप्रदेश NSUI और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अम्बाह के संयुक्त तत्वावधान में अम्बाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को फल वितरित किए गए। यह आयोजन पूर्व विधायक एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी आदरणीय श्री सत्यपाल सिंह सिकरवार 'नीटू' जी के जन्मदिन के अवसर पर किया गया, जिसके माध्यम से सेवा और जनकल्याण का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों और NSUI कार्यकर्ताओं ने मरीजों का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र शर्मा, मध्यप्रदेश NSUI सचिव श्री रोहित गुधैनिया, कांग्रेस प्रवक्ता मनोज थापक 'मन्नू', अंकित उपाध्याय, वीरू कुशवाह, ऋषभ शर्मा, विवेक नागर, राहुल बाथम, महेश विकल, नोनू खान, तुषार कुशवाह सहित अनेक कांग्रेसजन एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी उपस्थितजनों ने श्री सत्यपाल सिंह सिकरवार 'नीटू' जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आगामी 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए, पोरसा थाना प्रभारी निरी0 दिनेश सिंह कुशवाह ने नागरिकों को सूचित किया है कि वे अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड, सीवीवी (CVV) या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने विशेष रूप से सलाह दी है कि ऑनलाइन माध्यमों पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। यदि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति आपका परिचित बनकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भरोसा करने के बजाय उसकी जांच अवश्य करें। थाना प्रभारी ने आकर्षक और लुभावने ऑफर्स, इनाम या निवेश योजनाओं के झांसे में आने से बचने की भी अपील की। इसके अतिरिक्त, वॉट्सऐप (WhatsApp) या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली संदिग्ध एपीके (APK) फाइल्स या अनजान ऐप्स को इंस्टॉल न करने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की बात कही गई है। पुलिस ने यह भी बताया है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें अथवा निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें। अभियान का मुख्य संदेश 'सतर्क रहें, सुरक्षित रहें' है।1
- पोरसा थाना प्रभारी निरी0 दिनेश सिंह कुशवाह ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश पुलिस 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करना है। इस अभियान के तहत, लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपना OTP, पासवर्ड, CVV या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास न करने की हिदायत दी गई है, खासकर यदि सोशल मीडिया पर कोई परिचित बनकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भरोसा करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें। इसके अतिरिक्त, आकर्षक और लुभावने ऑफर्स, इनाम या निवेश योजनाओं के झांसे में आने से बचने को कहा गया है। नागरिकों को WhatsApp या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली संदिग्ध APK फाइल्स या अनजान ऐप्स को इंस्टॉल न करने की भी चेतावनी दी गई है, और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करने या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है। थाना प्रभारी ने सभी से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील करते हुए अपनी बात समाप्त की।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रस्तावित पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर फतेहाबाद के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी के चलते 25 जून गुरुवार को बार एसोसिएशन फतेहाबाद के बैनर तले अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं का जत्था तहसीलदार कार्यालय पहुंचा और तहसीलदार बब्लेश कुमार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन से पहले बार एसोसिएशन की बार सभागार में एक बैठक आयोजित की गई, जहाँ अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश सरकार की यह प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों के रोजगार को पूरी तरह खत्म कर देगी, जिससे हजारों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी परेशानी होगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को तकनीकी जानकारी न होने के कारण दलालों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ-साथ रजिस्ट्री की लागत भी बढ़ जाएगी। इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ 15 जून से ही उपनिबंधक कार्यालय फतेहाबाद में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। हड़ताल के दौरान रजिस्ट्री बैनामा, वसीयत, गोदनामा सहित कोई भी कार्य अधिवक्ताओं द्वारा नहीं किया जा रहा है। गुरुवार दोपहर बाद सभी अधिवक्ता एकजुट हुए और “ई-रजिस्ट्री वापस लो, अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सरकार तत्काल इस निर्णय को वापस ले। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो जिले स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा और प्रदेश भर के अधिवक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन और बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- मुरैना के अंबाह रोड स्थित पीए श्री केंद्रीय विद्यालय स्कूल जींगनी में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत छात्रों के साथ संवाद किया गया और साइबर सुरक्षा से संबंधित एक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम के अंत में, विद्यालय के सभी छात्रों और स्टाफ सदस्यों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।1