सोनभद्र जनपद में भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण, खसरा मूल्यांकन और डिजिटलीकरण की महत्वाकांक्षी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल हुए। जिलाधिकारी ने भूमि अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण, ऑनलाइन डाटा फीडिंग, जीआईएस मैपिंग और भूमि वर्गीकरण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते समय में भूमि अभिलेखों का डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है, जो राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा, साथ ही आमजन को भी भूमि संबंधी सूचनाएं आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी गांवों के खसरा नंबरों का तहसीलवार एवं ग्रामवार डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, ताकि भूमि अभिलेखों का सुव्यवस्थित और स्थायी रिकॉर्ड बन सके। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात पंचायत सहायकों के माध्यम से ऑनलाइन फीडिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका मानना था कि पंचायत सहायकों की भागीदारी से ग्राम स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों का संकलन, सत्यापन और ऑनलाइन अपलोडिंग का कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, सभी उप जिलाधिकारियों को इस कार्य की नियमित निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। परियोजना के अंतर्गत, प्रत्येक खसरा संख्या का वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा, जिसमें भूमि की स्थिति, सड़क संपर्क, सड़क की चौड़ाई, सड़क की श्रेणी और आवासीय क्षेत्रों से दूरी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को डिजिटल डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। जीआईएस और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग करके प्रत्येक भूखंड की सटीक स्थिति चिन्हित की जाएगी, जिससे भूमि संबंधी सूचनाओं की विश्वसनीयता और उपयोगिता बढ़ेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों का वर्गीकरण उनकी चौड़ाई और श्रेणी के आधार पर, जबकि खसरों का विश्लेषण मुख्य सड़क एवं आबादी क्षेत्र से दूरी के आधार पर किया जाएगा। यह विधि विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, आवासीय योजनाओं और अन्य सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान में आसानी लाएगी। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सोनभद्र जनपद के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेशकों को उपयुक्त भूमि की जानकारी सरलता से उपलब्ध कराएगा, विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएगा और भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में भी सहायक होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, खसरा टैगिंग, जीआईएस मैपिंग, सड़क वर्गीकरण और दूरी विश्लेषण जैसे सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। साथ ही, पुराने अभिलेखों के डिजिटलीकरण, सीमांकन संबंधी समस्याओं और विभागीय समन्वय जैसी चुनौतियों का समाधान आपसी सहयोग एवं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि खसरा अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण और ऑनलाइन डाटा प्रबंधन प्रणाली सोनभद्र जनपद में भूमि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक, जवाबदेह और जनहितैषी बनाएगी, तथा भविष्य में निवेश, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
सोनभद्र जनपद में भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण, खसरा मूल्यांकन और डिजिटलीकरण की महत्वाकांक्षी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल हुए। जिलाधिकारी ने भूमि अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण, ऑनलाइन डाटा फीडिंग, जीआईएस मैपिंग और भूमि वर्गीकरण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते समय में भूमि अभिलेखों का डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है, जो राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा, साथ ही आमजन को भी भूमि संबंधी सूचनाएं आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी गांवों के खसरा नंबरों का तहसीलवार एवं ग्रामवार डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, ताकि भूमि अभिलेखों का सुव्यवस्थित और स्थायी रिकॉर्ड बन सके। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात पंचायत सहायकों के माध्यम से ऑनलाइन फीडिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका मानना था कि पंचायत सहायकों की भागीदारी से ग्राम स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों का संकलन, सत्यापन और ऑनलाइन अपलोडिंग का कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, सभी उप जिलाधिकारियों को इस कार्य की नियमित निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। परियोजना के अंतर्गत, प्रत्येक खसरा संख्या का वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा, जिसमें भूमि की स्थिति, सड़क संपर्क, सड़क की चौड़ाई, सड़क की श्रेणी और आवासीय क्षेत्रों से दूरी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को डिजिटल डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। जीआईएस और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग करके प्रत्येक भूखंड की सटीक स्थिति चिन्हित की जाएगी, जिससे भूमि संबंधी सूचनाओं की विश्वसनीयता और उपयोगिता बढ़ेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों का वर्गीकरण उनकी चौड़ाई और श्रेणी के आधार पर, जबकि खसरों का विश्लेषण मुख्य सड़क एवं आबादी क्षेत्र से दूरी के आधार पर किया जाएगा। यह विधि विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, आवासीय योजनाओं और अन्य सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान में आसानी लाएगी। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सोनभद्र जनपद के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेशकों को उपयुक्त भूमि की जानकारी सरलता से उपलब्ध कराएगा, विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएगा और भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में भी सहायक होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, खसरा टैगिंग, जीआईएस मैपिंग, सड़क वर्गीकरण और दूरी विश्लेषण जैसे सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। साथ ही, पुराने अभिलेखों के डिजिटलीकरण, सीमांकन संबंधी समस्याओं और विभागीय समन्वय जैसी चुनौतियों का समाधान आपसी सहयोग एवं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि खसरा अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण और ऑनलाइन डाटा प्रबंधन प्रणाली सोनभद्र जनपद में भूमि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक, जवाबदेह और जनहितैषी बनाएगी, तथा भविष्य में निवेश, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
- सोनभद्र में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने एक मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने जोर देकर कहा कि निष्पक्ष एवं नकलविहीन परीक्षाएं आयोजित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे हर अभ्यर्थी को समान और उचित अवसर प्राप्त हो सकें। समारोह के दौरान, मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों और चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा भी की।1
- सोनभद्र जनपद में दिनांक 01 जून 2026 को जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशों के क्रम में, सभी नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषद में स्वच्छता अभियान के दूसरे दिन व्यापक स्तर पर नालों और नालियों की सफाई कराई गई। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत प्रदान करना और उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान, सफाई कर्मियों द्वारा प्रमुख नालों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की विशेष साफ-सफाई की गई। इन कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिशासी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें और अभियान को निरंतर गति प्रदान करें। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सभी नगर निकायों से आग्रह किया कि वे साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयास करते रहें।3
- सोनभद्र के जिलाधिकारी महोदय ने जिले में चलाए जा रहे नाला सफाई अभियान के संबंध में एक बयान जारी किया है।1
- सोनभद्र जिले के नाग नार हरैया मधुपुर क्षेत्र में करीब 1 बजकर 45 मिनट पर तेज़ आंधी-तूफान आया।1
- जनपद सोनभद्र की सभी नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषदों में दिनांक 01 जून 2026 को स्वच्छता अभियान के दूसरे दिन जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशों के तहत व्यापक स्तर पर नालों और नालियों की सफाई की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाना और उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान, सफाई कर्मियों ने प्रमुख नालों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की विशेष साफ-सफाई की। कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा रही है। संबंधित अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें और अभियान को निरंतर गति प्रदान करते रहें। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि सभी नगर निकायों को अपनी साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।2
- पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन ने सोनभद्र के रेणुकूट स्थित पद्मिनी होटल में हिंदी पत्रकारिता दिवस का उत्सव मनाया। इस विशेष अवसर पर, एसोसिएशन ने समारोह में उपस्थित सभी पत्रकारों को अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस आयोजन की कुछ झलकियां साझा करते हुए, मूल पोस्ट में दर्शकों से पब्लिक शुरू ऐप पर चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह भी किया गया।1
- सोनभद्र जनपद के कोन थाना क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में ₹10,000 की इनामिया घोषित स्टाफ नर्स और उसकी सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला गंभीरता से लिया गया था क्योंकि अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा था। घटना के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, इस प्रकरण का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और शीघ्र उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है। क्षेत्राधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इन गिरफ्तारियों को महिला को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार अभी भी बना हुआ है।1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1