logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जल भराव सड़क और कीचड़ से परेशान युवक किए भूख हड़ताल सड़क बनाने की मांग चंदौली जिले के नौगढ़ विकासखंड की गढ़वा ग्राम पंचायत के पचकड़िया गांव में सड़क की खराब हालत से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। कच्ची सड़क पर पानी भरने और कीचड़ होने से आना-जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक इस गांव की सड़क नहीं बनी है। इस समस्या से तंग आकर मंगलवार को गांव के दीपक यादव सड़क बनाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। दीपक यादव ने बताया कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। पैदल चलने के साथ ही दोपहिया और दूसरे वाहनों से भी आना-जाना खतरनाक हो जाता है। उन्होंने मांग की कि सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए और मौके पर सांसद और विधायक को बुलाकर ग्रामीणों की समस्या की जानकारी दी जाए। दीपक यादव ने कहा कि जब तक सड़क बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक वह अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उनके समर्थन में कई ग्रामीण भी आए हैं और भूख हड़ताल में साथ दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण रोजमर्रा के काम पर असर पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क की समस्या का स्थायी हल निकालने की मांग की है। भूख हड़ताल के दौरान मोहन यादव, बच्चा यादव, संतोष पटेल, कृष्ण मुरारी पटेल, अशोक पटेल, प्रियांशु पटेल, संजय यादव, राहुल, दीपू, शिवम, रामाश्रय पटेल, इंद्र बहादुर समेत कई ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनने तक आंदोलन जारी रखने के लिए वे दीपक यादव के साथ हैं।

9 hrs ago
user_Indrajit,Singh urf Mithun Sing
Indrajit,Singh urf Mithun Sing
Newspaper publisher नौगढ़, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago
099a5558-ae51-469a-a3df-9f4c1ff2ab59

जल भराव सड़क और कीचड़ से परेशान युवक किए भूख हड़ताल सड़क बनाने की मांग चंदौली जिले के नौगढ़ विकासखंड की गढ़वा ग्राम पंचायत के पचकड़िया गांव में सड़क की खराब हालत से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। कच्ची सड़क पर पानी भरने और कीचड़ होने से आना-जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक इस गांव की सड़क नहीं बनी है। इस समस्या से तंग आकर मंगलवार को गांव के दीपक यादव सड़क बनाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। दीपक यादव ने बताया कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। पैदल चलने के साथ ही दोपहिया और दूसरे वाहनों से भी आना-जाना खतरनाक हो जाता है। उन्होंने मांग की कि सड़क का जल्द से जल्द निर्माण

ba0d7c4b-a2d0-405b-a0ad-7cd991f9fbe1

कराया जाए और मौके पर सांसद और विधायक को बुलाकर ग्रामीणों की समस्या की जानकारी दी जाए। दीपक यादव ने कहा कि जब तक सड़क बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक वह अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उनके समर्थन में कई ग्रामीण भी आए हैं और भूख हड़ताल में साथ दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण रोजमर्रा के काम पर असर पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क की समस्या का स्थायी हल निकालने की मांग की है। भूख हड़ताल के दौरान मोहन यादव, बच्चा यादव, संतोष पटेल, कृष्ण मुरारी पटेल, अशोक पटेल, प्रियांशु पटेल, संजय यादव, राहुल, दीपू, शिवम, रामाश्रय पटेल, इंद्र बहादुर समेत कई ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनने तक आंदोलन जारी रखने के लिए वे दीपक यादव के साथ हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है *पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है।* *बिहार के पर्यावरण मंत्री रामचंद्र प्रसाद कहीं से गाड़ी में लौट रहे थे। इसी दौरान वहां पत्रकारों ने इनसे सवाल पूछा कि पर्यावरण को लेकर सरकार आगे क्या करने जा रही है?* *इस पर मंत्री जी का जवाब अजीब ही था। उन्होंने कहा कि 'पर्यावरण तो चल रहा है धकाधक। पर्यावरण मेरा ठीक है भाई। पर्यावरण का व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रहा है। पर्यावरण के लिए हम काम कर रहे हैं।'*
    1
    पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है
*पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है।*
*बिहार के पर्यावरण मंत्री रामचंद्र प्रसाद कहीं से गाड़ी में लौट रहे थे। इसी दौरान वहां पत्रकारों ने इनसे सवाल पूछा कि पर्यावरण को लेकर सरकार आगे क्या करने जा रही है?*
*इस पर मंत्री जी का जवाब अजीब ही था। उन्होंने कहा कि 'पर्यावरण तो चल रहा है धकाधक। पर्यावरण मेरा ठीक है भाई। पर्यावरण का व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रहा है। पर्यावरण के लिए हम काम कर रहे हैं।'*
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • घर का समान सामान एक जगह से दूसरी जगह शिफ्टिंग कराई जाती है पैकिंग, लोडिंग अनलोडिंग, एवं ट्रांसपोर्टेशन के साथ
    1
    घर का समान सामान एक जगह से दूसरी जगह शिफ्टिंग कराई जाती है पैकिंग, लोडिंग अनलोडिंग, एवं ट्रांसपोर्टेशन के साथ
