देश में 'मोदी मेलोडी चॉकलेट' को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छिड़ गई है, जिसने युवाओं में भारी रोष पैदा किया है। कुछ युवा इसे राजनीतिक प्रचार का एक नया तरीका बता रहे हैं, जबकि इसके समर्थक इसे एक सामान्य ब्रांडिंग गतिविधि का हिस्सा मानते हैं। यह बवाल ऐसे समय में आया है जब देश के सामने रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे बड़े मुद्दे हैं, जिनसे ऐसी चीज़ें ध्यान भटकाने का काम करती हैं। सोशल मीडिया पर इस चॉकलेट से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक ओर युवाओं का आरोप है कि यह "जुमलेबाजों की सरकार" द्वारा असली समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर समर्थकों का दावा है कि किसी भी लोकप्रिय नेता के नाम पर उत्पाद या प्रचार सामग्री बनाना कोई नई बात नहीं है। यह पूरी बहस इस प्रश्न पर केंद्रित है कि क्या यह महज़ एक मार्केटिंग रणनीति है, या फिर युवाओं की बढ़ती नाराज़गी की एक और नई वजह।
देश में 'मोदी मेलोडी चॉकलेट' को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छिड़ गई है, जिसने युवाओं में भारी रोष पैदा किया है। कुछ युवा इसे राजनीतिक प्रचार का एक नया तरीका बता रहे हैं, जबकि इसके समर्थक इसे एक सामान्य ब्रांडिंग गतिविधि का हिस्सा मानते हैं। यह बवाल ऐसे समय में आया है जब देश के सामने रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे बड़े मुद्दे हैं, जिनसे ऐसी चीज़ें ध्यान भटकाने का काम करती हैं। सोशल मीडिया पर इस चॉकलेट से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक ओर युवाओं का आरोप है कि यह "जुमलेबाजों की सरकार" द्वारा असली समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर समर्थकों का दावा है कि किसी भी लोकप्रिय नेता के नाम पर उत्पाद या प्रचार सामग्री बनाना कोई नई बात नहीं है। यह पूरी बहस इस प्रश्न पर केंद्रित है कि क्या यह महज़ एक मार्केटिंग रणनीति है, या फिर युवाओं की बढ़ती नाराज़गी की एक और नई वजह।
- समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाई बैलगाड़ी से कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- मथुरा में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के तहत, थाना राया पुलिस ने एक आरोपी को 661 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भूपेन्द्र के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय राजवीर सिंह का पुत्र और गांव बिरहना, थाना राय का निवासी है। पुलिस के अनुसार, भूपेन्द्र के कब्जे से यह अवैध नशीला पदार्थ गांजा बरामद किया गया। इस बरामदगी के आधार पर, थाना राया में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम सहित तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- मथुरा जिले में भू-माफियाओं के हौसले काफी बुलंद दिखाई दे रहे हैं। ये भू-माफिया उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेशों को खुलेआम धता बताते हुए जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।1
- तपती धूप के बीच परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को 'हाथरस मिष्ठान भंडार' के स्वामी अरविंद शर्मा से शर्बत और फल का सहारा मिला है। अरविंद शर्मा ने गर्मी से परेशान परिक्रमार्थियों को राहत देते हुए यह सेवा कार्य किया, जिसे सेवा की एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।1
- गुरुवार सुबह गोवर्धन के अड़ीग बाईपास पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सुबह करीब साढ़े 9 से 10 बजे के बीच हुई, और हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अड़ीग निवासी 25 वर्षीय जितेंद्र अपनी बाइक (संख्या UP 85 CR 4095) से घर से अड़ीग बाईपास पहुंचा ही था कि सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उसे सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक उछलकर सड़क पर जा गिरा और उसके सिर, हाथ व पैर में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल जितेंद्र को तत्काल सीएचसी गोवर्धन ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। जितेंद्र के परिजनों ने अड़ीग पुलिस चौकी में घटना की तहरीर दी है। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि बाईपास के आसपास और दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, ताकि आरोपी वाहन और उसके चालक की पहचान कर उचित कार्रवाई की जा सके। इस संबंध में, चौकी प्रभारी अड़ीग प्रदीप भदोरिया ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद से ही सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है और जल्द ही आरोपी वाहन का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।1
- गाजियाबाद से मिली एक बड़ी खबर के अनुसार, सूर्या की मां को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। उन्हें खोड़ा नगर पालिका में सफाई सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी ने स्वयं उन्हें यह नियुक्ति पत्र सौंपा है।1
- देश में 'मोदी मेलोडी चॉकलेट' को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छिड़ गई है, जिसने युवाओं में भारी रोष पैदा किया है। कुछ युवा इसे राजनीतिक प्रचार का एक नया तरीका बता रहे हैं, जबकि इसके समर्थक इसे एक सामान्य ब्रांडिंग गतिविधि का हिस्सा मानते हैं। यह बवाल ऐसे समय में आया है जब देश के सामने रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे बड़े मुद्दे हैं, जिनसे ऐसी चीज़ें ध्यान भटकाने का काम करती हैं। सोशल मीडिया पर इस चॉकलेट से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक ओर युवाओं का आरोप है कि यह "जुमलेबाजों की सरकार" द्वारा असली समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर समर्थकों का दावा है कि किसी भी लोकप्रिय नेता के नाम पर उत्पाद या प्रचार सामग्री बनाना कोई नई बात नहीं है। यह पूरी बहस इस प्रश्न पर केंद्रित है कि क्या यह महज़ एक मार्केटिंग रणनीति है, या फिर युवाओं की बढ़ती नाराज़गी की एक और नई वजह।1
- बुधवार को मथुरा के छाता क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब छाता फ्लाईओवर पर एक कार और दो ट्रकों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और फ्लाईओवर पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे मौके पर भारी जाम लगने की आशंका पैदा हो गई। हादसे के बाद राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भीषण दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही छाता पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए मोर्चा संभाल लिया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क के किनारे हटवाने की कार्रवाई शुरू की और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। पुलिस की तत्परता और मुस्तैदी के चलते जाम की स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया और फ्लाईओवर पर यातायात सामान्य रूप से संचालित होने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते मौके पर नहीं पहुंचती तो फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग सकता था और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ सकती थी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को एक ओर कराकर ट्रैफिक को हरी झंडी दिखाई और आवागमन को पूरी तरह बहाल कर दिया। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि इस बड़े हादसे में किसी तरह की जनहानि न होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।4