    user_Bhaiya Ji Packers And Movers
    Bhaiya Ji Packers And Movers
    Transportation service रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: पैकेट वाला खाना कितना खतरनाक? | FSSAI से 13 सवाल सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड पर Front-of-Pack Labeling (FOPL) को लेकर FSSAI से 13 अहम सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने Warning Labels के आकार, उनकी स्पष्टता, चीनी-नमक-फैट की सीमा, चरणबद्ध लागू करने की योजना और आम लोगों की समझ जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा है। FSSAI को 10 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को होगी। क्या पैकेट पर बड़े और साफ Warning Labels होने चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताइए। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, सवाल सीधा। #SupremeCourt #FSSAI #ProcessedFood #PackagedFood #FoodSafety #FoodLabeling #FOPL #HealthNews #IndiaNews #SupremeCourtNews #AwaazEBharat
    1
    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: पैकेट वाला खाना कितना खतरनाक? | FSSAI से 13 सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड पर Front-of-Pack Labeling (FOPL) को लेकर FSSAI से 13 अहम सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने Warning Labels के आकार, उनकी स्पष्टता, चीनी-नमक-फैट की सीमा, चरणबद्ध लागू करने की योजना और आम लोगों की समझ जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा है।
FSSAI को 10 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को होगी।
क्या पैकेट पर बड़े और साफ Warning Labels होने चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताइए।
Awaaz-e-Bharat — खबर वही, सवाल सीधा।
#SupremeCourt #FSSAI #ProcessedFood #PackagedFood #FoodSafety #FoodLabeling #FOPL #HealthNews #IndiaNews #SupremeCourtNews #AwaazEBharat
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    5 hrs ago
  • प्रेमी प्रेमिका ने भभुआ कचहरी परिसर में रचाई शादी परिवार के लोग रहे ...प्रेमी प्रेमिका 3 वर्षों से एक दूसरे में प्यार था
    1
    प्रेमी प्रेमिका ने भभुआ कचहरी परिसर में रचाई शादी परिवार के लोग रहे ...प्रेमी प्रेमिका 3 वर्षों से एक दूसरे में प्यार था
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    14 hrs ago
  • बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा जब उप स्वास्थ्य केंद्र को रास्ता नहीं उप स्वास्थ्य केंद्र खुद 20 साल से सड़क का इंतजार, कीचड़ और कूड़े के बीच पहुंच रहे मरीज धीना। धीना बाजार स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र खुद बदहाली का शिकार है। यहां पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है। मरीजों और उनके तीमारदारों को गली, कूड़े के ढेर और कीचड़ से होकर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के दिनों में रास्ते में पानी भर जाने से स्थिति और भी खराब हो जाती है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के बीच मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, उप स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए सड़क निर्माण की मांग करीब 20 वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्तमान में रास्ते में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों अजय कुमार कामेश्वर राय पंकज राय, प्रवण कुमार ने बताया कि रास्ते की बदहाली के कारण कई लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने के लिए रास्ते के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से उप स्वास्थ्य केंद्र तक पक्की सड़क बनवाने तथा परिसर के आसपास साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।इस संदर्भमे सी एच सी प्रभारी शैलेन्द्र कुमार ने कहा की समस्याओ की जानकारी ग्रामीणो द्वारा मिली है उस पर पहल क़र सड़क बनाई जाएगी ग्रामीणों ने बताया नक़्शे में चकरोड है पर किसी जन प्रतिनिधि ने आज तक ध्यान नहीं दिया विभाग उसको संज्ञान में लिया है बरसात बाद सड़क बनाने पर अम्ल किया जाएगा
    2
    बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा जब उप स्वास्थ्य केंद्र को रास्ता नहीं 
उप स्वास्थ्य केंद्र खुद 
20 साल से सड़क का इंतजार, कीचड़ और कूड़े के बीच पहुंच रहे मरीज
धीना। धीना बाजार स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र खुद बदहाली का शिकार है। यहां पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है। मरीजों और उनके तीमारदारों को गली, कूड़े के ढेर और कीचड़ से होकर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के दिनों में रास्ते में पानी भर जाने से स्थिति और भी खराब हो जाती है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के बीच मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, उप स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए सड़क निर्माण की मांग करीब 20 वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्तमान में रास्ते में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों अजय कुमार कामेश्वर राय पंकज राय, प्रवण कुमार ने बताया कि रास्ते की बदहाली के कारण कई लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने के लिए रास्ते के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से उप स्वास्थ्य केंद्र तक पक्की सड़क बनवाने तथा परिसर के आसपास साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।इस संदर्भमे सी एच सी प्रभारी शैलेन्द्र कुमार ने कहा की समस्याओ की जानकारी ग्रामीणो द्वारा मिली है उस पर पहल क़र सड़क बनाई जाएगी ग्रामीणों ने बताया नक़्शे में चकरोड है पर किसी जन प्रतिनिधि ने आज तक ध्यान नहीं दिया विभाग उसको संज्ञान में लिया है बरसात बाद सड़क बनाने पर अम्ल किया जाएगा
    user_Faridu ddin
    Faridu ddin
    Farmer चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र शक्तिनगर में अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी 😨 एनसीएल खड़िया कॉलोनी गेट नंबर-2 के पास मिला शव। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पहचान की कोशिश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच जारी। #सोनभद्र #शक्तिनगर #BreakingNews
    1
    🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र
शक्तिनगर में अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी 😨
एनसीएल खड़िया कॉलोनी गेट नंबर-2 के पास मिला शव। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पहचान की कोशिश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच जारी।
#सोनभद्र #शक्तिनगर #BreakingNews
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • एनसीएल खड़िया कॉलोनी गेट नंबर-2 के पास मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप सहज स्वरूप किरण गौड़ सोनभद्र शक्तिनगर। एनसीएल खड़िया कॉलोनी के गेट नंबर-2 के समीप मंगलवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को फोन के माध्यम से दी। सूचना मिलते ही शक्तिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों से पूछताछ करने के साथ ही मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। साथ ही युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। अज्ञात शव मिलने की घटना से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि शव की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
    2
    एनसीएल खड़िया कॉलोनी गेट नंबर-2 के पास मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप
सहज स्वरूप किरण गौड़ 
सोनभद्र शक्तिनगर। एनसीएल खड़िया कॉलोनी के गेट नंबर-2 के समीप मंगलवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को फोन के माध्यम से दी।
सूचना मिलते ही शक्तिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों से पूछताछ करने के साथ ही मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। साथ ही युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर भी जांच की जा रही है।
अज्ञात शव मिलने की घटना से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि शव की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत! 30+ मासूमों की जान गई, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में 25 से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की बात सामने आई है। बच्चों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल है—आखिर इन दूरदराज आदिवासी गांवों तक समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण की सुविधा क्यों नहीं पहुंची? मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है। क्या गरीब और आदिवासी बच्चों की जिंदगी की कीमत कम है? क्या इन मौतों की जिम्मेदारी तय होगी? देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, जो सवाल खड़े करे। #Balaghat #BalaghatNews #BaigaTribe #Adivasi #AdivasiChildren #MadhyaPradesh #ChildDeaths #Malnutrition #Malaria #HighCourt #MPNews #TribalNews #HealthCrisis #AwaazEBharat
    1
    बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत! 30+ मासूमों की जान गई, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल
मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में 25 से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की बात सामने आई है। बच्चों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों की बात सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल है—आखिर इन दूरदराज आदिवासी गांवों तक समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण की सुविधा क्यों नहीं पहुंची?
मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है।
क्या गरीब और आदिवासी बच्चों की जिंदगी की कीमत कम है?
क्या इन मौतों की जिम्मेदारी तय होगी?
देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
Awaaz-e-Bharat — खबर वही, जो सवाल खड़े करे।
#Balaghat #BalaghatNews #BaigaTribe #Adivasi #AdivasiChildren #MadhyaPradesh #ChildDeaths #Malnutrition #Malaria #HighCourt #MPNews #TribalNews #HealthCrisis #AwaazEBharat
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.